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लगातार दूसरे महीने चढ़ने-गिरने वाले शेयरों का रेश्यो पॉजिटिव, मिडकैप ने बनाया नया रिकॉर्ड

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। बीएसई के आंकड़ों के मुताबिक मई में चढ़ने-गिरने वाले शेयरों का अनुपात (एडीआर) 1.06 रहा। इस दौरान 2,498 शेयरों में बढ़त हुई और 2,352 शेयरों में गिरावट आई

Last Updated- May 31, 2026 | 10:51 PM IST
Stock Market today

मई में लगातार दूसरे महीने गिरने वाले शेयरों के मुकाबले बढ़ने वाले शेयरों की संख्या ज्यादा रही। इससे बेंचमार्क सूचकांकों में कमजोरी के बावजूद पूरे बाजार की मजबूती जाहिर होती है। बीएसई के आंकड़ों के मुताबिक मई में चढ़ने-गिरने वाले शेयरों का अनुपात (एडीआर) 1.06 रहा। इस दौरान 2,498 शेयरों में बढ़त हुई और 2,352 शेयरों में गिरावट आई जबकि इसी महीने सेंसेक्स करीब 3 फीसदी लुढ़का।

जहां एक तरफ विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की लगातार बिकवाली का असर लार्ज-कैप शेयरों और बेंचमार्क सूचकांकों पर बना रहा, वहीं दूसरी तरफ व्यापक बाजार में तेजी बनी रही। इसे सीधे इक्विटी निवेश और म्युचुअल फंड दोनों के जरिये व्यक्तिगत निवेशकों के मजबूत निवेश से सहारा मिला। मई महीने में मिडकैप इंडेक्स में करीब 3 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। उसने सेंसेक्स के मुकाबले करीब 6 फीसदी बेहतर प्रदर्शन किया और महीने के दौरान एक नया रिकॉर्ड स्तर भी छुआ। स्मॉल-कैप इंडेक्स भी बढ़त के साथ बंद हुआ और इसमें करीब 1 फीसदी की तेजी आई।

अल्फानीति फिनटेक के सह-संस्थापक यूआर भट्ट ने कहा, मिडकैप शेयर अभी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं क्योंकि वे आमतौर पर एफपीआई के पसंदीदा नहीं होते। विदेशी फंड बड़े पैमाने पर लार्ज-कैप शेयरों जैसे बड़े बैंकों और इंडेक्स में ज्यादा भार रखने वाले दूसरे शेयरों को बेच रहे हैं। इसका असर बेंचमार्क इंडेक्स और बाजार के कुल माहौल पर पड़ा है। दूसरी ओर, मिडकैप को ज्यादातर घरेलू खुदरा और एचएनआई निवेशक चला रहे हैं, जो असल में कुछ शेयरों और सेक्टरों पर आक्रामक बने हुए हैं।

इक्विनॉमिक्स के संस्थापक जी. चोकालिंगम ने कहा, मिडकैप का प्रदर्शन आगे भी बेहतर रहेगा। वे रुपये की कमजोरी और एफपीआई की बिकवाली से काफी हद तक सुरक्षित हैं। साथ ही निवेश के अनोखे अवसर और वैल्यू भी देते हैं। इसके अलावा, हर हफ्ते लाखों नए खुदरा निवेशक बाजार में आ रहे हैं। घरेलू संस्थागत निवेशक भी उन मिडकैप को खरीद रहे हैं, जहां एफपीआई की हिस्सेदारी अपेक्षाकृत कम है।

मार्च में बाजारों के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद चढ़ने-गिरने वाले शेयरों के अनुपात (एडीआर) में काफी सुधार हुआ है। मार्च में 0.77 के स्तर पर गिरने के बाद, जो फरवरी 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर था, अप्रैल में एडीआर बढ़कर 1.54 पर पहुंच गया था, जो जून 2020 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।

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First Published - May 31, 2026 | 10:51 PM IST

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