HUL Share Dividend: एफएमसीजी सेक्टर की डिग्गाक कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) अपने निवेशकों को एक बार फिर डिविडेंड का तोहफा दे सकती है। एचयूएल ने शेयर बाजार को जानकारी दी है कि कंपनी का निदेशक मंडल 30 अप्रैल 2026 को बैठक करेगा।
बैठक में 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही और पूरे वित्त वर्ष के लिए ऑडिटेड स्टैंडअलोन और कंसोलिडेट वित्तीय नतीजों को मंजूरी देने पर विचार किया जाएगा। कंपनी ने यह भी संकेत दिया है कि उसी दिन बोर्ड वित्त वर्ष के लिए अंतिम डिविडेंड की सिफारिश पर भी विचार कर सकता है।
हिंदुस्तान यूनिलीवर ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा, ”निदेशक मंडल की बैठक गुरुवार, 30 अप्रैल 2026 को होगी। बैठक में 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही और पूरे वित्त वर्ष के लिए ऑडिटेड स्टैंडअलोन और समेकित वित्तीय नतीजों पर विचार किया जाएगा। साथ ही, ऑडिट रिपोर्ट को भी मंजूरी दी जाएगी। इसके अलावा, बोर्ड वित्त वर्ष के लिए अंतिम डिविडेंड की सिफारिश पर भी निर्णय ले सकता है।” बोर्ड बैठक के अलावा हिंदुस्तान यूनिलीवर ने 30 अप्रैल 2026 को बोर्ड की कार्यवाही समाप्त होने के बाद विश्लेषकों और निवेशकों के लिए एक प्रेजेंटेशन भी तय की है।
एफएमसीजी कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर पिछले सेशन में लगभग स्थिर रहे और 0.03 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 2,065 रुपये पर बंद हुए। वहीं, शुक्रवार को गुड फ्राइडे के कारण भारतीय शेयर बाजार बंद हैं। शेयर ने सितंबर 2025 में 2,682.41 रुपये के 52- वीक हाई छुआ था। जबकि अप्रैल 2026 में इसने अपने 52 वीक्स का लो 2,023.05 रुपये बनाया। हाल के समय में शेयर दबाव में रहा है। पिछले एक वर्ष में यह करीब 8 प्रतिशत गिरा है। छह महीनों में 18.5 प्रतिशत, तीन महीनों में 12 प्रतिशत और एक महीने में लगभग 11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
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डिविडेंड दरअसल किसी कंपनी की कमाई का एक हिस्सा होता है, जो वह अपने शेयरहोल्डर्स को उनके निवेश के बदले में देती है। यानी, जब कोई व्यक्ति किसी कंपनी के शेयर खरीदता है, तो वह कंपनी के मालिकों में से एक बन जाता है। और कंपनी जब मुनाफा कमाती है, तो वह इस मुनाफे का एक हिस्सा अपने शेयरहोल्डर्स में बांटती है, जिसे हम डिविडेंड कहते हैं।
डिविडेंड आमतौर पर तिमाही यानी हर तीन महीने में दिया जाता है, लेकिन कुछ कंपनियां इसे मंथली या सालाना भी दे सकती हैं। यह राशि कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स द्वारा तय की जाती है, जो कंपनी के हाल की कमाई और वित्तीय स्थिति के आधार पर निर्णय लेते हैं।