facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Stock Market: सेंसेक्स और निफ्टी 52 हफ्तों के उच्चतम स्तर पर, बैंकिंग और रिलायंस के शेयरों ने दी बढ़त

Advertisement

विश्लेषकों ने इस तेजी का श्रेय घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) के लगातार निवेश तथा विदेशी निवेशकों की नए सिरे से खरीदारी में दिलचस्पी को दिया

Last Updated- October 17, 2025 | 9:57 PM IST
Stock Market
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को एक साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए। इस बढ़त में बैंकिंग क्षेत्र के दिग्गज शेयरों और रिलायंस इंडस्ट्रीज का योगदान रहा। मजबूत संस्थागत खरीद और भारतीय रिजर्व बैंक के ब्याज दरों में कटौती करने की उम्मीदों ने भी मनोबल को हवा दी। 

सेंसेक्स 484 अंक (0.6 फीसदी) बढ़कर 83,952 पर बंद हुआ। निफ्टी-50 सूचकांक 125 अंक (0.5 फीसदी) के इजाफे के साथ 25,710 पर टिका। दोनों सूचकांक लगातार तीसरे हफ्ते बढ़त दर्ज करते हुए 52 हफ्तों के उच्चतम स्तर पर बंद हुए। हफ्ते भर में सेंसेक्स में 1.8 फीसदी और निफ्टी में 1.7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। 

मौजूदा स्तरों पर सेंसेक्स अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर से 2.2 फीसदी पीछे है जबकि निफ्टी अपने रिकॉर्ड शिखर से 1.9 फीसदी नीचे है। बाजार में तेजी के बावजूद बीएसई का कुल बाजार पूंजीकरण 3,000 करोड़ रुपये की मामूली गिरावट के साथ 467 लाख करोड़ रुपये रह गया। हालांकि निवेशकों की संपत्ति इस सप्ताह 4.85 लाख करोड़ रुपये बढ़ी।

विश्लेषकों ने इस तेजी का श्रेय घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) के लगातार निवेश तथा विदेशी निवेशकों की नए सिरे से खरीदारी में दिलचस्पी को दिया।

इक्विनॉमिक्स के संस्थापक और शोध प्रमुख जी. चोकालिंगम ने कहा, ताजा बढ़त मुख्यतः घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी के कारण आई है। यहां तक कि विदेशी निवेशकों ने भी अपनी बिकवाली रोक दी है और थोड़े-बहुत खरीदार बन गए हैं। उम्मीद है कि दिसंबर तिमाही के नतीजे सितंबर तिमाही की तुलना में बेहतर होंगे, जिसमें जीएसटी से जुड़े लाभ और चुनिंदा कंपनियों के मार्जिन में सुधार शामिल है। 

तिमाही नतीजों से पहले प्रमुख शेयरों मसलन आईसीआईसीआई बैंक में 1.4 फीसदी और एचडीएफसी बैंक में 0.8 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने भी तेजी को सहारा दिया। इसके विपरीत, इन्फोसिस के शेयरों में 2.1 फीसदी की गिरावट आई, जो कमजोर राजस्व वृद्धि अनुमान के कारण सेंसेक्स पर बड़ा असर डालने वाला शेयर रहा। निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.63 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ।

निवेशक अब बाजार की दिशा के लिए इस सीजन में बचे हुए नतीजों की घोषणाओं पर ध्यान देंगे।

मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख (वेल्थ मैनेजमेंट) सिद्धार्थ खेमका ने कहा, सोमवार को बाजार सूचकांक की दिग्गज कंपनियों के नतीजों पर प्रतिक्रिया देंगे। अगले हफ्ते दिवाली के कारण छोटे कारोबारी सप्ताह में दूसरी तिमाही के अच्छे नतीजों, त्योहारों की अच्छी मांग, संभावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर आशावाद और नए सिरे से विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की खरीदारी से बाजार में तेजी जारी रह सकती है।

बाजार में चढ़ने और गिरने वाले शेयरों का अनुपात कमजोर रहा। बीएसई पर 2,527 शेयर गिरे जबकि 1,641 में बढ़ोतरी दर्ज हुई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.6 फीसदी टूटा जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स मामूली गिरकर बंद हुआ।

Advertisement
First Published - October 17, 2025 | 9:53 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement