HDFC Bank Share: एचडीएफसी बैंक के शेयर सोमवार को बाजार खुलने के बाद एक प्रतिशत से ज्यादा फिसल गए। बैंक के शेयरों में यह गिरावट तिमाही नतीजों के चलते आई है। बैंक ने शनिवार को 2025-26 की चौथ तिमाही के आंकड़े जारी किये थे। बैंक का प्रदर्शन मजबूत रहा और स्टैंडअलोन आधार पर उसे 19,221 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ। यह मुनाफा पिछले साल की समान तिमाही के 17,616 करोड़ रुपये के मुकाबले 9 प्रतिशत ज्यादा है।
तिमाही नतीजों के बाद ब्रोकरेज हाउसेस ने एचडीएफसी बैंक पर अपनी रिपोर्ट जारी कर दी है। उनका कहना है कि कोर स्तर पर प्रदर्शन कुल मिलाकर स्थिर रहा, हालांकि कुछ अनिश्चितताओं के चलते निवेशकों का रुख सतर्क बना रह सकता है।
नोमुरा ने एचडीएफसी बैंक पर BUY की रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर 950 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इस तरह, शेयर पिछले बंद भाव से करीब 19 फीसदी का रिटर्न दे सकता है। एचडीएफसी बैंक के शेयर शुक्रवार को 799.90 रुपये पर बंद हुए।
ब्रोकरेज ने कहा कि एनआईएम का प्रदर्शन कमजोर रहा, लेकिन कम क्रेडिट लागत के कारण शुद्ध मुनाफा अनुमान से बेहतर रहा। लिक्विडिटी की स्थिति में जमा वृद्धि बेहद महत्वपूर्ण है और नेतृत्व की निरंतरता एक अहम कारक रहेगा जिस पर नजर रखनी चाहिए। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027-28 के दौरान एसेट पर रिटर्न 1.8 प्रतिशत और इक्विटी पर रिटर्न 14 प्रतिशत रह सकता है।
नुवामा ने HDFC Bank share पर BUY की रेटिंग को बरकरार रखा है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर 1,050 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इस तरह, शेयर पिछले बंद भाव से करीब 31 फीसदी रिटर्न दे सकता है।
ब्रोकरेज ने कहा कि बैंक ने कम ब्याज आय के कारण एनआईआई और पीपीओपी में अनुमान से कमजोर प्रदर्शन किया। हालांकि परिचालन खर्च और प्रावधान कम रहने से शुद्ध मुनाफा बेहतर रहा। लोन-जमा रेश्यो बीती तिमाही में घटकर 94.6% हो गया। यह इससे पिछले तिमाही के 98.7% से कम है। ऐसा इसलिए क्योंकि जमा वृद्धि ऋण से अधिक रही।
ब्रोकरेज के अनुसार, एसेट क्वालिटी बेहतर बनी हुई है, जिसमें सकल एनपीए अनुपात तिमाही आधार पर 9 बेसिस पॉइंट सुधरा है। आरबीआई के डॉलर पोजीशन घटाने के निर्देश के कारण ट्रेजरी आय कमजोर रही। चेयरमैन के इस्तीफे का असर अब काफी हद तक पीछे छूट चुका है, लेकिन निवेशकों का रुख अभी भी सतर्क बना हुआ है।
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एंटिक स्टॉक ब्रोकिंग ने भी एचडीएफसी बैंक पर खरीदारी की सलाह को बरकरार रखा है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर टारगेट प्राइस घटाकर 1,050 रुपये कर दिया है। पहले यह 1,100 रुपये था।
ब्रोकरेज का कहना है कि बैंक ने मुनाफे के मोर्चे पर कुल मिलाकर अनुमान के अनुरूप प्रदर्शन किया, जिसमें जमा वृद्धि में अच्छी तेजी देखने को मिली। हालांकि, ऋण वृद्धि में मजबूत तेजी अभी भी बाकी है और यह स्टॉक के संभावित री-रेटिंग के लिए एक अहम ट्रिगर बना हुआ है। एसेट क्वालिटी मजबूत बनी हुई है और कम क्रेडिट लागत समग्र रिटर्न अनुपात को सहारा दे रही है। ब्रोकरेज के अनुसार, स्टॉक में हालिया गिरावट के बाद हमें रिस्क-रिवार्ड अनुकूल नजर आ रहा है।
इसके अलावा मोतीलाल ओसवाल ने एचडीएफसी बैंक पर BUY रेटिंग के साथ 1,100 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। वहीं, ब्रोकरेज फर्म यूबीएस (UBS) ने 1,175 रुपये के प्राइस टारगेट के साथ ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है और वित्त वर्ष 2027-28 के दौरान 14-15 फीसदी रिटर्न ऑन इक्विटी की उम्मीद जताई है।
तिमाही में HDFC Bank का प्रदर्शन मजबूत रहा और स्टैंडअलोन आधार पर उसे 19,221 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ। यह मुनाफा पिछले साल की समान तिमाही के 17,616 करोड़ रुपये के मुकाबले 9 प्रतिशत ज्यादा है, जिससे साफ है कि बैंक की कमाई में अच्छी बढ़त देखने को मिली है।
बैंक की एसेट क्वालिटी में साफ सुधार देखने को मिला है। 31 मार्च 2026 तक बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) कुल लोन का 1.15 प्रतिशत रहा, जो दिसंबर 2025 के 1.24 प्रतिशत और मार्च 2025 के 1.33 प्रतिशत के मुकाबले बेहतर है। अगर कृषि क्षेत्र के खराब कर्जों को अलग कर दें तो यह आंकड़ा और भी मजबूत दिखता है। वहीं, नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NNPA) घटकर कुल नेट एडवांसेज का सिर्फ 0.38 प्रतिशत रह गया है।
कमाई के मोर्चे पर भी बैंक का प्रदर्शन ठीक रहा है। बैंक का नेट रेवेन्यू 5 प्रतिशत बढ़कर 46,280 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 44,090 करोड़ रुपये था। वहीं, नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 3.2 प्रतिशत बढ़कर 33,080 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो एक साल पहले 32,070 करोड़ रुपये थी। बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) कुल एसेट्स के आधार पर 3.38 प्रतिशत और इंटरेस्ट कमाने वाली एसेट्स के आधार पर 3.53 प्रतिशत रहा।
(डिस्क्लमेर: यहां शेयर में सलाह ब्रोकरेज ने दी है। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)