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India US Trade Deal: ट्रेड डील से इन 15 स्टॉक्स को होगा सीधा फायदा, लिस्ट में अदाणी ग्रुप की 2 कंपनियों का भी नाम

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India US Trade Deal: डॉ. रेड्डीज़, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और केपीआर मिल आदि को सबसे ज्यादा फायदा हो सकता हैं।

Last Updated- February 03, 2026 | 11:58 AM IST
Stock Market today

India US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच हुए ट्रेड डील के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक फिर से भारतीय बाजार की ओर लौट सकते हैं। इस माहौल में मार्च 2027 तक निफ्टी 29,500 के स्तर तक पहुंच सकता है। यह मौजूदा स्तर से करीब 15 प्रतिशत ज्यादा है।

एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग के विश्लेषकों का कहना है कि इंफोसिस, विप्रो, रेमंड, अरविंद लिमिटेड, अदाणी पोर्ट्स, बीएचईएल, कमिंस इंडिया, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स, यूपीएल, सिप्ला, डॉ. रेड्डीज़, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और केपीआर मिल को ट्रेड डील से सबसे ज्यादा फायदा हो सकता हैं।

एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग के एनालिस्ट्स पंकज छाओछरिया और धीरेंद्र तिवारी ने कहा कि यह घटनाक्रम भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी सकारात्मक है। इससे विदेशी निवेशकों की बिकवाली का रुझान पलट सकता है, जो पिछले 15 महीनों से बाजार पर दबाव बना रहा था। इसके साथ ही जीडीपी ग्रोथ को 50 से 80 आधार अंकों का समर्थन मिल सकता है और रुपये में मजबूती आ सकती है। इसी आधार पर एंटीक ने मार्च 2027 के लिए निफ्टी 50 का लक्ष्य 29,500 तय किया है।

India US Trade Deal: इन स्टॉक्स को होगा सीधा फायदा

शेयर स्टॉक्स
बैंकिंग आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, केवीबी, सीयूबी
आईटी सेवाएं बड़ी कंपनियां: इंफोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक | मिडकैप: पर्सिस्टेंट, एमफैसिस
नोट: वीज़ा शुल्क और अमेरिकी भर्ती से जुड़ी दिक्कतें कम होंगी। हालांकि, रुपये में हर 1% मजबूती से ईपीएस में 2% की कटौती हो सकती है।
फार्मा सिप्ला, डॉ. रेड्डीज़
औद्योगिक बीएचईएल, अपार, ट्रांसफॉर्मर रेक्टिफायर, एलएमडब्ल्यू, जीई वर्नोवा (टीएंडडी), कमिंस इंडिया
रक्षा एचएएल, बीडीएल, पीटीसी इंडस्ट्रीज़, रेमंड
कपड़ा केपीआर मिल, वेलस्पन लिविंग, अरविंद लिमिटेड
पावर अदाणी पावर, जेएसडब्ल्यू एनर्जी
परिवहन अदाणी पोर्ट्स
एग्रो-केमिकल्स यूपीएल, एसआरएफ, शारदा क्रॉपकेम
ऑटो पार्ट्स स्टड्स
ईएमएस (इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग) सिर्मा
कंज्यूमर ड्यूरेबल्स एलजी
मेटल्स टाटा स्टील, नाल्को

स्रोत: एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग

यह भी पढ़ें | भारत-US ट्रेड डील से अदाणी ग्रुप को कितना फायदा? जान लें स्टॉक्स का हाल

भारत पर टैरिफ घटकर 18% पर

सोमवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भारत के साथ ट्रेड डील का ऐलान किया। इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय सामानों पर जवाबी शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। यह दर अब एशिया के कई अन्य देशों से थोड़ी कम है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके बदले भारत अपने शुल्क और गैर-शुल्क बाधाओं को शून्य करने पर सहमत हुआ है। भारत ने रूस से तेल खरीद बंद करने का भी वादा किया है। साथ ही अमेरिका और वेनेजुएला से ऊर्जा खरीद बढ़ाने की बात कही गई है।

एंटीक का मानना है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी सकारात्मक है। अक्टूबर 2024 से अब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की करीब 34 अरब डॉलर की निकासी हुई है। यह उभरते बाजारों में सबसे ज्यादा है।

अमेरिका का विदेशी निवेश परिसंपत्तियों में करीब 41 प्रतिशत हिस्सा है। इसके अलावा, भारत का वैल्यूएशन प्रीमियम अन्य उभरते और विकसित बाजारों के मुकाबले लंबे समय के औसत के करीब है। ऐसे में विदेशी निवेश की वापसी की संभावना बन रही है।

चाओछरिया और तिवारी के अनुसार, जिन सेक्टरों में विदेशी निवेश की हिस्सेदारी ज्यादा है, उन्हें फायदा मिल सकता है। इनमें रियल एस्टेट, टेलीकॉम, परिवहन, वित्तीय सेवाएं और स्वास्थ्य सेवा शामिल हैं। इसके अलावा, वे सेक्टर भी लाभ में रह सकते हैं जहां विदेशी निवेश की स्थिति 2018 के बाद सबसे कमजोर रही है। इनमें कैपिटल गुड्स, वित्तीय सेवाएं, आईटी सेवाएं और पावर यूटिलिटीज शामिल हैं।

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First Published - February 3, 2026 | 11:12 AM IST

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