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RIL की AGM शुक्रवार को, क्या हैं उम्मीदें, शेयर का ऐतिहासिक प्रदर्शन और रणनीति

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पिछले साल यानी 2024 में हुई  एजीएम में मुकेश अंबानी नियंत्रित समूह ने 2030 तक अपने कारोबार में दोगुनी वृद्धि का अनुमान जताया था

Last Updated- August 27, 2025 | 10:53 PM IST
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रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) की सालाना आम बैठक (एजीएम) शुक्रवार 29 अगस्त को हो रही है। उम्मीद की जा रही है कि इस बैठक में कंपनी 2030 तक समग्र कारोबार को दोगुना करने की अपनी योजनाओं की जानकारी देगी। विश्लेषकों ने कहा कि इसके अलावा तीन-चार वर्षों में जियो और खुदरा कारोबार को दोगुना करने के लिए रोडमैप पर भी नजर रहेगी। यह भी देखा जाएगा कि तेल-से-रसायन (ओ2सी) खंड से होने वाली आय को कंपनी अपने नए ऊर्जा (एनई) कारोबार वर्टिकल में दोहराने के लिए किस योजना को बताती है।

पिछले साल यानी 2024 में हुई  एजीएम में मुकेश अंबानी नियंत्रित समूह ने 2030 तक अपने कारोबार में दोगुनी वृद्धि का अनुमान जताया था जिसमें अगले तीन-चार वर्षों में जियो और रिटेल के कारोबार को दोगुना करने की बात कही गई थी। इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक और शोध प्रमुख जी चोकालिंगम के अनुसार 29 अगस्त की आरआईएल की सालाना आम बैठक (एजीएम) आगे की राह बताने वाली होगी जिसमें उपभोक्ता/एफएमसीजी कारोबारों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

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उन्होंने कहा, बाजार इस बात पर भी स्पष्टता का इंतजार कर रहा है कि कंपनी नए ऊर्जा और दूरसंचार (जियो) कारोबारों से शेयरधारकों के लिए मूल्य कैसे अनलॉक करने की योजना बना रही है। ये ही तीन बातें बाजार के दिमाग में सबसे ऊपर हैं। इस बीच, ऐस इक्विटी के आंकड़ों के अनुसार एक्सचेंजों पर यह शेयर बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और कैलेंडर वर्ष 2025 में अब तक करीब 16.5 फीसदी की बढ़त दर्ज कर चुका है जबकि इस दौरान बीएसई तेल एवं गैस सूचकांक में 0.7 फीसदी की बढ़त हुई है और बीएसई सेंसेक्स का रिटर्न सपाट रहा है।

चोकालिंगम ने कहा कि ऐसा उम्दा प्रदर्शन मुख्यतः इस उम्मीद से हुआ है कि जियो भविष्य में कंपनी और शेयरधारकों के लिए वैल्यू अनलॉक करेगी। उनका मानना है कि अगर कंपनी वैल्यू अनलॉक करने में सक्षम होती है तो वह आरआईएल के भविष्य की वृद्धि, खासकर दूरसंचार व्यवसाय, में मददगार साबित हो सकती है।

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चोकालिंगम ने कहा, इस शेयर को लंबी अवधि के नजरिये से खरीदा जा सकता है। एकमात्र समस्या यह है कि आरआईएल सस्ते रूसी तेल की बड़ी लाभार्थी है, जिस पर प्रतिकूल टैरिफ की सूरत में असर पड़ सकता है। हालांकि आरआईएल के कुल राजस्व में तेल और गैस व्यवसाय की हिस्सेदारी घट रही है। अन्य कारोबारों में वृद्धि के लिए मध्यम से लंबी अवधि में शेयर के दोबारा मूल्यांकन की आवश्यकता होगी। यूबीएस के विशेषज्ञ भी उम्मीद करते हैं कि आरआईएल का शेयर आने वाले 12-18 महीनों में अच्छा प्रदर्शन करेगा क्योंकि पिछले पांच वर्षों में समूह की आय में परिवर्तन से मूल्य संवर्धन का रास्ता खुलेगा।

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First Published - August 27, 2025 | 10:48 PM IST

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