ट्रिलियन डॉलर क्लब में शामिल कंपनियों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। इस खास ग्रुप में शामिल नई कंपनियों में दक्षिण कोरिया की एसके हाइनिक्स और अमेरिका में सूचीबद्ध माइक्रोन टेक्नॉलजी हैं। महीने की शुरुआत में सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने भी यह उपलब्धि हासिल की थी। पिछले एक साल में सैमसंग और उसकी घरेलू प्रतिद्वंद्वी हाइनिक्स के शेयरों में क्रमशः 5 गुना और 11 गुना की तेजी आई है, जिससे दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क कोस्पी इंडेक्स रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है।
कैलेंडर वर्ष 2025 में 76 फीसदी की बढ़त के बाद इस साल इंडेक्स लगभग दोगुना हो गया है। लिहाजा, यह दुनिया का सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला प्रमुख बाजार बन गया है। दक्षिण कोरिया अभी दुनिया का सातवां सबसे बड़ा इक्विटी बाजार है और भारत से थोड़ा ही पीछे है। पिछले एक साल में पांच कंपनियां 1 ट्रिलियन डॉलर क्लब में शामिल हुई हैं। इनमें से चार आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) इकोसिस्टम से जुड़ी हैं। इससे जाहिर होता है कि कैसे यह तेजी वैश्विक बाजार के नेतृत्व को नया रूप दे रही है।
1 ट्रिलियन डॉलर क्लब में शामिल 15 कंपनियों में से 11 अमेरिका की हैं। दक्षिण कोरिया की चिप निर्माता दो कंपनियों के अलावा ताइवान की ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (टीएसएमसी) और सऊदी अरामको ही इस क्लब की एकमात्र अन्य गैर-अमेरिकी सदस्य हैं। भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज़ का बाजार पूंजीकरण लगभग 191 अरब डॉलर है और मार्केट वैल्यू के हिसाब से वह वैश्विक स्तर पर 102वें स्थान पर है।