facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

SAT ने SEBI के आदेश के खिलाफ सुभाष चंद्रा, पुनीत गोयनका को अंतरिम राहत देने से किया इनकार

Advertisement

बाजार नियामक ने चंद्रा और गोयनका पर यह कार्रवाई जेडईईएल के पैसे दूसरी जगह भेजने के मामले में दोषी पाए जाने के बाद की।

Last Updated- June 16, 2023 | 2:07 PM IST
SEBI

प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (SAT) ने एस्सेल समूह के चेयरमैन सुभाष चंद्रा और उनके बेटे पुनीत गोयनका को SEBI के आदेश के खिलाफ कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। इससे पहले भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने सोमवार को चंद्रा और समूह की कंपनी जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (जेडईईएल) के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी पुनीत गोयनका पर किसी भी सूचीबद्ध कंपनी में निदेशक या किसी प्रमुख प्रबंधकीय पद लेने की रोक लगा दी थी।

बाजार नियामक ने चंद्रा और गोयनका पर यह कार्रवाई जेडईईएल के पैसे दूसरी जगह भेजने के मामले में दोषी पाए जाने के बाद की। सैट ने चंद्रा और गोयनका की अपील पर सुनवाई करते हुए SEBI को 48 घंटे के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। SAT मामले की अगली सुनवाई 19 जून को करेगा।

न्यायाधिकरण ने गुरुवार को पारित अपने आदेश में कहा, ‘हमें लगता है कि इस स्तर पर एक अंतरिम आदेश पारित करने का अर्थ वास्तव में अपील को स्वीकार करना होगा।’ सूत्रों ने कहा कि चंद्रा और गोयनका की याचिका के अनुसार उन्हें कोई कारण बताओ नोटिस जारी नहीं किया गया था और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन नहीं किया गया।

Advertisement
First Published - June 16, 2023 | 2:07 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement