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Q4 में पूंजी बाजार की फर्मों का दमदार प्रदर्शन, AMC और ब्रोकर्स की ग्रोथ पर ब्रोकरेज का पॉजिटिव रुख

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कोटक इंस्टिट्यूशनल इक्विटीज के एक विश्लेषण के मुताबिक 12 कंपनियों के एक समूह ने 2025-26 की चौथी तिमाही में सालाना आधार पर राजस्व में 30% और आय में 19% की बढ़ोतरी दर्ज की

Last Updated- May 28, 2026 | 9:47 PM IST
AMC Stocks

पूंजी बाजार के क्षेत्र में सूचीबद्ध कंपनियों ने चौथी तिमाही में कमाई में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की, हालांकि मार्क-टु-मार्केट (एमटीएम) नुकसान की वजह से कुछ कंपनियों के कुल मुनाफे पर थोड़ा असर पड़ा। कोटक इंस्टिट्यूशनल इक्विटीज (केआईई) के एक विश्लेषण के मुताबिक 12 कंपनियों के एक समूह ने 2025-26 की चौथी तिमाही में सालाना आधार पर राजस्व में 30 फीसदी और आय में 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की। ब्रोकरेज ने बताया कि हालांकि एमटीएम की वजह से कुल कमाई में बढ़ोतरी पर असर पड़ा, लेकिन खुदरा निवेश, राजस्व आय और नए ग्राहक जोड़ने जैसे बुनियादी रुझान स्थिर रहे।

उसने चेतावनी दी है कि पूंजी बाजार की फर्मों के शेयरों में आई तेजी के कारण ने कई फर्मों में बढ़त की गुंजाइश सीमित है। इनमें परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियां यानी एएमसी और ब्रोकर कंपनियां शामिल हैं जिनमें हाल में 20 से  60 फीसदी की उछाल आई है। रिपोर्ट में एचडीएफसी एएमसी, निप्पॉन लाइफ इंडिया एएमसी और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी को सबसे मजबूत फ़्रैंचाइजी के तौर पर बताया गया है और इसके लिए फंडों के स्थिर प्रदर्शन, मजबूत बाजार हिस्सेदारी और अलग-अलग तरह के राजस्व स्रोतों का हवाला दिया गया है।

एचडीएफसी एएमसी ने अपनी मुख्य कमाई में सालाना आधार पर 16 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की। इसमें निवेश की स्थिर आवक और उसकी इक्विटी फ्रैंचाइजी के मजबूत प्रदर्शन का योगदान रहा। निप्पॉन एएमसी को सोने और चांदी के ईटीएफ में हुई जबरदस्त बढ़ोतरी से फायदा मिला, जिनका उसकी कुल कमाई में करीब 20 फीसदी हिस्सा रहा।

केआईई ने कहा कि पैसिव फंडों और ईटीएफ की बढ़ती हिस्सेदारी, साथ ही कुल खर्च अनुपात के बदले नियमों की वजह से म्युचुअल फंड उद्योग की यील्ड पर ढांचागत दबाव बना हुआ है। फिर भी बड़ी एएमसी से उम्मीद है कि वे अपनी परिचालन क्षमता और कमीशन को बेहतर बनाकर मार्जिन पर पड़ने वाले दबाव को कम कर लेंगी। उसका मानना है कि वित्त वर्ष 27- 29 के दौरान बाजार की अग्रणी फर्मों की मुख्य कमाई में 15 से 20 फीसदी की बढ़ोतरी होगी, जिसे सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) की स्थिरता और दूसरे कारोबारों के विस्तार से मदद मिलेगी।

ब्रोकरेज के क्षेत्र में ऑर्डरों में, खास तौर पर फ्यूचर्स और ऑप्शंस में, तेज उछाल देखी गई है, जिससे राजस्व और मार्जिन में बढ़ोतरी हुई है। उसने कहा कि उद्योग की वृद्धि का फोकस अब ग्राहक जोड़ने से हटकर ऑर्डरों की संख्या बढ़ाने और मार्जिन ट्रेडिंग सुविधाओं का विस्तार करने की ओर बढ़ रहा है।

ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म ग्रो ने वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में पिछली तिमाही के मुकाबले अपने राजस्व  में लगभग 25 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की। इसमें ट्रेडिंग गतिविधियों में जबरदस्त वृद्धि और परिचालन लाभ का अहम योगदान रहा। केआईई का अनुमान है कि ग्रो के ब्रोकिंग और नॉन-ब्रोकिंग दोनों ही तरह के कारोबार में लगातार वृद्धि देखने को मिलेगी। इसकी मुख्य वजह एसआईपी बाजार में ग्रो की बड़ी हिस्सेदारी और संपत्ति प्रबंधन से जुड़ी सेवाओं का लगातार विस्तार होना है।

इस बीच, ऐंजल वन ब्रोकरेज ने बताया कि ब्रोकिंग से होने वाली ज्यादा कमाई के कारण इस तिमाही में उसकी कमाई में सालाना आधार पर 83 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। केआईई ने कहा कि क्रेडिट डिस्ट्रीब्यूशन और वेल्थ मैनेजमेंट जैसी नॉन-ब्रोकिंग कमाई कंपनी के लिए ज्यादा से ज्यादा अहम होती जा रही है और वित्त वर्ष 29 तक यह कुल कमाई का लगभग 9 फीसदी हो सकती है। केआईई ने ग्रो, एचडीएफसी एएमसी और वेल्थ मैनेजर 360 वन वैम पर अपना सकारात्मक रिस्क-रिवॉर्ड नजरिया बनाए रखा है।

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First Published - May 28, 2026 | 9:47 PM IST

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