Stocks to buy, May 2026: ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने मई में निवेश के लिहाज से छह चुनिंदा शेयरों पर खरीद की सलाह दी है। इन कंपनियों को मजबूत मांग, क्षमता विस्तार, बेहतर प्रबंधन और भविष्य की आय वृद्धि की संभावनाओं के आधार पर चुना गया है। ब्रोकरेज का मानना है कि घरेलू आर्थिक मजबूती, नीतिगत समर्थन और सेक्टर-विशेष ट्रिगर्स इन शेयरों को आगे बढ़त दिला सकते हैं। इन स्टॉक्स के लिए 240 रुपये से लेकर 4,750 रुपये तक के टारगेट प्राइस तय किए गए हैं।
भारत में स्टील की मांग वित्त वर्ष 26-30 के दौरान 8-10 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। इसे नीतिगत समर्थन और उद्योग की बेहतर होती स्थिति का सहारा मिलेगा। टाटा स्टील अपनी घरेलू क्षमता को वित्त वर्ष 25-26 के सालाना 2.65 करोड़ से बढ़ाकर वित्त वर्ष 2030-31 तक 4 करोड़ सालाना करने की दिशा में काम कर रही है। इसमें कलिंगानगर और नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड का विस्तार शामिल है। इससे कंपनी को मांग बढ़ने के दौर में वॉल्यूम आधारित आय वृद्धि का लाभ मिलेगा। सेफगार्ड ड्यूटी, हॉट रोल्ड कॉइल कीमतों में बढ़ोतरी (47,500 रुपये प्रति टन से 53,500 रुपये प्रति टन), कम आयात और चीन में उत्पादन पर नियंत्रण से घरेलू मार्जिन स्थिर हो रहे हैं।
यूरोप में कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) लागू होने और सख्त कोटा से कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद है। यूरोप में घाटा काफी घटा है और यूके में आने वाली तिमाहियों में ब्रेकईवन का लक्ष्य है। मजबूत घरेलू मांग, नीतिगत समर्थन, क्षमता विस्तार और यूरोप कारोबार में सुधार को देखते हुए कंपनी पर सकारात्मक नजरिया है।
जीई वर्नोवा टी एंड डी इंडिया लिमिटेड बिजली प्रसारण और वितरण क्षेत्र में काम करने वाली प्रमुख कंपनी है। यह ट्रांसफॉर्मर, गैस इंसुलेटेड सिस्टम, स्विचगियर, सबस्टेशन ऑटोमेशन, उच्च वोल्टेज डायरेक्ट करंट और उन्नत नियंत्रण प्रणालियों में समाधान देती है। मजबूत मूल कंपनी के कारण इसे आधुनिक तकनीक का फायदा मिलता है। हाल में बड़े प्रोजेक्ट मिलने, क्षमता बढ़ाने और निर्यात के अवसरों से आगे आय बढ़ने की संभावना मजबूत है।
दिसंबर 2025 तक कंपनी के पास 14,400 करोड़ रुपये के ऑर्डर थे। साल 2025 से 2028 के बीच ऑर्डर में हर साल लगभग 29 प्रतिशत बढ़त का अनुमान है। इसी अवधि में आय, परिचालन मुनाफा और शुद्ध लाभ में क्रमशः 34 प्रतिशत, 49 प्रतिशत और 50 प्रतिशत की सालाना वृद्धि की उम्मीद है। कच्चे माल की कीमत बढ़ने के जोखिम को कंपनी ने बदलती कीमत वाले समझौतों के जरिए संतुलित किया है।
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एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक का सामान्य बैंक में बदलना उसके कारोबार का दायरा बढ़ा रहा है। इससे खुदरा, छोटे कारोबार और मध्यम कंपनियों को दिए जाने वाले कर्ज में विस्तार होगा। इससे सेवाओं की विविधता बढ़ेगी और एक ही ग्राहक को कई सेवाएं देने के मौके मिलेंगे। लंबी अवधि में बेहतर कमाई की संभावना बनेगी। मजबूत जमा आधार, बेहतर चालू और बचत खाते का रेश्यो और 2,700 से अधिक केंद्रों का नेटवर्क इसकी वृद्धि को सहारा दे रहा है।
सुरक्षित कर्ज पर ध्यान और अनुशासित ऋण देने से जोखिम कम रहने की उम्मीद है। साल 2026 से 2028 के बीच कर्ज में करीब 24 प्रतिशत सालाना वृद्धि का अनुमान है। इसी दौरान मुनाफे में लगभग 36 प्रतिशत सालाना बढ़त की संभावना है।
73,000 करोड़ रुपये के मजबूत ऑर्डर और लगातार नए काम मिलने से भारत इलेक्ट्रॉनिक्स सेना, नौसेना और वायुसेना के बड़े प्रोजेक्ट्स का फायदा उठाने की स्थिति में है। आने वाले वर्षों में 15 प्रतिशत से अधिक आय बढ़ने की उम्मीद है।
साल 2026 की तीसरी तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहा। लागत पर नियंत्रण और काम की क्षमता बढ़ने से आय और मुनाफे का अंतर अनुमान से ज्यादा रहा। मजबूत आपूर्ति व्यवस्था ने चिप की कमी और कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर कम किया। साल 2025 से 2028 के बीच आय में लगभग 18 प्रतिशत और शुद्ध लाभ में करीब 16 प्रतिशत सालाना बढ़त की उम्मीद है।
कर्नाटक की नई आबकारी नीति से महंगे उत्पादों की कीमतों में 10 से 20 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। सस्ते ब्रांड्स की कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है। इससे महंगे उत्पादों की मांग बढ़ने की संभावना है। कंपनी की कुल बिक्री का 8 से 10 प्रतिशत हिस्सा कर्नाटक से आता है।
कंपनी का ध्यान अब महंगे उत्पादों पर ज्यादा है। इससे साल 2015 में लगभग 40 लाख केस से बढ़कर साल 2026 में करीब 1.7 करोड़ केस तक बिक्री पहुंच गई है। अब कुल शराब से होने वाली आय में महंगे उत्पादों की हिस्सेदारी लगभग 70 प्रतिशत हो गई है।
कर्ज लगातार कम हो रहा है। कैश फ्लो भी मजबूत है। इससे कंपनी की स्थिति बेहतर हो रही है। साल 2026 से 2028 के बीच प्रति शेयर कमाई में करीब 25 प्रतिशत सालाना बढ़त की उम्मीद है।
साल 2026 की चौथी तिमाही में ऊंचे आधार और पश्चिम एशिया के तनाव के कारण आय और परिचालन मुनाफे में गिरावट आई। हालांकि यह गिरावट का आखिरी चरण माना जा रहा है। कंपनी के पास 2,420 करोड़ रुपये के ऑर्डर हैं, जो पिछले 10 तिमाहियों में सबसे ज्यादा हैं। ऑर्डर के मुकाबले काम का अनुपात मजबूत है, जो आगे की आय के लिए अच्छा संकेत देता है।
कंपनी अब हवाई क्षेत्र और रक्षा के अलावा ऑटोमोबाइल, चिप उपकरण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता ढांचा और घरेलू रक्षा क्षेत्र में भी विस्तार कर रही है। बेहतर उत्पाद मिश्रण और काम की क्षमता बढ़ने से आगे मुनाफे का अंतर बढ़ने की उम्मीद है। साल 2026 से 2028 के बीच आय में लगभग 24 प्रतिशत, परिचालन मुनाफे में 36 प्रतिशत और शुद्ध लाभ में करीब 61 प्रतिशत सालाना बढ़त का अनुमान है।