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संदिग्ध ट्रेडिंग पर सख्ती के लिए आ सकते हैं नए नियम, सेबी ने किया प्रस्ताव

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Last Updated- May 18, 2023 | 9:31 PM IST
SEBI

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने संदिग्ध ट्रेडिंग गतिविधियों से निपटने के लिए नए नियमन का प्रस्ताव किया है। इसके जरिये बाजार नियामक को उन इकाइयों के ​खिलाफ कार्रवाई करने में और सक्षम होगा जो बिना फंडामेंटल के असामान्य लाभ कमाते हैं।

परिचर्चा पत्र में सेबी ने प्रतिभूति बाजार संदिग्ध ट्रेडिंग गति​वि​धियों पर रोक के लिए मसौदा पेश किया है। इसका उद्देश्य कपटपूर्ण गतिवि​धियों जैसे फ्रंट रनिंग, फर्जी खातों का उपयोग, शेयरों के दाम में हेरफेर करने तथा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों के दुरुपयोग पर रोक लगाना है।

वर्तमान में बाजार नियामक धोखाधड़ी और अनुचित व्यापार व्यवहार तथा भेदिया कारोबार निषेध नियमन के ज​रिये इस तरह की गतिवि​धियों के ​खिलाफ कार्रवाई करता है। हालांकि मेसेज के अपने आप डिलीट होने जैसी नई तकनीक के आने से मौजूदा नियमन ढांचे के तहत नियामक को उल्लंघन साबित करने में चुनौती का सामना करना पड़ता है।

प्रस्तावित नियमन के अंतर्गत संदिग्ध ट्रे​डिंग गतिवि​धियों में लिप्त शख्स या असामान्य लाभ कमाने वालों को प्रतिभूति नियमों का उल्लंघन करने वाला माना जाएगा, यदि वह इसकी पर्याप्त वजह साबित करने में विफल रहते हैं।

नए नियमन का जिक्र करते हुए सेबी ने कहा, ‘नया नियमन ढांचे की अवधारणा की ऐसे मामले में जरूरत है, जहां किसी व्य​क्ति या समूह से जुड़े लोगों के संदिग्ध ट्रेडिंग रुझान का पता चलने, जैसे कि प्रतिभूतियों के लेनदेन में असामान्य लाभ, अप्रका​शित सूचनाओं की जानकारी होने, को प्रतिभूति कानून के तहत नियम का उल्लंघन माना जाएगा, अगर संबंधित व्य​क्ति इसके बारे में पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध कराने में विफल रहता है।’

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नए नियमन ढांचे में किसी व्य​क्ति या संबं​धित समूह से जुड़े शख्स द्वारा असामान्य ट्रेडिंग रुझान का पता चलने, जो​खिम लेने की क्षमता में व्यापक बदलाव होने, अप्रत्या​शित लाभ या भारी नुकसान से बचने के लिए किए गए ट्रेडिंग को पकड़ने और उसके ​खिलाफ कार्रवाई करने के तरीके बताए गए हैं। इसमें सार्वजनिक नहीं की गई ऐसी सूचनाएं भी शामिल होंगी जिसमें ऐसी जानकारी हो आम तौर पर उपलब्ध नहीं होती है या किसी प्रभावशाली व्य​क्ति द्वारा ऐसी सलाह या सिफारिश जो किसी कंपनी की प्रतिभूतियों की कीमतों पर प्रभाव डाल सकती है।

असामान्य लाभ कमाने वाले किसी व्य​क्ति या समूह पर कार्रवाई करने का प्रस्ताव आयकर विभाग द्वारा उपयोग किए जाने वाले तरीकों की तर्ज पर है।

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सेबी के प्रस्ताव के मुताबिक आरोपी को यह साबित करना होगा कि उनका ट्रेड अप्रका​शित पुख्ता सूचनाओं पर आधारित नहीं है। इसके साथ ही उन्हें अपने दावे के समर्थन में विस्तृत दस्तावेजी साक्ष्य भी उपलब्ध कराने होंगे। ऐसा करने में विफल रहने पर संबं​धित शख्स को कार्रवाई का सामना करना होगा। बाजार नियामक ने प्रस्तावित बदलाव के बारे में हितधारकों से 2 जून तक सार्वजनिक टिप्पणियां आमंत्रित की हैं।

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First Published - May 18, 2023 | 9:31 PM IST

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