देसी ब्रोकरेज फर्म ऐंजल वन को पिछले साल मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एमसीएक्स) में ट्रेडिंग में आई रुकावट की वजह से 19.2 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है क्योंकि उसने इस रुकावट से प्रभावित ग्राहकों को मुआवजे का भुगतान किया।
स्टॉक ब्रोकर ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के लिए निवेशकों को दिए प्रेजेंटेशन में इस नुकसान को अपने ग्राहकों के लिए एक बार की प्रतिपूर्ति के तौर पर दिखाया है जबकि सूत्रों ने पुष्टि की है कि यह मुआवजा एमसीएक्स में आई तकनीकी गड़बड़ी के कारण दिया गया।
ब्रोकरेज ने कहा कि ये नुकसान ग्राहकों के साथ संबंधों को सुरक्षित रखने और साख को होने वाले संभावित नुकसान से बचाने के लिए एक वन-टाइम गुडविल की झलक के तौर पर उठाए गए, भले ही इस समस्या की मूल वजह एक्सचेंज में ही थी।
ऐंजल वन के परिचालन, जोखिम और निगरानी प्रमुख भाविन पारेख ने कंपनी की चौथी तिमाही की आय की जानकारी के दौरान कहा, ऐंजल को मार्केट इन्फ्रास्ट्रक्चर इंस्टिट्यूशन (एमआईआई) लेवल पर एक तकनीकी दिक्कत का सामना करना पड़ा, जिसकी वजह से हमारे क्लाइंट्स के लिए ट्रेडिंग का माहौल असामान्य हो गया।
हालांकि, इस दिक्कत की असली वजह बाहरी थी और हमारी कोई ज़िम्मेदारी नहीं थी, फिर भी हमने प्रभावित क्लाइंटों को एक बार के ‘गुडविल जेस्चर’ के तौर पर आगे बढ़कर मदद की। उन्होंने इस बात की पुष्टि नहीं की कि यह दिक्कत एमसीएक्स में थी।
सूत्रों के अनुसार, इस रुकावट के दौरान क्लाइंटों को नुकसान उठाना पड़ा और उन्होंने इसके लिए ब्रोकरेज फर्म को ज़िम्मेदार ठहराया। हालांकि यह समस्या एमसीएक्स में आई तकनीकी गड़बड़ी के कारण पैदा हुई थी, फिर भी ऐंजल वन ने अपनी साख को किसी भी तरह के नुकसान से बचाने के लिए इस नुकसान की भरपाई खुद करने का फैसला किया।
पारेख ने विश्लेषकों के सवालों के जवाब में कहा, हम इस मामले पर एमआईआई के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और इसे सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। पिछले साल अक्टूबर में तकनीकी खराबी के कारण एमसीएक्स को चार घंटे तक बड़ी रुकावट का सामना करना पड़ा था, लेकिन उद्योग से जुड़े लोगों और इस मामले की सीधी जानकारी रखने वालों का कहना है कि छोटी-मोटी तकनीकी दिक्कतें अभी भी एक्सचेंज में ट्रेडिंग के अनुभव और गतिविधियों पर असर डाल रही हैं।
उद्योग के एक जानकार ने कहा, एक्सचेंज में तकनीकी दिक्कतों की वजह से ट्रेडर्स पर लगातार असर पड़ रहा है और पिछले कुछ महीनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं। एक्सचेंज को इस समस्या को हल करना चाहिए। 28 अक्टूबर, 2025 को एक्सचेंज को अपना कामकाज अपनी डिज़ास्टर रिकवरी साइट पर शिफ्ट करना पड़ा था, जिसके बाद ट्रेडिंग दोपहर 1:25 बजे दोबारा शुरू हो पाई।
कई ब्रोकर्स ने डीआर साइट पर जाने के बाद भी ट्रेड करने में आ रही दिक्कतों की शिकायत की थी। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड ने इस घटना के बाद एक्सचेंज से ब्योरा मांगा था।
इस बारे में जानकारी के लिए एमसीएक्स और ऐंजल वन को भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं मिला।