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बढ़ती गर्मी के साथ चढ़ेंगे ये 3 शेयर! ब्रोकरेज ने कहा- चुनौतियों के बावजूद निवेश का मौका

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LPG की कमी, बेमौसम बारिश और कीमत बढ़ोतरी से मांग पर असर, लेकिन लंबी अवधि में चुनिंदा कंपनियों में निवेश का मौका

Last Updated- March 25, 2026 | 12:51 PM IST
air conditioner EMS Stocks
Representational Image

EMS Stocks: एयर कंडीशनर (AC) बनाने वाली कंपनियां इस सीजन अब तक कमजोर गर्मी, LPG की कमी और बढ़ती लागत जैसी चुनतियों का सामना कर रही है। इसके बावजूद कंपनियों का ग्रोथ आउटलुक बेहतर नजर आ रहा है। ब्रोकरेज फर्म नुवामा ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि दबावों के बावजूद इस सेक्टर में निवेश के लिए आकर्षक मौका बन सकता है। चौथी तिमाही (Q4FY26) में कंपनियां सीमित रेवेन्यू ग्रोथ के साथ बेहतर मार्जिन दिखा सकती हैं, जबकि EMS (इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज) कंपनियों को दोनों मोर्चों पर दबाव झेलना पड़ सकता है। ब्रोकरेज का कहना है कि वे इस सीजन को लेकर पॉजिटिव हैं और हाल की गिरावट को Amber, PG Electroplast और Havells जैसे शेयरों में निवेश का अच्छा मौका है।

इंडस्ट्री पर इन 3 तीन फैक्टर से दबाव

इंडस्ट्री रिपोर्ट के अनुसार, LPG की कमी से उत्पादन प्रभावित हो रहा है। उत्तर भारत में बेमौसम बारिश से मांग कमजोर हुई है और कंपनियों ने 5–10% तक कीमतें बढ़ाई हैं, जिससे बिक्री पर असर पड़ सकता है। हालांकि, ऑक्सी-एसिटिलीन जैसे अल्टरनेट फ्यूल से उत्पादन जारी है, लेकिन इससे लागत बढ़ रही है।

नुवामा की रिपोर्ट का कहना है कि तापमान के रुझान मिले-जुले हैं। देशभर में तापमान साल-दर-साल करीब 0.5°C ज्यादा है, जिसमें उत्तर भारत में करीब 1.3°C की बढ़ोतरी हुई है, जबकि दक्षिण में 1.0°C की गिरावट आई है, जिससे मांग में देरी हुई है।

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अनुमान के अनुसार, उत्तर भारत में फरवरी के मध्य से अच्छी मांग देखने को मिली थी, लेकिन हाल की बारिश से पिछले 4–5 दिनों में मांग कमजोर रही। पश्चिम भारत में स्थिति स्थिर है। अप्रैल से मौसम में सुधार और जून–जुलाई तक अल नीनो के बने रहने से गर्मी तेज रहने की संभावना है, जिससे कूलिंग प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ सकती है। हालांकि, यह भी देखना होगाकि डिमांड में बढ़ोतरी इस बात पर भी निर्भर करेगी कि पश्चिम एशिया संकट का उपभोक्ता खर्च पर बड़ा असर पड़ता है या नहीं।

दूसरी ओर, भू-राजनीतिक तनाव के कारण LPG की सप्लाई सीमित हो गई है, क्योंकि सरकार घरेलू उपयोग को प्राथमिकता दे रही है। एसी मैन्युफैक्चरिंग में LPG खासकर ब्रेजिंग प्रक्रिया के लिए जरूरी होता है। इसकी कमी से EMS कंपनियों पर ज्यादा असर देखने को मिलेगा। बड़े ब्रांड वैकल्पिक ईंधन का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका असर लागत पर देखने को मिल सकता है।

इससे अलावा, रुपये की कमजोरी और कच्चे माल की कीमत बढ़ने से लागत बढ़ रही है। हाल में कंपनियों ने 9–12% तक कीमतें बढ़ाईं। LG ने AC की कीमतों में 10% तक बढ़ोतरी की। जनवरी 2026 से पहले भी कीमतें बढ़ चुकी थीं। लेकिन बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते कंपनियां पूरी लागत ग्राहकों पर नहीं डाल पा रहीं, जिससे मार्जिन पर दबाव है।

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EMS Stocks: कहां है मौका?

नुवामा का मानना है कि मौजूदा कमजोरी निवेश का मौका हो सकती है। इनमें Amber Enterprises, PG Electroplast, Havells बेहतर विकल्प हो सकते हैं। इन कंपनियों को मजबूत मांग, उत्पादन क्षमता, और लॉन्ग-टर्म ग्रोथ का फायदा मिल सकता है।

कुल मिलाकर देखा जाए तो AC सेक्टर के सामने कई तरह की चुनौतियां हैं, लेकिन अगर गर्मी तेज रहती है और मांग सुधरती है, तो कंपनियों की ग्रोथ फिर पटरी पर आ सकती है। निवेशकों के लिए यह गिरावट लॉन्ग-टर्म एंट्री का अवसर बन सकती है।

 


(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज ने दी है। बाजार में निवेश जो​खिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।) 

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First Published - March 25, 2026 | 12:51 PM IST

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