सरकारी बैंकों के शेयरों में सोमवार को अच्छी तेजी देखने को मिली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स इंट्रा-डे में करीब 2 प्रतिशत बढ़कर 9,039 के स्तर पर पहुंच गया। दोपहर करीब 1:43 बजे यह इंडेक्स 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ सेक्टर के अन्य इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन कर रहा था, जबकि निफ्टी 50 में केवल हल्की बढ़त रही।
अलग-अलग शेयरों की बात करें तो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) का शेयर करीब 4 प्रतिशत चढ़कर 1,120 रुपये के आसपास पहुंच गया। इसके अलावा बैंक ऑफ महाराष्ट्र, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक और यूनियन बैंक के शेयर भी 1 से 3 प्रतिशत तक बढ़े।
अप्रैल महीने में अब तक निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स ने बाजार से बेहतर प्रदर्शन किया है। यह इंडेक्स करीब 15 प्रतिशत चढ़ चुका है, जबकि इसी दौरान निफ्टी 50 में लगभग 9.6 प्रतिशत की बढ़त रही है। इससे पहले फरवरी 2026 में यह इंडेक्स 9,918 के अपने ऑल-टाइम हाई तक पहुंच चुका है।
इस तेजी के पीछे एक बड़ा कारण प्राइवेट बैंकों के अच्छे नतीजे हैं। HDFC बैंक, ICICI बैंक और Yes बैंक ने मार्च तिमाही (Q4FY26) के लिए मजबूत नतीजे पेश किए हैं। खासकर Yes बैंक का मुनाफा सालाना आधार पर करीब 45 प्रतिशत बढ़कर 1,068 करोड़ रुपये हो गया। बैंक की आय और मार्जिन में भी सुधार देखने को मिला, साथ ही बैड लोन (NPA) में भी कमी आई है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज का मानना है कि पीएसयू बैंकों की एसेट क्वालिटी पर ज्यादा दबाव नहीं आएगा और पुराने बैड लोन से रिकवरी जारी रहेगी। ब्रोकरेज के मुताबिक, Q4FY26 में पीएसयू बैंकों का मुनाफा करीब 2.1 प्रतिशत बढ़ सकता है।
वहीं, एक्सिस सिक्योरिटीज के एनालिस्ट्स का कहना है कि इस तिमाही में एसेट क्वालिटी आमतौर पर मजबूत रहती है और इस बार भी ऐसा ही रहने की उम्मीद है। नए बैड लोन में कमी आ सकती है और बैंकिंग सेक्टर की स्थिति स्थिर बनी रह सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आगे चलकर निवेशकों की नजर बैंकों के मार्जिन, ब्याज दरों के असर और ग्लोबल परिस्थितियों पर रहेगी। हालांकि, कुल मिलाकर पीएसयू बैंकों की स्थिति अभी मजबूत दिख रही है।