facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Defence stock: रॉकेट बना डिफेंस कंपनी का शेयर, 7% तक आई तेजी; रक्षा मंत्रालय से मिला ₹5,000 करोड़ का ऑर्डर

Advertisement

Defence Stock: कंपनी ने बताया कि उसे रक्षा मंत्रालय की ओर से निकाले गए टेंडर में सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी घोषित किया गया है।

Last Updated- February 17, 2026 | 10:17 AM IST
Defence Stock

Defence Stock: डिफेंस सेक्टर की दिग्गज कंपनी कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (Cochin Shipyard) के शेयरों में मंगलवार (17 फरवरी) को जोरदार तेजी देखने को मिली। कंपनी के शेयर बीएसई पर 7 प्रतिशत से ज्यादा उछल गए। डिफेन्स फर्म के शेयर में यह तेजी रक्षा मंत्रालय को तरफ से 5,000 करोड़ रुपये का बड़ा आर्डर मिलने के चलते आई। दिन के कारोबार में यह शेयर 7.1 प्रतिशत तक चढ़कर 1,574.5 रुपये प्रति शेयर पहुंच गया। यह 28 जनवरी के बाद एक दिन में आई सबसे बड़ी तेजी है।

इसी के साथ, कोचीन शिपयार्ड (Cochin Shipyard) के शेयरों ने लगातार चार दिन की गिरावट का सिलसिला तोड़ दिया। ब्लूमबर्ग के अनुसार, अभी इस शेयर में सामान्य दिनों के मुकाबले करीब 8.5 गुना ज्यादा कारोबार हो रहा है।

रक्षा मंत्रालय से क्या मिला आर्डर ?

कंपनी ने बताया कि उसे रक्षा मंत्रालय की ओर से निकाले गए टेंडर में सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी घोषित किया गया है। यह टेंडर भारतीय नौसेना के लिए 5 पीढ़ी के सर्वे जहाज बनाने के लिए था। कंपनी के मुताबिक, इस ठेके की अनुमानित कुल कीमत करीब 5,000 करोड़ रुपये है।

कंपनी ने कहा कि ठेका मिलने का अंतिम फैसला जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही होगा। कंपनी ने यह भी कहा कि आगे की जानकारी समय पर दी जाएगी। कोचीन शिपयार्ड ने यह भी साफ किया कि उसके किसी भी प्रमोटर, प्रमोटर समूह या समूह की कंपनियों का उस संस्था में कोई हित नहीं है, जिसने यह ऑर्डर दिया है।

हाई से 42% टूट चुका है शेयर

कोचीन शिपयार्ड के शेयर अपने 52 वीक हाई 2,547 रुपये से 42 प्रतिशत टूट चुके हैं। जबकि शेयर का 52 वीक का लो 1,180 रुपये है। शेयर के प्रदर्शन पर नजर डाले तो एक महीने में इसका प्रदर्शन लगभग सपाट रहा है। तीन महीने में शेयर में 10 प्रतिशत और छह महीने में 8.67 फीसदी की गिरावट आई है। हालांकि, एक साल में स्टॉक ने 27 प्रतिशत, दो साल में 84.30 प्रतिशत और तीन साल में 531 प्रतिशत का तगड़ा रिटर्न दिया है। बीएसई पर कंपनी का मार्केट कैप 40,653 करोड़ रुपये है।

Advertisement
First Published - February 17, 2026 | 10:01 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement