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MUFG का श्रीराम फाइनैंस में 20% से ज्यादा हिस्सेदारी बढ़ाने का कोई इरादा नहीं, ग्रुप की अन्य कंपनियों में भी निवेश से इनकार

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श्रीराम फाइनैंस के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी पराग शर्मा ने कहा कि अगले दो साल में हम हर साल 100 नई शाखाएं खोलेंगे

Last Updated- December 22, 2025 | 10:59 PM IST
Shriram Finance

जापान के सबसे बड़े ऋणदाता मित्सुबिशी यूएफजे फाइनैंशियल ग्रुप (एमयूएफजी) बैंक ने सोमवार को कहा कि उसकी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) श्रीराम फाइनैंस लिमिटेड (एसएफएल) में 20 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। उसके श्रीराम समूह की किसी अन्य कंपनी में भी निवेश करने की संभावना नहीं है।

संवाददाता सम्मेलन में एमयूएफजी के वैश्विक कमर्शियल बैंकिंग के लिए समूह मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) यासुशी इतागाकी ने कहा कि ऋणदाता प्रमुख अल्पांश शेयरधारक के अपने दर्जे को लेकर खुश है और श्रीराम समूह की किसी अन्य इकाई में उसकी निवेश में कोई दिलचस्पी नहीं है।

इतागाकी ने कहा, ‘फिलहाल 20 फीसदी से ऊपर जाने का हमारा कोई इरादा नहीं है।’ जापानी ऋणदाता ने यह भी कहा कि वह लोकल ब्रांडिंग का सम्मान करता है और श्रीराम फाइनैंस का नाम वैसा ही बना रहेगा।

एसएफएल के निदेशक मंडल ने सोमवार को 4.4 अरब डॉलर के निवेश के लिए एमयूएफजी बैंक के साथ समझौते को मंजूरी दी। इसके तहत एनबीएफसी में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी के बदले 4.4 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा। प्रस्तावित सौदे के तहत श्रीराम फाइनैंस में प्रवर्तक 5 प्रतिशत हिस्सेदारी कम करेंगे जबकि दूसरे पब्लिक शेयरधारक 15 फीसदी हिस्सेदारी घटाएंगे और अपनी हिस्सेदारी को क्रमशः 20.3 प्रतिशत और 59.7 प्रतिशत पर ले आएंगे।

यह भारत के वित्तीय सेवा क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) होगा। एमयूएफजी बैंक के इस प्रस्तावित निवेश की घोषणा शुक्रवार को की गई थी और यह शेयरधारकों की मंजूरी, नियामकीय अनुमोदन और अन्य शर्तों पर निर्भर करेगा। निवेश पूरा होने पर एमयूएफजी की श्रीराम फाइनैंस के बोर्ड में दो निदेशक नियुक्त करने की योजना है।

इतागाकी ने कहा कि टोक्यो का बैंक भारत में अपनी शाखाओं के जरिये होलसेल और कॉरपोरेट सेगमेंट में अपने ग्राहकों को सेवा देना जारी रखेगा और सब्सिडियरी मॉडल पर विचार नहीं करेगा। भारत में उसकी छह शाखाएं हैं, जिनमें गिफ्ट सिटी की एक ब्रांच भी शामिल है।

श्रीराम फाइनैंस के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी पराग शर्मा ने कहा कि अगले दो साल में हम हर साल 100 नई शाखाएं खोलेंगे, जिससे 3,000 से 5,000 नई नौकरियां पैदा होंगी। एनबीएफसी में 78,833 कर्मचारी हैं और यह फिलहाल 97 लाख ग्राहकों को सेवा मुहैया कराती है।

श्रीराम फाइनैंस के कार्यकारी वाइस चेयरमैन उमेश रेवनकर ने पत्रकारों को बताया कि एमयूएफजी के निवेश से श्रीराम फाइनैंस का पूंजी पर्याप्तता अनुपात भी बढ़कर 31 प्रतिशत हो जाएगा।

कंपनी ने कहा है कि यह सौदा दीर्घावधि में मददगार साबित होगा। इसे एक बड़े वैश्विक वित्तीय संस्थान का समर्थन मिलेगा, जिससे वाहन वित्त सेगमेंट में उसकी स्थिति मजबूत होगी और दूसरे मुख्य उधारी सेगमेंट में भी वृद्धि की रफ्तार तेज होगी।

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First Published - December 22, 2025 | 10:55 PM IST

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