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लॉन्ग टर्म कैपिटल के लिए भारत पारदर्शी और निवेश लायक बाजार: सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय

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पांडेय ने कहा कि यह ऐसे समय हो रहा है जब वैश्विक निवेशक अधिक अस्थिर और भू-राजनीतिक रूप से छिन्न-भिन्न माहौल से जूझ रहे हैं

Last Updated- February 25, 2026 | 10:03 PM IST
SEBI Chairman Tuhin Kanta Pandey

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने बुधवार को कहा कि भारत अपने पूंजी बाजारों को दीर्घकालिक संस्थागत पूंजी के लिए स्थिर और भरोसेमंद गंतव्य के रूप में कायम कर रहा है। यह ऐसे समय हो रहा है जब वैश्विक निवेशक अधिक अस्थिर और भू-राजनीतिक रूप से छिन्न-भिन्न माहौल से जूझ रहे हैं।

मुंबई में कोटक इन्वेस्टर कॉन्फ्रेंस में संस्थागत निवेशकों को संबोधित करते हुए पांडेय ने कहा कि आज के बाजारों में ग्रोथ अब केवल रिटर्न के बारे में नहीं है, बल्कि ‘मजबूती, विश्वसनीयता और पूर्वानुमान की क्षमता’ के बारे में भी है। इससे यह बात जाहिर होती है कि नियामक निवेशकों की सुरक्षा और कारोबारी सुगमता के बीच संतुलन बनाने पर ध्यान दे रहा है।

पांडेय ने भारत की वृहद आर्थिक वृद्धि को निवेश करने लायक मौकों में बदलने में पूंजी बाजार की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश में अब 14 करोड़ से ज्यादा विशिष्ट निवेशक हैं, जबकि घरेलू बचत लगातार वित्तीय परिसंपत्ति की ओर जा रही है।

पांडेय ने कहा कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) भारत के बाजार तंत्र का जरूरी स्तंभ बने हुए हैं, जबकि घरेलू संस्थान वैश्विक जोखिम से बचने के समय में तेजी से संतुलन बनाते हैं। वित्त वर्ष 2016 के बाद से एफपीआई के तहत इक्विटी परिसंपत्तियां तीन गुना से ज्यादा बढ़कर लगभग 71 लाख करोड़ रुपये हो गईं, जिनमें डेट सहित कुल एफपीआई परिसंपत्तियां लगभग 78 लाख करोड़ रुपये हैं।

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First Published - February 25, 2026 | 10:00 PM IST

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