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संघर्ष विराम की आस ने बढ़ाया शेयर बाजारों का विश्वास; सेंसेक्स 787 अंक चढ़ा, बैंकिंग शेयरों ने संभाली कमान

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बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 5 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 428 लाख करोड़ रुपये हो गया

Last Updated- April 06, 2026 | 9:37 PM IST
Stock Market

अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम की कोशिशों की खबरों के बीच तेल की कीमतों में नरमी आने से भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को बढ़त देखी गई। बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स 787 अंकों (1.07 फीसदी) की बढ़त के साथ 74,107 पर बंद हुआ। निफ्टी 255 अंकों (1.1 फीसदी) की तेजी के साथ 22,968 पर बंद हुआ। हालांकि, दिन के कारोबार में दोनों सूचकांक 0.7 फीसदी से ज्यादा नीचे भी गए थे।

बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 5 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 428 लाख करोड़ रुपये हो गया। इस तेजी की अगुआई बैंकिंग शेयरों ने की, जिनमें तिमाही के सकारात्मक कारोबारी अपडेट के कारण खरीदारी देखी गई।

कच्चे तेल की बात करें तो ब्रेंट क्रूड 1 फीसदी गिरकर 105.57 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। मीडिया खबरों के मुताबिक बिचौलिए देश अमेरिका और ईरान के बीच 45 दिन का संभावित संघर्ष विराम कराने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन हमले बरकरार रहे और इजरायल, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने ईरान के हमलों की जानकारी दी है। इजरायल ने भी ईरान के एक पेट्रोकेमिकल संयंत्र पर हमला किया, जिसका देश के लगभग आधे पेट्रोकेमिकल उत्पादन में योगदान होता है।

सप्ताहांत में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर होर्मुज स्ट्रेट को मंगलवार रात तक नहीं खोला गया तब ईरान के बिजली संयंत्रों को निशाना बनाया जा सकता है। इस जलमार्ग से वैश्विक तेल व्यापार का लगभग 20 फीसदी गुजरता है। इस तनाव के कारण ऊर्जा संकट पैदा हुआ और तेल की कीमतें 43 फीसदी तक बढ़ गईं। कारोबारियों के अनुसार, सोमवार की तेजी का एक कारण यह भी था कि निवेशकों ने काफी गिरावट के शिकार सेक्टरों में आंशिक खरीदारी की।

जियोजित इन्वेस्टमेंट के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘संघर्ष विराम की उम्मीद से कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी नरमी आई है। साथ ही बैंकिंग क्षेत्र के उत्साहजनक अस्थायी आंकड़ों के कारण ब्याज दरों से जुड़े शेयरों में निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई है। लेकिन महंगाई की निरंतर चिंता और वैश्विक व्यापार में संभावित बाधाओं के कारण निवेशक सतर्कता बरत रहे हैं। इस हफ्ते भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की नीति, अमेरिका के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के डेटा, कच्चे तेल की कीमतों की दिशा और भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर बाजार की नजर रहेगी।’

इक्विनॉमिक्स के संस्थापक चोक्कालिंगम जी ने कहा कि निवेशक उम्मीद कर रहे हैं कि भले ही संघर्ष जारी रहे लेकिन होर्मुज से तेल की आपूर्ति फिर से शुरू हो सकती है।

बाजार में सकारात्मक रुझान रहा और 3,193 शेयरों में तेजी देखने को मिली जबकि 1,173 शेयर गिरे। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफपीआई) ने कुल 8,167 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 8,089 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। शेयरों में, एचडीएफसी बैंक के शेयर 2.7 फीसदी बढ़े और सेंसेक्स की बढ़त में सबसे बड़ा योगदान इसी शेयर का रहा। इसके बाद ऐक्सिस बैंक रहा जो शेयर 4 फीसदी चढ़ा।

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First Published - April 6, 2026 | 9:32 PM IST

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