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जोखिम भरे फ्यूचर और ऑप्शन ट्रेडिंग को नियंत्रित करने के प्रस्तावों पर विचार करेगा सेबी का विशेषज्ञ समूह

विकल्प वित्तीय अनुबंध होते हैं, जो धारक को अनुबंध अवधि के भीतर किसी परिसंपत्ति को तय मूल्य पर खरीदने या बेचने का अधिकार देते हैं।

Last Updated- July 07, 2024 | 5:48 PM IST
SEBI

शेयर बाजार में जोखिम भरे वायदा-विकल्प (डेरिवेटिव्स) कारोबार से छोटे निवेशकों को बचाने के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा गठित विशेषज्ञ समूह सात प्रस्तावों पर विचार करेगा। सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए कहा कि विशेषज्ञ समूह इससे जुड़े नियामकीय मुद्दों पर भी चर्चा करेगा।

उन्होंने कहा कि समूह के सदस्य निवेशक सुरक्षा को मजबूत करने और इस बाजार खंड में जोखिम में सुधार करने के लिए अल्पकालिक रणनीतियों की सिफारिश करेंगे।

मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया, ‘‘विशेषज्ञ समूह वायदा और विकल्प (एफएंडओ) कारोबार में शामिल छोटे निवेशकों की सुरक्षा के लिए सात प्रस्तावों के पक्ष और विपक्ष पर विस्तार से विचार-विमर्श करेगा। हम जानते हैं कि 10 में नौ छोटे निवेशक एफएंडओ में पैसा गंवा देते हैं। इस समूह की सिफारिशों पर अंतिम निर्णय द्वितीयक बाजार सलाहकार समिति करेगी।’’

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विकल्प वित्तीय अनुबंध होते हैं, जो धारक को अनुबंध अवधि के भीतर किसी परिसंपत्ति को तय मूल्य पर खरीदने या बेचने का अधिकार देते हैं। सूत्रों के अनुसार, इन प्रस्तावों में साप्ताहिक विकल्पों को युक्तिसंगत बनाना, परिसंपत्तियों की स्ट्राइक कीमतों को युक्तिसंगत बनाना और समाप्ति के दिन कैलेंडर स्प्रेड लाभों को हटाना शामिल है।

अन्य चार प्रस्तावों में विकल्पों के खरीदारों से विकल्प प्रीमियम का अग्रिम संग्रह, सौदे करने की सीमा की दिन में कारोबार के दौरान निगरानी, ​​लॉट आकार में वृद्धि और अनुबंध समाप्ति के निकट मार्जिन आवश्यकताओं में वृद्धि शामिल हैं।

First Published - July 7, 2024 | 5:48 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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