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SBI के शेयरों में भारी गिरावट, दो दिन में निवेशकों के करोड़ों डूबे; लेकिन ब्रोकरेज ने फिर क्यों दी ‘BUY’ रेटिंग?

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कमजोर तिमाही नतीजों और गिरते मुनाफे के कारण एसबीआई के शेयरों में बड़ी गिरावट आई है। हालांकि, ब्रोकरेज हाउस अब भी बैंक की मजबूत लोन ग्रोथ को देखते हुए निवेश की सलाह दे रहे हैं

Last Updated- May 11, 2026 | 9:42 PM IST
State Bank of India (SBI)
फोटो क्रेडिट: Shutterstock

सोमवार को शेयर बाजारों में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के शेयर में भारी गिरावट देखने को मिली। विश्लेषकों ने इस शेयर के लिए अपने आय अनुमान और कीमत लक्ष्य घटा दिए जिसके बाद इसमें गिरावट आई। देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक  ने पिछले वित्त वर्ष  की मार्च तिमाही में अनुमान के मुकाबले कमजोर मुनाफा दर्ज किया।

सोमवार को बीएसई पर एसबीआई का शेयर 4.52 प्रतिशत गिर गया। दो दिन में इसमें कुल 10.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसकी तुलना में, सेंसेक्स सोमवार को 1.7 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। एसबीआई का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 5.6 प्रतिशत बढ़ा। लेकिन तिमाही आधर पर 6.4 प्रतिशत गिरकर 19,684 करोड़ रुपये रह गया। इस वृद्धि पर उसके शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) में भारी गिरावट (जो अब 3 प्रतिशत से नीचे है) और ट्रेजरी में ज्यादा नुकसान का असर पड़ा। इसके अलावा, शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) सालाना आधार पर 4 प्रतिशत बढ़ी और तिमाही आधार पर 1 प्रतिशत घटकर 44,380 करोड़ रुपये रह गई, लेकिन ऋण खातों में मजबूत बढ़ोतरी के बावजूद यह अनुमान से कम रही।

एसबीआई का वृद्धि अनुमान

प्रबंधन ने 13 से 15 प्रतिशत की ऋण वृद्धि का अनुमान दिया है और उम्मीद जताई है कि वित्त वर्ष 2027 में घरेलू एनआईएम 3 प्रतिशत से ऊपर और परिसंप​त्ति पर प्रतिफल (आरओए) 1 प्रतिशत से अधिक बना रहेगा। बैंक ने अपने ऋण लागत अनुमान को 50 आधार अंक पर बनाए रखा है।

एसबीआई का शेयर खरीदें, बेचें या होल्ड करें? क्या कहते हैं ब्रोकर

मोतीलाल ओसवाल

रेटिंग: खरीदें

कीमत लक्ष्य: 1,300 रुपये

एसबीआई के चौथी तिमाही के नतीजे मिले-जुले रहे। इसमें एनआईआई और एनआईएम पर रीपो दर में पूरी तरह से हुए बदलाव, एमसीएलआर में कटौती और कुछ चुनिंदा कॉरपोरेट ऋणों के एमसीएलआर से टी-बिल से जुड़ने के कारण असर पड़ा। इस तिमाही के दौरान बॉन्ड यील्ड में तेजी आने के कारण ट्रेजरी बिलों से होने वाला मुनाफा भी कम रहा। इसके अलावा, चौथी तिमाही में स्लिपेज (लोन चुकाने में चूक) बढ़ने की वजह मौसमी कारक थे और यह सभी पीएसयू बैंकों में देखने को मिला।

सिस्टमै​टिक्स इंस्टीट्यूशनल इ​क्विटीज

रेटिंग: खरीदें

कीमत लक्ष्य: 1,250 रुपये

सिस्टमै​टिक्स इंस्टीट्यूशनल इ​क्विटीज ने वित्त वर्ष 2027 के लिए एनआईआई के अनुमान में 3.2 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2028 के लिए 2.2 प्रतिशत की कटौती की है। इसके विपरीत, उसने वित्त वर्ष 2027 और वित्त वर्ष 2028 के लिए पीपीओपी में 1.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है तथा शुद्ध मुनाफे के अनुमान में 3.4 प्रतिशत का इजाफा किया है।

एमके ग्लोबल फाइनैं​शियल सर्विसेज

रेटिंग: खरीदें

कीमत लक्ष्य: 1,225 रुपये

एसबीआई ने 17.2 प्रतिशत सालाना और तिमाही आधार पर 5.4 प्रतिशत की मजबूत ऋण वृद्धि दर्ज की, जो बैंकिग प्रणाली की वृद्धि और उसके अपने खुद के अनुमान से भी ज्यादा थी।

हालांकि वृद्धि काफी व्यापक थी। लेकिन ज्यादा कॉरपोरेट बढ़ोतरी (जिसमें टी-बिल से जुड़े कम यील्ड वाले विदेशी लोन शामिल हैं) और हाल में रीपो दर में हुई कटौती के पूरे असर की वजह से वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में एनआईएम में 18 आधार अंक की तेज गिरावट आई और यह घटकर 2.8 प्रतिशत रह गया।

जेएम फाइनैं​शियल

रेटिंग: खरीदें

कीमत लक्ष्य: 1,200 रुपये

एसबीआई के फंडामेंटल स्थिर हैं और ग्रोथ पर डिलिवरी, साथ ही नियंत्रित ऋण लागत, रिटर्न अनुपात को 1 प्रतिशत से ऊपर बनाए रखने में मदद करेगी। हमारा मानना ​​है कि वित्त वर्ष 2027 में एनआईएम/एनआईआई के नतीजों के आगे ये फीके पड़ जाएंगे। हमें उम्मीद है कि एसबीआई वित्त वर्ष 2026-28 के दौरान लगभग 1 प्रतिशत आरओए और 14 प्रतिशत का औसत आरओई बनाए रखेगा।

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First Published - May 11, 2026 | 9:42 PM IST

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