सोमवार को बंधन बैंक का शेयर 7.46 प्रतिशत गिर गया। इसकी वजह ये खबरें थीं कि बैंक की प्रमोटर बंधन फाइनैंशियल सर्विसेज लंबे समय के निवेशकों को बाहर निकलने में मदद करने के लिए हिस्सेदारी बेचने या आईपीओ जैसे विकल्पों पर विचार कर रही है। दिन के कारोबार में यह शेयर 12.21 प्रतिशत तक गिरकर 154.15 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गया था लेकिन बाद में गिरावट कुछ कम हुई और आखिर में बीएसई पर यह 162.50 रुपये पर बंद हुआ।
खबरों के मुताबिक बंधन फाइनैंशियल सर्विसेज ने संभावित विकल्पों का मूल्यांकन करने के लिए जेफरीज को नियुक्त किया है। इन विकल्पों में प्राइवेट इक्विटी निवेशकों को शेयर बेचना या आईपीओ लाना शामिल है। इस कदम का मकसद अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम (आईएफसी) और जीआईसी वेंचर्स जैसे लंबे समय के संस्थागत निवेशकों को बाहर निकलने का रास्ता देना है और साथ ही बैंक में प्रमोटर शेयरहोल्डिंग से जुड़ी नियामकीय जरूरतों को भी पूरा करना है।
बंधन फाइनैंशियल सर्विसेज के पास अभी बंधन बैंक में 39.74 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। इस मामले पर बंधन फाइनैंशियल सर्विसेज के बोर्ड की बैठक में चर्चा हुई थी। एक्सचेंजों द्वारा मांगी गई सफाई के जवाब में बैंक ने कहा कि उसे ऐसी किसी भी घटना की जानकारी नहीं है और इस बारे में उसे कोई सूचना नहीं मिली है।
बंधन बैंक ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा, ‘बैंक यह स्पष्ट करता है कि उसे ऐसी किसी भी घटना की जानकारी नहीं है और बैंक को इस बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। चूंकि बैंक को ऐसी किसी भी घटना की जानकारी नहीं है, इसलिए बैंक ऊपर बताई गई खबर की सत्यता पर टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं है।’
बैंक ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में अपने शुद्ध मुनाफे में पिछले साल के मुकाबले 52 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की। यह मुनाफा पिछले साल इसी तिमाही के 426 करोड़ रुपये के मुकाबले घटकर 206 करोड़ रुपये रह गया। शुद्ध ब्याज आय 4.5 प्रतिशत गिरकर 2,814 करोड़ रुपये से 2,688 करोड़ रुपये पर आ गई।