स्टॉक ब्रोकर जीरोधा ने अपना रेफरल प्रोग्राम फिर शुरू कर दिया है। नियामकीय अनिश्चितता के कारण कुछ समय के लिए रोके गए ब्रोकरेज-शेयरिंग इंसेंटिव को अब वापस लाया गया है। यह रेफरल प्रोग्राम नियामकीय पाबंदियों के कारण 2024 में रोक दिया गया था। कभी इसकी स्टॉकब्रोकर के नए अकाउंट खुलने में आधी हिस्सेदारी होती थी।
हालांकि जीरोधा ने मार्केटिंग और विज्ञापन पर खर्च करने से परहेज किया है, लेकिन रेफरल प्रोग्राम ने ‘वर्ड-ऑफ-माउथ’ ग्रोथ मॉडल के तौर पर मदद की है। पिछले एक साल में बाजार भागीदारी में सुस्ती के कारण डिस्काउंट ब्रोकर के नए अकाउंट खुलने की संख्या में खास बढ़ोतरी नहीं हुई। रेफरल फिर से शुरू करने से ब्रोकर को नए निवेशक मिल सकते हैं।
अमेरिका-ईरान युद्ध के समाधान की नई उम्मीदों के बीच निफ्टी पिछले सप्ताह 1.1 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ और उसने लगातार दो सप्ताह की गिरावट का सिलसिला तोड़ा। शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई और यह 90 डॉलर से नीचे आ गया। नतीजतन, सूचकांक सप्ताह के अंत में 1.10 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। लेकिन निवेशक अभी भी सावधानी बरत रहे हैं, क्योंकि युद्ध के समाधान को लेकर पहले भी उम्मीदें जगी थीं लेकिन बाद में वे निराशा में बदलीं।
इसके अलावा, जब तक दोनों पक्षों के बीच कोई औपचारिक समझौता नहीं होता, तब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की वापसी की संभावना कम है। एसबीआई सिक्योरिटीज में टेक्नीकल और डेरिवेटिव रिसर्च के प्रमुख सुदीप शाह ने कहा, ‘इंडेक्स 23,800 और उसके बाद मनोवैज्ञानिक स्तर 24,000 की ओर बढ़त जारी रख सकता है। नीचे 23,350-23,300 का दायरा अहम सपोर्ट एरिया के तौर पर काम कर सकता है।