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मार्जिन ट्रेडिंग में बूम: ब्रोकरों का MTF अकाउंट पहली बार 1 लाख करोड़ रुपये के पार निकला

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एमटीएफ के तहत किसी निवेशक को शेयरों की कीमतों का सिर्फ एक हिस्सा ही अग्रिम देकर इक्विटी खरीद की सुविधा दी जाती है

Last Updated- September 11, 2025 | 10:12 PM IST
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भारतीय ब्रोकर फर्मों की मार्जिन ट्रेडिंग की सुविधा (एमटीएफ) में उछाल देखने को मिल रही है और इसके तहत बकाया रकम इस महीने पहली बार एक लाख करोड़ रुपये के पार निकल गई। एमटीएफ के तहत किसी निवेशक को शेयरों की कीमतों का सिर्फ एक हिस्सा ही अग्रिम देकर इक्विटी खरीद की सुविधा दी जाती है। बाकी रकम ब्रोकर कर्ज के तौर पर देता है, जिस पर आम तौर पर 10 से 15 फीसदी ब्याज देना होता है।

पिछले हफ्ते के आखिर में बकाया एमटीएफ पोजीशन 1 लाख करोड़ रुपये से थोड़ी ही अधिक थीं जो पिछले साल के मुकाबले 2.3 गुना ज्यादा है। लंबी अवधि के नजरिये से यह बढ़ोतरी काफी कुछ कहती है। मार्च 2020 में कोविड संकट के चरम हालात के दौरान एमटीएफ बुक 3,200 करोड़ रुपये से कम थी।

एमटीएफ पोजीशन के आंकड़ों का खुलासा एनएसई और बीएसई करते हैं। यह संख्या किसी विशेष तारीख पर एमटीएफ का उपयोग करके खरीदे गए बकाया शेयरों के मूल्य को दर्शाती है। इस तेजी ने ब्रोकरों के लिए राजस्व का आकर्षक स्रोत का सृजन किया है, लेकिन जोखिम को लेकर चिंता भी पैदा की है।

जीरोधा में उपाध्यक्ष (प्राथमिक बाजार और भुगतान) मोहित मेहरा ने कहा कि एमटीएफ की पेशकश को परिपक्व होते देखना अच्छा है, लेकिन शेयर ब्रोकरों को एमटीएफ का विस्तार करते समय अपनी बैलेंस शीट का ध्यान रखना चाहिए। ऋण का जोखिम केवल निवेशक का ही नहीं बल्कि ब्रोकरों का भी होता है। अगर किसी ग्राहक का मुनाफे का दांव विफल हो जाता है और वह नुकसान की भरपाई नहीं कर सकता तो फिर यह घाटा ब्रोकर के ही पल्ले पड़ता है।

यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब इक्विटी बाजारों से रिटर्न कमजोर पड़ गया है। पिछले एक साल में निफ्टी-50 और निफ्टी मिडकैप-100 मोटे तौर पर सपाट रहे हैं वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 में करीब 6 फीसदी की गिरावट आई है।

एमटीएफ के तहत निवेशकों को बाजार में मुनाफे के दांव लगाने की सुविधा होती है। उद्योग के जानकारों का कहना है कि तेजी के दौर में यह रणनीति कारगर होती है। लेकिन जब बाजार फिसलन पर हों तो यह ग्राहक और अतिरिक्त धन मुहैया कराने वाले ब्रोकर दोनों के लिए जोखिम भरा हो सकता है।

5पैसा कैपिटल के सीईओ और प्रबंध निदेशक गौरव सेठ ने कहा, एमटीएफ से निवेशक सीमित पूंजी के साथ अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने में सक्षम हो सकते हैं। हालांकि, ऋण दांव लाभ और हानि दोनों को बढ़ाता है। इसलिए निवेशकों को जागरूक रहने और उचित कदम उठाने के लिए अपनी पोजीशनों पर सक्रिय रूप से नजर रखने की जरूरत है।

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First Published - September 11, 2025 | 9:57 PM IST

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