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Dollar vs Rupee: डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, ₹95.20 तक फिसला; तेल कीमतों से दबाव

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Dollar vs Rupee: रुपया 95.01 प्रति डॉलर पर खुला। लेकिन बाद में कमजोरी दिखाते हुए 95.20 तक फिसल गया, जो पिछले बंद स्तर से 32 पैसे की गिरावट दर्शाता है।

Last Updated- April 30, 2026 | 10:49 AM IST
Indian Rupee vs US Dollar today

Indian Rupee vs Dollar Today: भारतीय रुपया गुरुवार को शुरुआती कारोबार में 32 पैसे गिरकर अमेरिकी डॉलर (Dollar) के मुकाबले 95.20 के अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया और 95 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर गया।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 95.01 प्रति डॉलर पर खुला। लेकिन बाद में कमजोरी दिखाते हुए 95.20 तक फिसल गया, जो पिछले बंद स्तर से 32 पैसे की गिरावट दर्शाता है। यह तेज गिरावट जारी युद्ध से जुड़ी अनिश्चितता, विदेशी निवेश की निकासी और अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार बढ़ोतरी के कारण आई है। रुपया शुरुआत में 95.01 के स्तर पर मजबूत खुला और थोड़ी देर के लिए इसमें हल्की मजबूती भी दिखी, लेकिन जल्द ही शुरुआती बढ़त गंवाकर यह तेजी से गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया।

क्यों गिर रहा रुपया?

रुपये की लगातार कमजोरी के पीछे कई कारण हैं। इनमें कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी मुद्रा की मजबूती शामिल हैं। ऊंची तेल कीमतों से भारत के आयात बिल को लेकर चिंता बढ़ गई है, जिससे घरेलू मुद्रा पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। इससे पहले भी रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच चुका है। बुधवार को यह 20 पैसे गिरकर 94.88 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। जबकि मंगलवार को 53 पैसे गिरकर 94.68 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

एलकेपी सिक्योरिटीज में कमोडिटी और करेंसी के वाइस प्रेजिडेंट रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी ने कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारत के आयात बिल और महंगाई के जोखिम को काफी बढ़ा रही हैं। इससे रुपये में किसी ठोस सुधार की संभावना सीमित हो रही है। रुझान अभी भी कमजोर बना हुआ है। उछाल के दौरान भी मुद्रा पर लगातार बिकवाली का दबाव दिख रहा है, जो ऊंचे स्तरों पर मजबूत समर्थन की कमी को दर्शाता है।

2026 में 5% टूटा Indian Rupee

अप्रैल में सट्टेबाजी पर लगाम लगाने के लिए उठाए गए नियामकीय कदमों के बाद मजबूत हुआ भारतीय रुपया अब अपनी पूरी बढ़त गंवा चुका है। चालू कैलेंडर वर्ष में अब तक रुपया 5.24 प्रतिशत तक कमजोर हो चुका है।

शिनहान बैंक में ट्रेजरी प्रमुख कुनाल सोधनी ने कहा कि रुपया नए निचले स्तर पर पहुंच गया है और गुरुवार को 94.85 के रिकॉर्ड बंद स्तर को छू लिया। यह गिरावट कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के कारण आई है, जो सप्लाई के चलते बढ़ी हैं।

कच्चा तेल $120 के पार

इस दौरान डॉलर इंडेक्स 100 के ऊपर मजबूत बना हुआ है, जो वैश्विक स्तर पर अमेरिकी मुद्रा की मांग को दर्शाता है और रुपये की रिकवरी को सीमित करता है। वहीं, ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें आपूर्ति बाधाओं की आशंका के बीच बढ़कर करीब 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं।

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First Published - April 30, 2026 | 10:34 AM IST

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