बीएसई पर ट्रेडिंग के दौरान इन्फोसिस के शेयर 7.2 फीसदी गिर गए और 52 हफ्ते के निचले स्तर 1,152.35 रुपये पर पहुंच गए। अंत में आईटी कंपनी के शेयर 7.09 फीसदी की गिरावट के साथ 1,154.45 रुपये पर बंद हुए। इसकी तुलना में बीएसई सेंसेक्स 1.29 फीसदी की गिरावट के साथ 76,664.21 पर टिका। गुरुवार को बाजार बंद होने के बाद कंपनी ने वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए थे, इसके बाद से शेयर पर दबाव देखा गया।
निफ्टी आईटी इंडेक्स को भी ट्रेडिंग में बड़ा नुकसान हुआ और यह 5.29 फीसदी गिरकर 28,530 अंकों पर बंद हुआ। इंडेक्स में यह गिरावट इन्फोसिस जैसी बड़ी आईटी कंपनियों द्वारा वृद्धि के धीमे अनुमान, विवेकाधीन खर्च में कमी और एआई की ओर बदलाव से मार्जिन पर पड़ने वाले दबाव की चिंताओं की वजह से हुई।
चौथी तिमाही में इन्फोसिस ने अपने शुद्ध मुनाफ़े में सालाना आधार पर 20.9 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की, जो बढ़कर 8,501 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं, कंपनी का राजस्व 13.4 फीसदी बढ़कर 46,402 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि , कंपनी ने वित्त वर्ष 27 के लिए स्थिर मुद्रा के लिहाज से राजस्व में 1.5 से 3.5 फीसदी की मामूली वृद्धि का अनुमान जताया।
एमके ग्लोबल फाइनैंशियल सर्विसेज ने कहा कि इन्फोसिस का प्रदर्शन परिचालन के मोर्चे पर कमजोर रहा, राजस्व अनुमान से कम रहा। हालांकि मार्जिन अनुमानों के मुताबिक ही थे। कंपनी ने वित्त वर्ष 27 में स्थिर मुद्रा के आधार पर 1.5-3.5 फीसदी की राजस्व वृद्धि का अनुमान लगाया है, जो अनुमानों से कम है। इस अनुमान में स्ट्रेटस से 25 आधार अंकों का योगदान शामिल है, जबकि वर्सेंट और ऑप्टिमम हेल्थकेयर के अधिग्रहण (जिनका पूरा होना अभी बाकी है) को इसमें शामिल नहीं किया गया है। इसमें एक बड़े यूरोपीय मैन्युफैक्चरिंग क्लाइंट द्वारा खर्च में कटौती के कारण 0.75–1 फीसदी की गिरावट और ऑफशोर शिफ्ट के कारण 50 आधार अंकों का असर भी शामिल है।
प्रबंधन 20-22 फीसदी के दायरे में एबिटा मार्जिन पर नजर रखे हुए है। यह वेतन में बढ़ोतरी, प्रोडक्टिविटी पास-थ्रू, अधिग्रहण से 70 आधार अंकों के असर और एआई में निवेश जैसी मुश्किलों के बावजूद है। हालांकि, इनमें से कुछ की भरपाई प्रोजेक्ट मैक्सिमस की पहलों से हो जाएगी। ब्रोकरेज ने चौथी तिमाही के नतीजों और अनुमान को ध्यान में रखते हुए वित्त वर्ष 27-28 के लिए अपने प्रति शेयर आय के अनुमान में 0.5-1 फीसदी की कटौती की है। इसने खरीद की रेटिंग दी है और लक्षित कीमत 1,450 रुपये है।
नोमूरा रिसर्च ने इन्फोसिस को लार्ज-कैप इंडिया आईटी सेक्टर में अपनी अग्रणी पसंद के तौर पर बनाए रखा है। कंपनी का शेयर अभी वित्त वर्ष 27 के 82 रुपये के ईपीएस के करीब 15 गुना पर ट्रेड कर रहा है। नोमूरा का अनुमान है कि वित्त वर्ष 27 में एबिटा मार्जिन मोटे तौर पर 21 फीसदी पर स्थिर रहेगा यानी सालाना आधार पर इसमें कोई बदलाव नहीं होगा, जो कि 20-22 फीसदी की तय सीमा के भीतर है।
कंपनी ने वित्त वर्ष 27-28 के लिए अपने ईपीएस अनुमानों में 1 फीसदी से भी कम का बदलाव किया है, जो इस बात को दर्शाता है कि तिमाही नतीजे और आगे के अनुमान मोटे तौर पर उम्मीद के मुताबिक ही रहे हैं। नोमूरा ने इन्फोसिस को खरीद की रेटिंग दी है और इसके लिए लक्षित कीमत 1,630 रुपये से बढ़ाकर 1,640 रुपये कर दिया है।
उधर, मोतीलाल ओसवाल ने वित्त वर्ष 2027/वित्त वर्ष 2028 के लिए अपने ईपीएस अनुमानों में 2-4 फीसदी की कटौती की है। ब्रोकरेज फर्म ने शेयर खरीदने की रेटिंग दी है, हालांकि उसने लक्ष्य 1,500 रुपये से घटाकर 1,450 रुपये कर दिया है।