एचसीएल टेक के कमजोर तिमाही नतीजे जारी करने के बाद बुधवार को निफ्टी आईटी सूचकांक में लगभग 4 प्रतिशत की भारी गिरावट आई। यह सूचकांक 1,232.85 अंक या 3.89 प्रतिशत की गिरावट के साथ 30,396.25 पर बंद हुआ। बुधवार के कारोबार में यह सबसे ज्यादा गिरने वाला सेक्टोरल इंडेक्स रहा। इसके विपरीत निफ्टी-50 सूचकांक में 0.8 प्रतिशत की गिरावट आई।
सूचकांक के 10 शेयरों में से 9 लाल निशान में बंद हुए। इनमें एचसीएल टेक को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। यह 10.8 प्रतिशत गिरकर 1285.30 रुपये पर आ गया। इसके बाद पर्सिस्टेंट सिस्टम्स रहा, जिसे 4.8 प्रतिशत का नुकसान हुआ और यह 5,073.30 रुपये पर बंद हुआ। कोफोर्ज 4.4 प्रतिशत गिरकर 1,235.80 रुपये पर आ गया।
इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस, एलटीएम और एम्फेसिस जैसे अन्य शेयरों में 2 से 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, ओरेकल फाइनैंशियल सर्विसेज सॉफ्टवेयर ने इस रुझान को तोड़ते हुए एनएसई पर 2.4 प्रतिशत की बढ़त के साथ 8,126.50 पर कारोबार समाप्त किया।
एचसीएल टेक के चौथी तिमाही के नतीजे पेश किए जाने और कमजोर वृद्धि का अनुमान जताए जाने के बाद आज आईटी शेयरों में बिकवाली दबाव आया। बजाज ब्रोकिंग के विश्लेषक शाश्वत सिंह ने कहा कि एचसीएल टेक्नॉलजीज ने बाजार अनुमान से कमजोर नतीजे पेश किए और वित्त वर्ष 2027 के लिए सुस्त वृद्धि का अनुमान दिया जिससे आईटी शेयरों पर दबाव आया।
मांग और अल्पावधि वृद्धि को लेकर कमजोर टिपप्णी से तेज गिरावट को बढ़ावा मिला। साथ ही निवेशकों का ध्यान अब 23 अप्रैल को आ रहे इन्फोसिस के नतीजों पर केंद्रित हो गया है।
एचसीएल टेक का समेकित शुद्ध लाभ जनवरी-मार्च तिमाही में सालाना आधार पर 4.20 फीसदी बढ़कर 4,488 करोड़ रुपये हो गया। नोएडा मुख्यालय वाली इस फर्म ने वित्त वर्ष 2025 की इसी अवधि में 4,307 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में परिचालन से कंपनी का राजस्व 12.34 फीसदी बढ़कर 33,981 करोड़ रुपये हो गया जो वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही के 30,246 करोड़ रुपये के मुकाबले अधिक है।
कंपनी प्रबंधन ने टैरिफ और कमजोर डिस्क्रेशनरी खर्च की वजह से उतार-चढ़ाव भरे मांग परिवेश पर चिंता जताई है। प्रबंधन ने वित्त वर्ष 2027 की राजस्व वृद्धि स्थिर मुद्रा (सीसी) में 1 से 4 फीसदी के दायरे में रहने का अनुमान जताया है। कंपनी ने इसके लिए बाजार में उतार-चढ़ाव, घटते डिस्क्रेशनरी खर्च जैसे कारकों को जिम्मेदार बताया है।
जेएम फाइनैंशियल के विश्लेषकों ने कहा है कि एचसीएल टेक का राजस्व और मार्जिन अनुमान से कम रहा। साथ ही अनुमान से कमजोर राजस्व और एआई आधारित 3-5 फीसदी के प्रभाव से भी वित्त वर्ष 2027 के लिए संपूर्ण उद्योग की वृद्धि को लेकर चिंता बढ़ गई है। ब्रोकरेज ने अपना टारगेट मल्टीपल घटाकर 18 गुना कर दिया है (पहले यह 19 गुना था)। उसने एचसीएल टेक के लिए कीमत लक्ष्य 1,440 रुपये से घटाकर 1,350 रुपये कर दिया है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने भी होल्ड रेटिंग बरकरार रखते हुए इस शेयर का कीमत लक्ष्य 1,390 रुपये से घटाकर 1,370 रुपये कर दिया है।
इसी तरह, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स का शेयर भी कारोबार के दौरान गिर गया और चौथी तिमाही के कमजोर आंकड़ों के बाद 4.8 प्रतिशत की गिरावट के साथ 5,073.30 रुपये पर बंद हुआ।