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डीमर्जर के बाद Jio Financial Services बनी 20 अरब डॉलर की कंपनी, इनवेस्टर्स में उत्साह

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JFS को बेंचमार्क Nifty 50 सहित प्रमुख भारतीय इंडेक्सों में शामिल किया जाएगा, लेकिन लिस्टिंग होने तक ट्रेड नहीं किया जाएगा

Last Updated- July 20, 2023 | 2:15 PM IST
Mukesh Ambani

भारत के अरबपति उद्योगपति मुकेश अंबानी की फाइनैंशियल सर्विस कंपनी Jio Financial Services (JFS) आज रिलायंस इंडस्ट्रीज से अलग यानी डीमर्ज हो गई है। डीमर्जर से पहले स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने स्पेशल प्री-ओपेन सेशन भी आयोजित किया था। Jio Financial Services कंपनी का आज स्टॉक मार्केट में डीमर्जर होते ही कंपनी का शेयर प्राइस विश्लेषकों की उम्मीद से कहीं ज्यादा ही उछल गया। JFS का शेयर प्राइस 261.85 रुपये फिक्स होने के बाद इसकी वैल्यू करीब 20 अरब डॉलर आंकी गई है। रॉयटर्स ने यह जानकारी दी।

डीमर्जर, जिसे पिछले अक्टूबर में घोषित किया गया था, को तेल-से-खुदरा समूह रिलायंस के आकर्षक वित्तीय सेवा क्षेत्र में विस्तार के तरीके के रूप में देखा जाता है, खासकर जब से उसके पास पहले से ही एक गैर-बैंक वित्तीय कंपनी का लाइसेंस है।

कंपनी की तरफ से डीमर्जर का ऐलान पिछले साल अक्टूबर में ही कर दिया गया था।

तेल से लेकर रिटेल कारोबार तक अपनी धाक रखने वाली रिलायंस ने अक्टूबर में ही डीमर्जर करने का ऐलान कर दिया था। ऐसा माना जाता है कि कंपनी ने यह फैसला अपने फाइनैंशियल कारोबार को बढ़ाने के लिए किया क्योंकि कंपनी के पास गैर बैंकिंग फाइनैंस का लाइसेंस पहले से ही है।

आज स्पेशल सेशन के खत्म होने पर रिलायंस इंडस्ट्रीज की अलग एंटिटी- जियो फाइनैंशियल सर्विसेज (Jio Financial Services) का 261.85 रुपये पर फिक्स हुआ। यह शेयर बाजार में रिलायंस के शेयरों के बुधवार के क्लोजिंग प्राइस (2,841.85 रुपये) और गुरुवार को प्री-ओपेन सेशन के बाद के प्राइस (2,580 रुपये) के बीच का अंतर है।

Jio Financial Services (JFS) के शेयर की कीमत विश्लेषकों के अनुमान 160 रुपये से 190 रुपये से कहीं ज्यादा है। स्टॉकहोल्डर्स को उनके पास मौजूद प्रत्येक रिलायंस शेयर के लिए एक JFS का शेयर मिलेगा।

इससे पता चलता है कि Jio के मोबाइल कस्टमर बेस के भी फाइनैंशियल सर्विस में शामिल हो जाने से JFS के भविष्य के परफॉर्मेंस को लेकर लोग काफी आश्वस्त हैं।

JFS के पास रिलायंस के लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के ट्रेजरी शेयर भी हैं। इक्विनॉमिक्स के संस्थापक और रिसर्च हेड जी चोकालिंगम ने रॉयटर्स को बताया,  ‘इन वजहों से निवेशकों को बहुत विश्वास मिला है।’

यह भी पढ़ें: Reliance-Jio Financial demerger: शेयर बाजार में मुकेश अंबानी की एक और कंपनी की धमाकेदार एंट्री, जानें सारी डिटेल्स

उन्होंने कहा, ‘रिलायंस इंडस्ट्रीज भी यहां से काफी तेजी से आगे बढ़ेगी क्योंकि JFS अनलॉकिंग अभी शुरुआत है और शेयरधारकों को भी इससे काफी फायदा होगा क्योंकि रिटेल और टेलीकॉम के ग्रोथ के लिए कई अवसर होंगे।’

JFS को बेंचमार्क Nifty 50 सहित प्रमुख भारतीय इंडेक्सों में शामिल किया जाएगा, लेकिन लिस्टिंग होने तक ट्रेड नहीं किया जाएगा, जिसके लिए रिलायंस शायद अपनी आगामी वार्षिक आम बैठक में तारीख तय करेगी।

विश्लेषकों ने कहा है कि JFS की रिलायंस के टेलीकॉम और रिटेल कारोबार से बड़ी मात्रा में डेटा तक एक्सेस मिलेगी जिसकी वजह से उसे कर्ज देने में भी मदद मिलेगी। मैक्वेरी रिसर्च (Macquarie Research ) ने कहा कि JFS संभवतः एक AAA-rated एंटिटी होगी जो आकर्षक दरों पर उधार ले सकती है।

रिलायंस स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट्स (RSIL) यूनिट, जिसका नाम बदलकर JFS रखा जाएगा, ने बुधवार देर रात 215 करोड़ रुपये के राजस्व के आधार पर अप्रैल-जून तिमाही के लिए 145 करोड़ रुपये का कर पश्चात शुद्ध लाभ (PAT) दर्ज किया।

रिलायंस के शेयरों में 8 जुलाई (जब इसने डीमर्जर के लिए रिकॉर्ड तारीख तय की थी) से लेकर बुधवार तक लगभग 8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी।

स्पेशल सेशन के बाद स्टॉक सुबह 11.50 बजे पर लगभग 1.1 प्रतिशत अधिक पर ट्रेड कर रहा था। इस साल अब तक इसमें 11.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जो Nifty 50 में 9.5 फीसदी की बढ़ोतरी को पीछे छोड़ रही है।

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First Published - July 20, 2023 | 2:15 PM IST

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