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Vedanta Resources दोबारा हो सकती है लिस्ट, अनिल अग्रवाल ने कहा- हर बिजनेस में 100 अरब डॉलर का अवसर

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वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने संकेत दिए हैं कि अगले तीन वर्षों में Vedanta Resources की विदेशी बाजार में दोबारा लिस्टिंग हो सकती है।

Last Updated- June 15, 2026 | 3:13 PM IST
Anil Agarwal Vedanta
वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल (फोटो: कमलेश पेडनेकर)

Vedanta Relisting: वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने सोमवार को वेदांता रिसोर्सेज की संभावित विदेशी बाजार में दोबारा लिस्टिंग (रिलिस्टिंग) का संकेत दिया। साथ ही उन्होंने समूह के विभिन्न कारोबारों के लिए महत्वाकांक्षी विस्तार योजना पेश करते हुए कहा कि समय के साथ कंपनी का हर बिजनेस वर्टिकल 100 अरब डॉलर का अवसर बन सकता है।

अग्रवाल ने कहा कि लंदन स्टॉक एक्सचेंज से डीलिस्ट हो चुकी वेदांता रिसोर्सेज की दोबारा लिस्टिंग फिलहाल तत्काल योजना में नहीं है, लेकिन अगले तीन वर्षों में इसे अंजाम दिया जा सकता है।

पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि हमने लंदन में अपनी कंपनी को डीलिस्ट कर दिया है, जो कभी FTSE-100 कंपनी थी। अभी इसकी लिस्टिंग हमारी प्राथमिकता में नहीं है, लेकिन भविष्य में हम इस कंपनी को फिर से लिस्ट कर सकते हैं। यह अमेरिका या किसी अन्य बाजार में हो सकती है और इससे जबरदस्त वैल्यू जेनरेशन होगा।”

उन्होंने बताया कि समूह की मौजूदा आय लगभग 23-24 अरब डॉलर है और इसे बढ़ाकर 50 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।

सोमवार को वेदांता की 4 कंपनियां हुई लिस्ट

सोमवार को वेदांता समूह की चार अलग-अलग (डीमर्ज्ड) कंपनियों वेदांता एल्युमिनियम मेटल, वेदांता पावर, वेदांता ऑयल एंड गैस और वेदांता आयरन एंड स्टील, ने शेयर बाजार में कारोबार शुरू किया।

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बीएसई पर वेदांता एल्युमिनियम मेटल का शेयर 527 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ और बाद में 538 रुपये तक पहुंच गया। वेदांता पावर 41.30 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ और 43.35 रुपये तक चढ़ा। वेदांता ऑयल एंड गैस 39 रुपये पर खुला और 40.95 रुपये के उच्च स्तर तक पहुंचा। वहीं वेदांता आयरन एंड स्टील का शेयर 22.25 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ। वेदांता के डीमर्जर को पिछले वर्ष दिसंबर में राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) ने मंजूरी दी थी।

अप्रूव्ड 1:1 डीमर्जर योजना के अंतर्गत मौजूदा लिस्टेड वेदांता लिमिटेड के प्रत्येक शेयरधारक को उसके पास मौजूद प्रत्येक एक शेयर के बदले अलग हुई प्रत्येक कंपनी का एक-एक शेयर मिलेगा।

डीमर्जर से सरल होगी कॉरपोरेट संरचना

वेदांता पहले ही कह चुकी है कि डीमर्जर से कंपनी की कॉरपोरेट संरचना सरल होगी, अलग-अलग सेक्टर्स पर केंद्रित स्वतंत्र व्यवसाय विकसित होंगे और वैश्विक निवेशकों, सॉवरेन वेल्थ फंड्स, खुदरा निवेशकों और रणनीतिक निवेशकों को भारत की ग्रोथ स्टोरी से जुड़ी शुद्ध कंपनियों में सीधे निवेश का अवसर मिलेगा।

अग्रवाल ने कहा कि भारत में प्राकृतिक संसाधनों, औद्योगिक धातुओं और ऊर्जा की बढ़ती मांग का लाभ उठाने के लिए कंपनी सभी प्रमुख व्यवसायों में बड़े पैमाने पर क्षमता विस्तार कर रही है। एल्युमिनियम कारोबार के बारे में उन्होंने कहा कि कंपनी उत्पादन में अच्छीखासी बढ़ोतरी की योजना बना रही है। उनका मानना है कि भारत में एल्युमिनियम की प्रति व्यक्ति खपत अभी बहुत कम है, जो भविष्य में विकास का बड़ा अवसर प्रदान करती है।

उन्होंने कहा, “भारत में प्रति व्यक्ति एल्युमिनियम की खपत केवल 3 किलोग्राम है, जबकि दुनिया में यह 30 से 40 किलोग्राम है।” उन्होंने एल्युमिनियम को देश के विकास के लिए “सबसे महत्वपूर्ण धातु” बताया।

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तेल एवं गैस, स्टील कारोबार पर अनिल अग्रवाल

तेल एवं गैस कारोबार के बारे में अग्रवाल ने कहा कि कंपनी ने ऐसे संसाधनों की पहचान कर ली है, जिनसे उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की जा सकती है। उन्होंने कहा​ कि अगले तीन वर्षों में हम 5 लाख बैरल प्रतिदिन उत्पादन के स्तर तक पहुंच सकते हैं। हमने अपने संसाधनों की मैपिंग कर ली है और हमारे पास ऐसे भंडार हैं जो 5 लाख बैरल या उससे अधिक उत्पादन कर सकते हैं।

इस्पात (स्टील) कारोबार में कंपनी 1.5 करोड़ टन उत्पादन का लक्ष्य लेकर चल रही है, जिसे अपने लौह अयस्क और कोकिंग कोल संसाधनों का समर्थन मिलेगा। अग्रवाल ने कहा कि कंपनी 1.5 करोड़ टन स्टील उत्पादन की योजना बना रही है और इसे हासिल करने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है। इसके लिए कंपनी के पास सभी आवश्यक बुनियादी ढांचे मौजूद हैं।

उन्होंने दीर्घकालिक परमाणु ऊर्जा रणनीति का भी उल्लेख किया और कहा कि भविष्य में कंपनी की कुल बिजली उत्पादन क्षमता का 20 से 25 प्रतिशत हिस्सा परमाणु ऊर्जा से आ सकता है।

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First Published - June 15, 2026 | 3:13 PM IST

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