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Metal Stocks: पश्चिम एशिया संकट से मेटल सेक्टर में हलचल, Tata Steel, Coal India या APL Apollo- किसमें लगाएं दांव?

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Metal Stocks: ब्रोकरेज हॉउस एक्सिस सिक्योरिटीज का कहना है कि पश्चिम एशिया युद्ध का असर खास तौर पर उन स्टील प्लांट पर ज्यादा पड़ेगा जो प्रत्यक्ष रूप से गैस पर निर्भर हैं।

Last Updated- March 25, 2026 | 3:38 PM IST
Metal Stocks

Metal Stocks: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण इस्पात से जुड़े उत्पादों की कीमतों में तेजी आई है। हॉट रोल्ड स्टील और सरिया की कीमतें करीब 14 प्रतिशत और 7 प्रतिशत बढ़ी हैं। जबकि कोकिंग कोयला और आयरन ओर की कीमतों में केवल लगभग 2 प्रतिशत की ही बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में अब तक स्टील की औसत कीमतें पिछले साल के मुकाबले लगभग 11 प्रतिशत बढ़ी हैं। इसका फायदा इस्पात कंपनियों को मिलेगा क्योंकि लागत में बढ़ोतरी कम है जबकि बिक्री कीमतें ज्यादा बढ़ी हैं।

मेटल और माइनिंग सेक्टर में हलचल के बीच ब्रोकरेज हॉउस एक्सिस सिक्योरिटीज का कहना है कि पश्चिम एशिया युद्ध का असर खास तौर पर उन स्टील प्लांट पर ज्यादा पड़ेगा जो प्रत्यक्ष रूप से गैस पर निर्भर हैं। साथ ही नीचे के स्तर पर होने वाली प्रक्रिया और बिजली से मेटल चढ़ाने के प्रोसेस से जुड़े उत्पादन पर भी असर होगा। इसकी वजह यह है कि इन प्रक्रियाओं में इस्तेमाल होने वाली गैस की सप्लाई युद्ध से प्रभावित हो रही है।

गिरावट पर खरीदारी की सलाह

ब्रोकरेज के अनुसार, भट्ठी पर आधारित इस्पात उत्पादन पर असर सीमित रहने की संभावना है। लेकिन वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजों के बाद प्रबंधन की लागत, निर्यात और उत्पादन से जुड़े संकेत तय करेंगे कि आने वाले समय में शेयरों का प्रदर्शन कैसा रहेगा।

ब्रोकरेज ने कहा कि कुल मिलाकर मेटल सेक्टर के प्रति हमारा रुख सकारात्मक बना हुआ है। गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाने की सलाह दी जाती है। मांग में मजबूती और सप्लाई की सीमाएं नॉन-आयरन मेटल को सहारा दे रही हैं। वहीं सुरक्षात्मक शुल्क और घरेलू स्तर पर मजबूत मांग भारतीय स्टील कंपनियों के पक्ष में हैं। हालांकि वैल्यूएशन अभी सस्ते नहीं हैं क्योंकि बाजार में गिरावट के बावजूद इन शेयरों में ज्यादा करेक्शन नहीं हुआ है। लेकिन नीचे के स्तर पर यह खरीदारी का अच्छा मौका दे सकते हैं।

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पश्चिम एशिया संकट का मेटल कंपनियों पर असर?

ब्रोकरेज ने कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में आने वाली बाधाओं से गैस की सप्लाई प्रभावित होती है। इसका असर सेकेंडरी सटीक उत्पादकों और गैस आधारित प्रत्यक्ष रिडक्शन तकनीक पर निर्भर प्लांट्स पर पड़ता है। इससे उत्पादन में कटौती करनी पड़ सकती है।

JSW Steel: कंपनी के कुछ प्लांट में कामकाज प्रभावित होने का खतरा ज्यादा है। खासकर कोटेड उत्पाद बनाने वाली इकाइयों में।

AM/NS India: इसकी करीब 65 प्रतिशत उत्पादन क्षमता गैस आधारित तकनीक पर निर्भर है। भले ही जोखिम को कम करने के उपाय किए गए हों, लेकिन लंबे समय तक बाधा रहने पर उत्पादन पर असर पड़ सकता है।

Jindal Stainless: औद्योगिक गैस पर ज्यादा निर्भरता के कारण कंपनी पहले ही कम क्षमता पर काम कर रही है और डिलीवरी में देरी की आशंका जताई गई है।

Secondary Steel and Small-Scale Industries: इंडक्शन भट्ठी चलाने वाले और छोटे जस्ती स्टील उत्पादक ज्यादा प्रभावित होंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि उनके पास सस्ती आपूर्ति के लिए मोलभाव करने की क्षमता कम होती है।

Metal Stocks- किसमें लगाएं दांव?

ब्रोकरेज के अनुसार, टाटा स्टील और सेल जैसी स्टील कंपनियों पर कच्चे स्तर के उत्पादन पर असर सीमित रह सकता है। लेकिन नीचे के स्तर पर होने वाली कुछ प्रक्रियाओं पर प्रभाव पड़ सकता है। टाटा स्टील के यूरोप कारोबार पर गैस की बढ़ती कीमतों का कुछ असर देखने को मिल सकता है, हालांकि ब्रिटेन सरकार के हालिया फैसले से आने वाली तिमाहियों में कंपनी के मार्जिन को सहारा मिल सकता है। 1 जुलाई 2026 से ब्रिटेन में इस्पात आयात की सीमा मौजूदा समझौतों की तुलना में 60 प्रतिशत तक घटा दी जाएगी और तय सीमा से ज्यादा आयात पर शुल्क 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया जाएगा।

कंपनी का नाम रेटिंग टारगेट प्राइस (₹)
टाटा स्टील BUY 220
सेल HOLD 160
कोल इंडिया BUY 500
हिंदाल्को HOLD 1,050
नाल्को HOLD 390
एपीएल अपोलो ट्यूब्स BUY 2,250

हिंदाल्को और नाल्को पर तापीय कोयले और अन्य लागत में बढ़ोतरी का कुछ असर पड़ सकता है। हालांकि एल्युमिनियम की कीमतें अभी मजबूत बनी हुई हैं क्योंकि पश्चिम एशिया क्षेत्र वैश्विक एल्युमिनियम आपूर्ति का करीब 9 प्रतिशत हिस्सा देता है।

एपीएल अपोलो ट्यूब्स के कुल उत्पादन पर लगभग 3 से 4 प्रतिशत तक असर पड़ सकता है। इसमें दुबई प्लांट में बाधा से करीब 2 प्रतिशत और जस्ती उत्पादों में, खासकर रायपुर इकाई में, करीब 2 प्रतिशत का असर शामिल है।

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First Published - March 25, 2026 | 3:38 PM IST

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