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SME IPO में धांधली पर SEBI सख्त: चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने बाजार हेरफेर और गबन पर जताई चिंता

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वित्त वर्ष 2025 में 241 एसएमई आईपीओ के जरिये 9,800 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2026 में 31 जनवरी तक 232 आईपीओ के जरिये 10,500 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं

Last Updated- February 12, 2026 | 5:05 AM IST
SEBI
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने बुधवार को छोटे और मझोले उद्यमों (एसएमई) द्वारा नियामकीय छूटों के दुरुपयोग के उदाहरण देते हुए इस पर चिंता जताई है। इन गड़बड़ियों में धन का गबन और बाजार में हेरफेर शामिल है। साथ ही उन्होंने पूंजी निर्माण के लिए शक्तिशाली इंजनों के रूप में एसएमई प्लेटफॉर्म के बढ़ते महत्त्व को भी बताया।

पांडेय ने कहा, इन घटनाओं ने निवेशकों के भरोसे को बुरी तरह प्रभावित किया। उन्होंने यह भी कहा कि सेबी ने एसएमई ढांचे को मजबूत किया है ताकि यह सुनिश्चित हो कि केवल ठोस ट्रैक रिकॉर्ड वाली फर्मों को ही सार्वजनिक बाजारों तक पहुंच की इजाजत मिले। 

इंडिया एसएमई फाइनैंस ऐंड इन्वेस्टमेंट समिट में पांडेय ने कहा, नियामकीय अनावश्यकता और अस्पष्टता को दूर करने के लिए सेबी लिस्टिंग ऑब्लिगेशन्स ऐंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (एलओडीआर) नियमन की व्यापक समीक्षा कर रहा है। निवेशकों की उचित सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए कारोबारी सुगमता को बेहतर बनाने के लिए एसएमई पर लागू नियामकीय और खुलासा मानदंडों की भी जांच की जा रही है।

पांडेय ने कहा कि घरेलू पूंजी बाजारों को छोटे और मझोले उद्यमों के लिए रकम के इंतजाम में बहुत बड़ी भूमिका निभानी होगी, भले ही निवेशकों की सुरक्षा के लिए दुरुपयोग के मामलों के बाद नियामक निगरानी को सख्त बना रहा हो। न्होंने कहा, छोटे व मझोले उद्यमों को वित्तपोषण के कई विकल्पों की आवश्यकता होगी – कार्यशील पूंजी के लिए बैंक ऋण, विकास के लिए इक्विटी और विस्तार के लिए बाजार आधारित ऋण। उन्होंने कहा कि गवर्नेंस मानक, खुलासे और विश्वसनीयता यह निर्धारित करेंगे कि छोटे व मझोले उद्यम पूंजी बाजारों का कितनी प्रभावी ढंग से लाभ उठा पाते हैं। 

अनुपालन प्रक्रिया को सरल बनाने और पारदर्शिता बढ़ाने के प्रयासों के तहत सेबी स्टॉक एक्सचेंजों के सहयोग से छोटे औ मझोले उद्यमों के लिए समर्पित पोर्टल शुरू करने की योजना बना रहा है। प्रस्तावित प्लेटफॉर्म जारीकर्ताओं की जानकारी के लिए एक ही स्थान पर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने वाला डिजिटल गेटवे होगा और अनुपालन से जुड़ी आवश्यकताओं पर स्पष्ट मार्गदर्शन देगा। इस पहल का मकसद निवेशकों की सुरक्षा मजबूत बनाए रखते हुए छोटे व मझोले उद्यमों के लिए कारोबारी सुगमता को बढ़ाना है। पांडे ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत को अगले दो दशकों में बुनियादी ढांचे, ऊर्जा परिवर्तन, आवास, सेवाओं और शहरी विकास में निरंतर निवेश की आवश्यकता होगी, जिसे केवल बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से वित्त मुहैया नहीं कराया जा सकता है।

एसएमई सेगमेंट के माध्यम से धन जुटाने का सिलसिला मजबूत बना हुआ है। वित्त वर्ष 2025 में 241 एसएमई आईपीओ के जरिये 9,800 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2026 में 31 जनवरी तक 232 आईपीओ के जरिये 10,500 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि स्टॉक एक्सचेंजों ने मर्चेंट बैंकरों और प्रवर्तकों के साथ गहन संपर्क बनाया है। जारीकर्ताओं और संबंधित संस्थाओं की साइट विजिट की है। साथ ही पेशकश दस्तावेजों की जांच करने और मंजूरी की समयसीमा कम करने के लिए आर्टिफिशल इंटेलिजेंस समेत प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जा रहा है। 

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First Published - February 12, 2026 | 5:05 AM IST

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