facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

अमेरिका-ईरान में शांति के आसार से चढ़े बाजार, सेंसेक्स 941 अंक उछला, तेल में गिरावट

Advertisement

बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 6 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 473 लाख करोड़ रुपये रहा

Last Updated- May 06, 2026 | 10:25 PM IST
Share Market

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की उम्मीद से आज वै​श्विक बाजारों के साथ घरेलू बाजार में भी तेजी देखी गई। सेंसेक्स और निफ्टी में 15 अप्रैल के बाद सबसे अच्छी बढ़त दर्ज की गई। सेंसेक्स 941 अंक या 1.2 फीसदी की तेजी के साथ 77,959 पर बंद हुआ। निफ्टी 298 अंक चढ़कर 24,331 पर बंद हुआ। बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 6 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 473 लाख करोड़ रुपये रहा।

खबरों के मुताबिक ईरान युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका के नए प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। अगर ईरान अमेरिका के समझौता पत्र को मान लेता है तो इससे होर्मुज स्ट्रेट धीरे-धीरे फिर से खुल जाएगा और ईरानी बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नाकाबंदी हट जाएगी। शांति समझौते की उम्मीद में ब्रेंट क्रूड के दाम में नरमी आई और यह करीब 7 फीसदी की गिरावट के साथ 102 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। युद्ध शुरू होने के बाद से ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 39 फीसदी की तेजी आई है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत की आर्थिक वृद्धि और महंगाई के लिए नुकसानदायक हैं क्योंकि भारत कच्चे तेल का भारी मात्रा में आयात करता है।

पश्चिम एशिया संकट के कारण नकदी की कमी का सामना कर रहे व्यवसायों को सहायता देने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 18,100 करोड़ रुपये की नई आपातकालीन ऋण गारंटी योजना को मंजूरी देने और कंपनियों के मार्च तिमाही के नतीजों में किसी बड़ी निराशा नहीं होने से भी निवेशकों का हौसला बढ़ा है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘अमेरिका और ईरान के बीच तनाव घटने तथा चीन की राजनयिक सक्रियता के चलते घरेलू बाजारों में जोखिम लेने की प्रवृत्ति के कारण बाजार में तेजी आई। ताजा घटनाक्रम से कच्चे तेल की कीमतों में भी नरमी देखी गई मगर यह रुझान अभी संवेदनशील बना हुआ है। तकनीकी क्षेत्रों को आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) से होने वाली अच्छी कमाई के वै​श्विक संकेत और भी मजबूत हुए जबकि येन की वजह से डॉलर में आई कमजोरी ने उभरते बाजारों में निवेश प्रवाह को बढ़ावा दिया। घरेलू स्तर पर अनुकूल राजनीतिक संकेत, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और आपातकालीन ऋण गारंटी योजना 5.0 की मंजूरी से भी निवेशकों का मनोबल बढ़ा है।’  

निफ्टी मिडकैप में 1.76 फीसदी और स्मॉलकैप में 1.93 फीसदी की तेजी आई। बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर 2,813 शेयर बढ़त में और 1,427 गिरावट पर बंद हुए। एचडीएफसी बैंक में 3.1 फीसदी की तेजी आई और सेंसेक्स की बढ़त में इसने सबसे ज्यादा योगदान दिया। आईसीआईसीआई बैंक में 2.2 फीसदी की तेजी देखी गई।

एसबीआई सिक्योरिटीज में तकनीकी और डेरिवेटिव रिसर्च के प्रमुख सुदीप शाह ने कहा, ‘निफ्टी को आगे 24,450 से 24,500 के दायरे में तत्काल प्रतिरोध का सामना करना पड़ सकता है। इस दायरे से आगे बढ़ने पर निफ्टी निकट अव​धि में 24,650 और 24,800 तक पहुंच सकता है। गिरावट की ​स्थिति में निफ्टी को 24,220 से 24,200 के दायरे में तत्काल सहारा मिल सकता है।’

Advertisement
First Published - May 6, 2026 | 10:18 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement