मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक डिफेंस खर्च पर भी पड़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के मुताबिक कई देश अब अपनी सुडिफेंस को लेकर ज्यादा सतर्क हो सकते हैं। ऐसे में डिफेंस बजट बढ़ाने और सैन्य उपकरणों की खरीद बढ़ने की संभावना है।
इस माहौल में भारत की डिफेंस कंपनियों के लिए भी नए मौके बन सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक भारत की डिफेंस इंडस्ट्री इस समय मजबूत स्थिति में है। सरकार लगातार स्वदेशी डिफेंस उत्पादन पर जोर दे रही है और भारतीय कंपनियां धीरे-धीरे वैश्विक हथियार बाजार में अपनी पहचान बना रही हैं। इससे घरेलू ऑर्डर के साथ-साथ निर्यात के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
हालांकि रिपोर्ट में एक चिंता भी जताई गई है। अगर मिडिल ईस्ट में संघर्ष लंबा चलता है तो सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है। भारत कई अहम डिफेंस उपकरणों और कंपोनेंट्स के लिए इजरायल पर निर्भर है। खासकर मिसाइल सिस्टम, एयर डिफेंस और रडार से जुड़े कई महत्वपूर्ण हिस्से इजरायल से आते हैं। ऐसे में अगर वहां से सप्लाई प्रभावित होती है तो कुछ प्रोजेक्ट्स की डिलीवरी में देरी हो सकती है।
रिपोर्ट के मुताबिक मिडिल ईस्ट पहले से ही वैश्विक हथियार आयात का बड़ा केंद्र है। SIPRI के आंकड़ों के अनुसार 2025 में दुनिया के कुल हथियार आयात का करीब 26 प्रतिशत हिस्सा इसी क्षेत्र से आया था। अगर तनाव और बढ़ता है तो हथियारों की मांग भी बढ़ सकती है। इससे भारतीय कंपनियों के लिए नए बाजार खुल सकते हैं।
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भारत में भी डिफेंस खर्च तेजी से बढ़ रहा है। सरकार ने हाल के बजट में डिफेंस पूंजी खर्च को करीब 18 प्रतिशत बढ़ाकर 2.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। इसके साथ ही अब तक 7 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के डिफेंस प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी जा चुकी है। इसका मतलब है कि आने वाले वर्षों में डिफेंस कंपनियों को बड़े ऑर्डर मिल सकते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक अगले 15 से 18 महीनों में कई बड़े डिफेंस ऑर्डर फाइनल हो सकते हैं। तेजस लड़ाकू विमान, मिसाइल सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर और एयर डिफेंस सिस्टम से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स आगे बढ़ सकते हैं। कई कंपनियों के पास पहले से ही मजबूत ऑर्डर पाइपलाइन मौजूद है।
सरकार ने हाल ही में डिफेंस एक्विजिशन प्रोसीजर (DAP) 2026 को अपडेट किया है। इसका मकसद डिफेंस उत्पादन में स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देना और आयात पर निर्भरता कम करना है। नई नीति में देश में बनने वाले हिस्से की न्यूनतम सीमा बढ़ाई गई है और खरीद प्रक्रिया को भी आसान बनाया गया है।
मोतीलाल ओसवाल ने डिफेंस सेक्टर की कुछ कंपनियों पर भरोसा जताया है। ब्रोकरेज ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) पर BUY रेटिंग दी है। इस शेयर का मौजूदा भाव करीब ₹458 है और इसका टारगेट ₹520 रखा गया है। यानी यहां से इसमें करीब 13–15% तक बढ़त की संभावना बताई गई है।
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (HAL) पर भी ब्रोकरेज का रुख पॉजिटिव है। HAL का मौजूदा भाव करीब ₹3,989 है और इसके लिए ₹5,500 का टारगेट दिया गया है। यानी इस शेयर में करीब 35% से ज्यादा बढ़त की संभावना जताई गई है।
इसी तरह भारत डायनेमिक्स (BDL) पर भी BUY रेटिंग दी गई है। इसका मौजूदा भाव करीब ₹1,336 है और ब्रोकरेज ने इसका टारगेट ₹1,800 रखा है। यानी इसमें 30% से ज्यादा बढ़त की संभावना बताई गई है।
एस्ट्रा माइक्रोवेव पर भी ब्रोकरेज ने BUY रेटिंग दी है। इस शेयर का मौजूदा भाव करीब ₹1,008 है और इसका टारगेट ₹1,150 तय किया गया है। यानी इसमें करीब 14% तक बढ़त की संभावना बताई गई है।
वहीं Zen Technologies को लेकर ब्रोकरेज थोड़ा सावधान है। इस शेयर का मौजूदा भाव करीब ₹1,443 है और इसका टारगेट ₹1,400 रखा गया है। इसलिए इस पर फिलहाल Neutral रेटिंग दी गई है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)