अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने के लिए अंतरिम समझौते के करीब पहुंचने की खबरों से कच्चे तेल के दाम में नरमी आई और इससे घरेलू शेयर बाजार में आज जोरदार तेजी देखी गई। बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी ने दो महीने में सबसे बड़ी बढ़त दर्ज की। सेंसेक्स 1,695 अंक या 2.3 फीसदी उछलकर 75,528 पर बंद हुआ। निफ्टी 461 अंक या 2 फीसदी की बढ़त के साथ 23,623 पर बंद हुआ। दोनों सूचकांकों ने 8 अप्रैल के बाद सबसे बड़ी छलांग लगाई।
बाजार में तेजी से बेंचमार्क सूचकांकों को लगातार दो हफ्ते की गिरावट का सिलसिला तोड़ने में मदद मिली। इस हफ्ते सेंसेक्स में 1.73 फीसदी और निफ़्टी में 1.1 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 9.6 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 462 लाख करोड़ रुपये रहा।
अमेरिका और ईरान के बीच अंतरिम समझौते पर हस्ताक्षर होने के संकेत से निवेशकों में भरोसा बढ़ा है। इस प्रस्तावित समझौते से होर्मुज स्ट्रेट के फिर से खुलने की उम्मीद है। इस रास्ते से दुनिया भर की लगभग 20 फीसदी कच्चे तेल की आवाजाही होती है।
अमेरिका-ईरान के बीच टकराव की वजह से स्ट्रेट बंद हो गया है, जिससे हाल के वर्षों में ऊर्जा के क्षेत्र में सबसे गंभीर झटकों में से एक का सामना करना पड़ा। लेकिन अब टकराव थमने की उम्मीद से ब्रेंट क्रूड की कीमतों में रातोरात भारी गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड 87.3 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। इस गिरावट के बावजूद कच्चे तेल की कीमतें अभी भी युद्ध से पहले के स्तर की तुलना में लगभग 18 फीसदी अधिक है।
पश्चिम एशिया में टकराव की वजह से भारत के शेयर बाजार में विदेशी बिकवाली भी बढ़ गई और रुपये पर दबाव पड़ा। पश्चिम एशिया संघर्ष शुरू होने के बाद से रुपया 4.35 फीसदी कमजोर हुआ है। इस दौरान सेंसेक्स में 7.1 फीसदी और निफ्टी में 6.2 फीसदी की गिरावट आई है।
अल्फानीति फिनटेक के सह-संस्थापक यूआर भट्ट ने कहा, ‘मुझे उम्मीद नहीं है कि परमाणु मुद्दों पर प्रस्तावित 60 दिनों की बातचीत के बाद किसी औपचारिक समझौते और स्पष्टता के बिना विदेशी निवेशक बड़े पैमाने पर वापस आएंगे। तब तक सबसे अच्छा नतीजा यही होगा कि बिकवाली का दबाव कम हो जाए।’
उन्होंने कहा, ‘बाजार अनिश्चितता से राहत की उम्मीद कर रहा था और कारोबार के दौरान उसे यह राहत मिली। हालांकि निवेशक सप्ताहांत के दौरान घटनाक्रम को बारीकी से देखेंगे। सोमवार को पता चलेगा कि यह तेजी बनी रहेगी या नहीं।’
बीएसई पर 3,155 शेयर लाभ में जबकि 1,119 गिरावट में रहे। एचडीएफसी बैंक में 3.7 फीसदी की तेजी आई और सेंसेक्स की बढ़त में इसने सबसे ज्यादा योगदान दिया। लार्सन ऐंड टुब्रो में 4.9 फीसदी की तेजी आई। एसबीआई सिक्योरिटीज में तकनीकी और डेरिवेटिव शोध के प्रमुख सुदीप शाह ने कहा, ‘निफ्टी के लिए 23,770 से 23,800 के दायरे में तत्काल प्रतिरोध बना हुआ है। अगर यह इस दायरे के ऊपर बना रहता है तो यह 23,950 और उसके बाद 24,100 तक जा सकता है। गिरावट की स्थिति में इसे 23,470 से 23,450 पर सहारा मिल सकता है।’
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने 1,082 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 5,341 करोड़ रुपये की शुद्ध लिवाली की।