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BSE ने लॉन्च किए 4 नए मिडकैप फैक्टर इंडेक्स, निवेशकों को मिलेंगे नए मौके

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BSE 150 Midcap Index: बीएसई इंडेक्स सर्विसेज के अनुसार, नए लॉन्च किए गए इंडेक्स में एन्हांस्ड वैल्यू 30, मोमेंटम 30, लो वोलेटिलिटी 30 और क्वालिटी 30 शामिल हैं।

Last Updated- January 13, 2026 | 4:09 PM IST
BSE, Share market today
Representational Image

BSE 150 Midcap Index: बीएसई इंडेक्स सर्विसेज ने भारतीय शेयर बाजार में निवेश के नए विकल्प जोड़ते हुए बीएसई 150 मिडकैप इंडेक्स पर आधारित चार नए फैक्टर इंडेक्स लॉन्च किए है। यह कदम खास तौर पर इन-एक्टिव फंड मैनेजर्स और इंस्टीट्यूशनल निवेशकों के लिए किया गया है। ताकि उन्हें मिडकैप सेगमेंट में ज्यादा लक्षित और स्ट्रेटेजिक निवेश के मौके मिल सकें।

बीएसई इंडेक्स सर्विसेज के अनुसार, नए लॉन्च किए गए इंडेक्स में एन्हांस्ड वैल्यू 30, मोमेंटम 30, लो वोलेटिलिटी 30 और क्वालिटी 30 शामिल हैं। हर इंडेक्स बीएसई 150 मिडकैप यूनिवर्स से 30 चुनी हुई कंपनियों को ट्रैक करता है। इन कंपनियों का चयन सिर्फ बाजार पूंजीकरण के आधार पर नहीं किया गया है।चयन वैल्यू, तेजी, स्थिरता और गुणवत्ता जैसे निवेश कारकों पर आधारित है। इसका उद्देश्य मिडकैप शेयरों की उन खास खूबियों को पहचानना है, जो लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न दे सकती हैं।

इन सभी इंडेक्स में किसी एक शेयर का अधिकतम वेट 5 फीसदी रखा गया है। इनका री-कंस्ट्रक्शन हर तीन महीने में किया जाएगा। ये इंडेक्स 20 जून 2005 से बैकडेटेड हैं। इनकी बेस वैल्यू 1,000 तय की गई है। साथ ही, इनमें शामिल सभी शेयरों के लिए 100 फीसदी ट्रेडिंग फ्रीक्वेंसी जरूरी होगी। इसका मकसद इंडेक्स में अच्छी लिक्विडिटी बनाए रखना है।

लॉन्ग टर्म पोर्टफोलियो के लिए अहम

बीएसई इंडेक्स सर्विसेज के एमडी और सीईओ आशुतोष सिंह ने कहा कि मिडकैप शेयर लंबे समय के पोर्टफोलियो के लिए बहुत अहम होते हैं। उन्होंने बताया कि इस लॉन्च के साथ बीएसई ने अपने फैक्टर इंडेक्स कवरेज को और बढ़ाया है। पहले यह लार्ज कैप, लार्ज–मिड कैप और ब्रॉड मार्केट 500 तक सीमित था।अब इसे मिडकैप सेगमेंट तक भी विस्तार दिया गया है। इससे निवेशकों को अलग-अलग जोखिम और रिटर्न की जरूरत के अनुसार ज्यादा विकल्प मिलेंगे।

ये नए फैक्टर इंडेक्स खास तौर पर ईटीएफ और इंडेक्स फंड जैसे इन-एक्टिव इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स के लिए बनाए गए हैं। ये पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज के लिए भी बेंचमार्क का काम करेंगे। साथ ही, म्यूचुअल फंड स्कीम्स और अन्य फंड पोर्टफोलियो में भी इनका इस्तेमाल होगा। कुल मिलाकर, यह पहल मिडकैप निवेश में ज्यादा रणनीतिक लचीलापन देती है। इसके जरिए निवेशकों के लिए नए मौके खुलने की उम्मीद है।

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First Published - January 13, 2026 | 4:09 PM IST

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