बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और तेल की कीमतों में उछाल के कारण शेयर बाजार में तेज गिरावट आई है जिसने निवेशकों के बीच अनिश्चितता बढ़ा दी है। एएसके प्राइवेट वेल्थ के सह-संस्थापक और मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक राजेश सलूजा ने कहा कि यह समय बाजार के निचले स्तर का अनुमान लगाने का नहीं बल्कि अस्थिरता के बावजूद परिसंपत्ति आवंटन पर टिके रहने का है। मुंबई में खुशबू तिवारी और समी मोडक को दिए साक्षात्कार में सलूजा ने इस उथल-पुथल से निपटने के उपायों पर बात की। उनसे बातचीत के अंश:
बाजार के मौजूदा अस्थिर माहौल में आपको निवेशकों से किस तरह के सवाल मिल रहे हैं?
अधिकांश सवाल ऐसे होते हैं कि अनिश्चितता के बीच निवेशकों को क्या करना चाहिए। हमारी भूमिका परिणामों का अनुमान लगाने से कहीं ज्यादा निवेशकों के व्यवहार को मैनेज करने की है। हम यह सुनिश्चित करते हैं कि ग्राहक घबराएं नहीं और अपने परिसंपत्ति आवंटन के साथ बने रहें। सबसे महत्त्वपूर्ण बात घबराहट या जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना है। ऐसे हालात में निवेशकों को बाजार के समय का अनुमान लगाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। पिछले चक्रों की एक महत्त्वपूर्ण सीख यह है कि लगातार तेजी के दौरान, कई निवेशक अपनी क्षमताओं को बढ़ा-चढ़ाकर आंकते हैं। वे पेशेवर सलाह से दूर हो जाते हैं और केंद्रित पोर्टफोलियो बनाते हैं, अक्सर स्मॉलकैप शेयरों में।
लेकिन जब 30-40 प्रतिशत की गिरावट आती है, तो जोखिम प्रबंधन की जरूरत स्पष्ट हो जाती है। जोखिम प्रबंधन निवेश का सबसे मौलिक सिद्धांत है। यदि आप जोखिम को अच्छी तरह से मैनेज करते हैं, तो समय के साथ कम्पाउंडिंग अपने आप हो सकती है। लेकिन अगर आप दांव लगाते हैं, अत्यधिक लीवरेज का उपयोग करते हैं, या बाजार को मात देने की कोशिश करते हैं, विशेष रूप से डेरिवेटिव के माध्यम से, तो ऐसी स्थितियां पूंजी साफ कर सकती हैं।
आप मौजूदा स्थिति की तुलना कोविड-19 जैसे पिछले संकटों से किस तरह करते हैं?
कोविड-19 के दौरान बाजार 20-25 प्रतिशत तक गिर गए थे और पहले कुछ महीनों तक पूरी तरह से अनिश्चितता थी। किसी को नहीं पता था कि क्या हो रहा है। लेकिन जैसे-जैसे समाधान सामने आने लगे, लोगों की मजबूती और अनुकूलन क्षमता ने काम किया। यह महामारी अभूतपूर्व थी। पूरी अर्थव्यवस्थाएं महीनों तक बंद रहीं और वैश्विक आपूर्ति-श्रृंखला में भारी व्यवधान हुए। फिर भी, दो साल के भीतर बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए थे। तब से, हमने रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में तनाव सहित कई भू-राजनीतिक घटनाओं को देखा है, लेकिन बाजारों ने लगातार रिकवर होने की क्षमता दिखाई है।
ऐसी गिरावट के दौरान निवेशकों को अवसरों का इस्तेमाल कैसे करना चाहिए?
सही तरीके से धैर्य रखने वाले निवेशकों के लिए व्यवस्थित तरीका फायदेमंद हो सकता है। यानी लगभग एक महीने की अवधि में, जैसे एक बार में 5-10 प्रतिशत, टुकड़ों-टुकड़ों में पूंजी लगाना। अतीत बताता है कि अगर इन चरण का उपयोग नहीं किया गया तो ये अक्सर गंवाए हुए अवसर साबित होते हैं।
इस अस्थिरता के बीच आप पोर्टफोलियो कैसे व्यवस्थित कर रहे हैं?
हमारे पोर्टफोलियो की स्थिति बताए गए निवेश के उद्देश्य से चलती है। इक्विटी रणनीतियों में हम लार्जकैप, उच्च-गुणवत्ता वाले नामों को प्राथमिकता दे रहे हैं और उन सेक्टरों से निवेश कम कर रहे हैं जिनके प्रभावित होने की आशंका है, जैसे कि ऊर्जा।
इस अस्थिरता पर ग्राहकों की क्या प्रतिक्रिया है?
यह अलग-अलग है। अनुभवी निवेशक जिन्होंने कई चक्र देखे हैं, वे गिरावट के दौरान निवेश के लिए अधिक इच्छुक हैं। कम अनुभवी निवेशकों की सतर्क रहने और नए निवेश से बचने की प्रवृत्ति है।
मौजूदा माहौल में कौन से अवसर उभर रहे हैं?
एआई-संचालित थीम, विशेष रूप से डेटा सेंटर प्रमुख अवसर के रूप में उभरे हैं। यह बिजली, कूलिंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर और एनालिटिक्स में उन कंपनियों को कवर करता है जिनको एआई-संचालित वृद्धि से लाभ होता है।