facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

छह साल के उच्चस्तर पर FPI, जनवरी में बॉन्ड बाजार में डाले 19,800 करोड़ रुपये

भारत सरकार के बॉन्ड को जेपी मॉर्गन इंडेक्स में शामिल किए जाने के बाद एफपीआई का भारतीय बॉन्ड बाजार के प्रति आकर्षण बढ़ा है।

Last Updated- February 04, 2024 | 6:57 PM IST
FPI Trend: Continuous selling by foreign investors stopped, buyers became buyers after two months, pumped Rs 15,446 crore into the market विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली का दौर थमा, दो महीने बाद बने खरीदार, बाजार में झोंके 15,446 करोड़ रुपये
Representative Image

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने जनवरी में देश के ऋण या बॉन्ड बाजार में 19,800 करोड़ रुपये का निवेश किया है। यह बॉन्ड बाजार में एफपीआई के प्रवाह का छह साल में सबसे ऊंचा मासिक स्तर है। भारत सरकार के बॉन्ड को जेपी मॉर्गन इंडेक्स में शामिल किए जाने के बाद एफपीआई का भारतीय बॉन्ड बाजार के प्रति आकर्षण बढ़ा है।

वहीं दूसरी ओर एफपीआई ने अमेरिका में बॉन्ड पर प्रतिफल बढ़ने के बीच जनवरी में भारतीय शेयरों से 25,743 करोड़ रुपये की निकासी की है।

डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में एफपीआई ने बॉन्ड बाजार में शुद्ध रूप से 19,836 करोड़ रुपये डाले हैं। यह जून, 2017 के बाद उनके निवेश का सबसे ऊंचा मासिक स्तर है। उस समय उन्होंने बॉन्ड बाजार में 25,685 करोड़ रुपये डाले थे।

इससे पहले दिसंबर में एफपीआई ने बॉन्ड में 18,302 करोड़ रुपये, नवंबर में 14,860 करोड़ और अक्टूबर में 6,381 करोड़ रुपये डाले थे।

यह वीनर्स नकली दांतों से 300 गुना बेहतर है! और कीमत बहुत सस्ती है
टूटे, टेढ़े, ढीले दांत! वीनर्स है इसका उपाए !
मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के एसोसिएट निदेशक-प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘भारत के निश्चित आय बाजार में एफपीआई का शुद्ध प्रवाह जून में 2.39 अरब डॉलर रहा है। भारत सरकार के बॉन्ड को जेपी मॉर्गन इंडेक्स में शामिल किए जाने की वजह से यह निवेश आया है।’’

जेपी मॉर्गन चेज एंड कंपनी ने पिछले साल सितंबर में घोषणा की थी कि वह जून, 2024 से भारत सरकार के बॉन्ड को अपने उभरते बाजार के बेंचमार्क में जोड़ेगी। इस ऐतिहासिक कदम से इसके बाद के डेढ़ से दो साल में भारत को 20 से 40 अरब डॉलर का निवेश आकर्षित करने में मदद करेगी।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में घोषणा की है कि वित्त वर्ष 2024-25 में राजकोषीय घाटे को कम कर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 5.1 प्रतिशत पर लाया जाएगा। यह घोषणा भी बॉन्ड बाजार की दृष्टि से सकारात्मक है।

कुल मिलाकर, 2023 में एफपीआई ने शेयरों में 1.71 लाख करोड़ रुपये और ऋण या बॉन्ड बाजार में 68,663 करोड़ रुपये डाले थे। इस तरह पूंजी बाजार में उनका कुल निवेश 2.4 लाख करोड़ रुपये रहा था।

First Published - February 4, 2024 | 11:22 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट