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बाजार हलचल: निफ्टी में तेजी, डेरिवेटिव मजबूत, कैश कारोबार कमजोर; निवेश विज्ञापनों पर गूगल करेगी सख्ती

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50 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स 1.5 फीसदी चढ़ा, जो इस तिमाही में इसकी सबसे अच्छी साप्ताहिक बढ़त है।

Last Updated- September 14, 2025 | 9:41 PM IST
stock market today

नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी पिछले हफ्ते लगातार आठवें कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुआ, जो एक साल में इसकी बढ़त का सबसे लंबा सिलसिला था। 50 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स 1.5 फीसदी चढ़ा, जो इस तिमाही में इसकी सबसे अच्छी साप्ताहिक बढ़त है। निवेशकों की नजर इस हफ्ते अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति की घोषणा पर रहेगी।

ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों ने पिछले हफ्ते की तेजी को हवा दी। हालांकि बाजार विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि नतीजे चाहे जो भी हों, अमेरिकी नीतिगत कदम का असर कुछ ही सत्रों में कम हो सकता है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के पूर्व विश्लेषक (खुदरा शोध) दीपक जसानी ने कहा, हाल के महीनों में स्थिर घरेलू संस्थागत निवेश ने बाजारों को नकारात्मक खबरों से जल्दी उबरने में मदद की है। साथ ही व्यापार समझौते की नई उम्मीदें और वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में बेहतर आय की संभावना से निवेशकों को कुछ उम्मीद जगी है।

अगस्त में डेरिवेटिव ने पकड़ा जोर, नकदी कारोबार फिसला

डेरिवेटिव सेगमेंट में अगस्त में इजाफा हुआ पर इक्विटी कैश में रोजाना औसत कारोबार (एडीटी) छह महीने के निचले स्तर 93,545 करोड़ रुपये पर फिसल गया, जो मासिक आधार पर 2 फीसदी और सालाना आधार पर 26 फीसदी कम है। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज की मार्केट पल्स रिपोर्ट ने बताया है कि एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स के लिए रोजाना औसत कारोबार मासिक आधार पर 8 फीसदी घट गया। औसत कारोबार का आकार भी चार महीने के निचले स्तर 29,742 रुपये पर आ गया, जो कमजोर भागीदारी की ओर इशारा करता है।

व्यक्तिगत निवेशकों का टर्नओवर मासिक आधार पर 26.2 फीसदी घटा, जिससे उनका हिस्सा छह महीने के निचले स्तर 32 फीसदी पर आ गया। पिछले महीनों में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड द्वारा वायदा और विकल्पों में खुदरा सट्टेबाजी पर लगाम लगाने के उपायों की शुरुआत के बाद डेरिवेटिव गतिविधि ठंडी पड़ गई थी।

गूगल करेगी निवेश वाले विज्ञापनों के लिए पंजीकरण सत्यापन अनिवार्य

मेटा के बाद, गूगल भी निवेश संबंधी विज्ञापनों के लिए पंजीकरण सत्यापन अनिवार्य कर सकता है क्योंकि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) फिनफ्लुएंसर के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर रहा है। सेबी के पूर्णकालिक सदस्य कमलेश चंद्र वार्ष्णेय ने कहा कि नियामक विज्ञापनों पर गूगल के साथ सैद्धांतिक रूप से सहमत हो गया है।

वार्ष्णेय ने कहा कि मेटा पर कोई भी विज्ञापन सेबी से सत्यापित होता है और दोहरे प्रमाणीकरण से गुजरता है। किसी भी निवेश सलाह या स्टॉक सिफारिश के लिए सेबी के पास निवेश सलाहकार या शोध विश्लेषक के रूप में पंजीकरण की आवश्यकता होती है। सेबी के अधिकारियों ने कहा कि नियामक के नियमों का उल्लंघन करने के कारण 80,000 से अधिक सामग्री लिंक और वेबसाइट हटा दी गई हैं। आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के माध्यम से उत्पन्न ये अलर्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डाले जाते हैं।

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First Published - September 14, 2025 | 9:41 PM IST

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