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जेनेरिक दवाओं को अमेरिकी टैरिफ छूट की संभावना से फार्मा शेयर चढ़े

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नए घटनाक्रम ने भारतीय दवा निर्माताओं के निवेशकों का उत्साह बढ़ाया है। इन कंपनियों में से कई अपनी आय का एक बड़ा हिस्सा अमेरिकी बाजार से हासिल करती हैं

Last Updated- October 09, 2025 | 10:31 PM IST
Pharma Stocks

भारतीय फार्मा शेयरों में गुरुवार को तेजी आई और निफ्टी फार्मा सूचकांक 1.05 फीसदी चढ़ा। इस बीच ऐसी खबरें हैं कि अमेरिका संभावित नए टैरिफ से जेनेरिक दवाओं को छूट देने पर विचार कर रहा है। चढ़ने वाले प्रमुख शेयरों में अरबिंदो फार्मा सबसे आगे रहा। यह शेयर 4.49 फीसदी की बढ़त के साथ 1,118.9 रुपये पर पहुंच गया। इसके बाद ल्यूपिन का स्थान रहा जो 2.73 फीसदी के इजाफे के साथ 1,957.6 रुपये पर पहुंच गया। पीरामल फार्मा 2 फीसदी बढ़कर 197.6 रुपये पर पहुंचा। सन फार्मा 1.65 फीसदी बढ़कर 1,658.5 रुपये पर और सिप्ला 1.26 फीसदी की बढ़त के साथ 1513.4 रुपये पर टिका। लॉरस लैब्स, बायोकॉन और डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज के शेयर भी बढ़त के साथ बंद हुए।

दूसरी ओर, कुछ अग्रणी शेयरों में हल्की मुनाफावसूली देखी गई। ग्लैंड फार्मा 0.61 फीसदी, ऐबट 0.71 फीसदी तथा इप्का लैबोरेटरीज 0.98 फीसदी फिसल गए।

वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन टैरिफ वाली वस्तुओं की सूची से जेनेरिक दवाओं को बाहर करने पर विचार कर रहा है।हालांकि प्रस्ताव को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है और आंतरिक विचार-विमर्श के आधार पर इसमें बदलाव हो सकता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का प्रशासन महत्त्वपूर्ण जेनेरिक दवाओं के घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए संघीय अनुदान या ऋण जैसे वैकल्पिक उपायों पर भी विचार कर रहा है, जिनका मकसद भारत सहित विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता घटाना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रशासन 1962 के व्यापार विस्तार अधिनियम की धारा 232 की जांच के तहत दवा उत्पादों और इनग्रेडिएंट्स की विस्तृत श्रृंखला पर शुल्क लगाने पर विचार कर रहा है। यह अधिनियम संभावित राष्ट्रीय सुरक्षा खतरों से निपटता है।

पिछले महीने राष्ट्रपति ट्रंप ने 1 अक्टूबर से ब्रांडेड दवाओं पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की योजना की घोषणा की थी। हालांकि उनके बयान में जेनेरिक दवाओं का जिक्र नहीं था। बाद में इस कदम को रोक दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन दवा निर्माताओं के साथ बातचीत को और समय देना चाहता है।

नए घटनाक्रम ने भारतीय दवा निर्माताओं के निवेशकों का उत्साह बढ़ाया है। इन कंपनियों में से कई अपनी आय का एक बड़ा हिस्सा अमेरिकी बाजार से हासिल करती हैं। विश्लेषकों ने कहा कि बाजार ने उन संकेतों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है कि वॉशिंगटन कम लागत वाली दवाओं के लिए नए व्यापार अवरोध टाल सकता है।

प्राइमस पार्टनर्स के प्रबंध निदेशक श्रवण शेट्टी ने कहा कि भारत का अमेरिका को लगभग 10 अरब डॉलर का जेनेरिक दवा निर्यात है। यह घरेलू दवा कंपनियों के राजस्व का बड़ा हिस्सा है। उन्होंने कहा, जेनेरिक दवाओं को नए टैरिफ से छूट मिलने की संभावना वाली खबर से इन कंपनियों के राजस्व स्रोत की सुरक्षा होगी।

बाजार में यह बढ़त पिछले कुछ सप्ताहों में देखी गई गिरावट के बाद आई है। इसमें और भी वृद्धि की गुंजाइश है क्योंकि अमेरिका में ब्रांडेड और जेनेरिक दवाओं की कीमतों के बीच बढ़ते अंतर के कारण जेनेरिक दवाओं को अपनाने का रुझान बढ़ रहा है।

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First Published - October 9, 2025 | 10:07 PM IST

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