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SAIL के मजबूत तिमाही नतीजों के बाद शेयर पर बढ़ा भरोसा, ब्रोकरेज ने दिए 200 से 225 रुपये तक के टारगेट

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स्टील की बढ़ती कीमतों और बेहतर ऑपरेशनल प्रदर्शन से मार्च तिमाही में कंपनी की कमाई में बड़ा उछाल देखने को मिला

Last Updated- May 18, 2026 | 2:37 PM IST
SAIL

सरकारी स्टील कंपनी SAIL ने मार्च तिमाही में ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने बाजार को चौंका दिया। कमजोर मांग और महंगे कच्चे माल की चिंता के बीच कंपनी की कमाई उम्मीद से कहीं बेहतर रही। यही वजह है कि नतीजों के बाद शेयर में भी हल्की तेजी देखने को मिली। सोमवार को BSE पर SAIL का शेयर 0.26% बढ़कर 192.85 रुपये पर कारोबार करता दिखा।

कंपनी को सबसे बड़ा फायदा स्टील की बढ़ती कीमतों और बेहतर ऑपरेशनल प्रदर्शन से मिला। मार्च तिमाही में SAIL का EBITDA करीब 44 अरब रुपये रहा, जो पिछली तिमाही के मुकाबले लगभग दोगुना है। आसान भाषा में कहें तो कंपनी की ऑपरेटिंग कमाई में जबरदस्त सुधार हुआ है।

अगर प्रति टन कमाई देखें, तो कंपनी का EBITDA प्रति टन करीब 8,300 रुपये पहुंच गया, जबकि दिसंबर तिमाही में यह करीब 4,500 रुपये था। यानी हर टन स्टील बेचने पर कंपनी पहले के मुकाबले काफी ज्यादा कमा रही है।

विश्लेषकों का कहना है कि इस बार कंपनी को दो बड़े फायदे मिले। पहला, स्टील की कीमतें बढ़ीं और दूसरा, कच्चे माल की लागत उम्मीद से कम रही। इसी वजह से कंपनी के नतीजे बाजार के अनुमान से बेहतर आए।

बिक्री भी बढ़ी, उत्पादन भी मजबूत रहा

मार्च तिमाही में SAIL ने करीब 5.1 मिलियन टन स्टील का उत्पादन किया। वहीं बिक्री 5.3 मिलियन टन रही। कंपनी ने बाजार में आक्रामक तरीके से बिक्री बढ़ाई और पुराना स्टॉक भी तेजी से निकाला। इसका फायदा सीधे कमाई में दिखा। पूरे FY26 की बात करें तो कंपनी की कुल बिक्री करीब 19.9 मिलियन टन रही, जो पिछले साल से 12% ज्यादा है।

मुनाफा कई गुना बढ़ा

कंपनी का एडजस्टेड मुनाफा मार्च तिमाही में करीब 21.7 अरब रुपये रहा। पिछली तिमाही में यह सिर्फ 3.7 अरब रुपये था। यानी तीन महीने में मुनाफे में बड़ा उछाल देखने को मिला। ब्रोकरेज फर्मों का कहना है कि मजबूत ऑपरेटिंग प्रदर्शन और दूसरी आय बढ़ने से कंपनी का नेट प्रॉफिट काफी सुधरा है।

अब आगे क्या?

ब्रोकरेज फर्म Emkay का मानना है कि स्टील की कीमतें अभी मजबूत बनी हुई हैं। अगर यही ट्रेंड जारी रहा, तो जून तिमाही में SAIL की प्रति टन कमाई और बढ़ सकती है। फर्म ने शेयर पर BUY रेटिंग रखते हुए 200 रुपये का टारगेट दिया है।

मोतीलाल ओसवाल इससे भी ज्यादा बुलिश दिखा। ब्रोकरेज ने शेयर पर 225 रुपये का टारगेट दिया है। उनका कहना है कि कंपनी की बिक्री, कीमतें और ऑपरेशनल सुधार आगे भी कमाई को मजबूत रख सकते हैं।

हालांकि हर कोई इतना पॉजिटिव नहीं है। नुवामा ने शेयर पर ‘REDUCE’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी अब बड़े विस्तार प्लान पर काम कर रही है, जिसकी वजह से आने वाले दो साल में कर्ज काफी बढ़ सकता है।

कंपनी ने रखा बड़ा टारगेट

SAIL मैनेजमेंट ने FY27 में 22.5 मिलियन टन बिक्री का लक्ष्य रखा है। इसमें RINL का योगदान भी शामिल होगा। हालांकि कुछ विश्लेषकों को लगता है कि बिना बड़ी नई क्षमता जोड़े इतना बड़ा लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं होगा। कंपनी फिलहाल छोटे-छोटे सुधार और मशीनों की क्षमता बेहतर बनाकर उत्पादन बढ़ाने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा आने वाले समय में कर्मचारियों के वेतन संशोधन का असर भी लागत पर पड़ सकता है। यानी कंपनी को आगे बेहतर कमाई बनाए रखने के लिए कीमतों और मांग दोनों का मजबूत रहना जरूरी होगा।

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)

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First Published - May 18, 2026 | 2:37 PM IST

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