वैश्विक बाजारों पर संकट गहरा रहा है। लेकिन इससे खुदरा निवेशक रुके नहीं है। निवेश सेवा प्लेटफॉर्म स्मॉलकेस के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी वसंत कामत का ऐसा कहना है। निकिता वशिष्ठ को ईमेल के जरिये दिए साक्षात्कार में कामत ने बताया कि निवेशक ज्यादा सतर्क हो गए हैं और विविध व दीर्घकालिक निवेशों का रुख कर रहे हैं। मुख्य अंश:
ईरान युद्ध के दौरान खुदरा निवेश कैसा रहा है?
भू-राजनीतिक संघर्ष आमतौर पर अल्पकालिक अस्थिरता बढ़ाते हैं। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि खुदरा निवेशकों की सहभागिता में अब तक कोई बहुत बड़ी बाधा नहीं आई है। उद्योग के आंकड़े इस मजबूती को दर्शाते हैं, जिसमें निरंतर निवेश और व्यवस्थित निवेश व्यवहार बरकरार है। लेकिन हम देख रहे हैं कि पूंजी लगाने के निवेशकों के तरीके में बदलाव आ रहा है। ज्यादा सतर्कता बरती जा रही है, आवंटन टुकड़ों में हो रहे हैं और निवेशक सूचकांक आधारित योजनाओं के रूप में सरल और ज्यादा विविधता वाले निवेश विकल्पों को अपना रहे हैं। यह वास्तव में निवेशकों के व्यवहार में बदलाव है यानी प्रतिक्रिया के मुकाबले ज्यादा सोच-समझकर और आवंटन आधारित निवेश।
स्मॉलकेस पर निवेशक कौन सी थीम चुन रहे हैं?
पिछले कुछ महीनों में रुझान तेज वृद्धि वाले निवेशों की बजाय संतुलन पर ज्यादा हो गया है। स्मॉलकेस प्लेटफॉर्म पर हम स्थिरता पर आधारित पोर्टफोलियो में ज्यादा दिलचस्पी देख रहे हैं, जैसे लार्जकैप शेयर, लाभांश-आधारित रणनीतियां और प्राइवेट बैंकिंग और पूंजीगत सामान जैसे मज़बूत बैलेंस शीट वाले सेक्टर। साथ ही, विनिर्माण या डिजिटल जैसी दीर्घकालिक थीम में भी रुचि बनी हुई है। कुल मिलाकर, यह ज्यादा सोच-समझकर पोर्टफोलियो बनाने की दिशा में कदम है।
भारत में भू-राजनीतिक संकट के साथ-साथ डेरिवेटिव पर नियामकीय जांच भी आ गई है। ये स्मॉलकेस ट्रेडिंग और ब्रोकरेज इकोसिस्टम के वॉल्यूम को किस प्रकार प्रभावित कर सकते हैं?
ऊर्जा की कीमतों जैसे वैश्विक घटनाक्रम और नियामकीय बदलाव बाजारों के विकास का हिस्सा हैं और अल्पावधि में ये बाजार के रुझान को प्रभावित कर सकते हैं। प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म के रूप में हम इन घटनाओं की व्याख्या नहीं करते और न ही बाजार की दिशा पर कोई राय रखते हैं। हमारी भूमिका निवेशकों को विभिन्न परिस्थितियों में बाजारों में हिस्सा लेने के लिए पहुंच और साधन उपलब्ध कराना है। कुल मिलाकर, बाजार की परिस्थितियां बदल सकती हैं, लेकिन हमारे जैसे प्लेटफॉर्म का मुख्य मकसद निवेशकों के लिए निरंतर और निर्बाध भागीदारी सुनिश्चित करना है।
इस बाजार में निवेशक अपनी पूंजी की सुरक्षा कैसे कर सकते हैं?
विशिष्ट घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने के बजाय हमने देखा है कि प्लेटफॉर्म पर निवेशकों के लिए जो चीज लगातार कारगर साबित होती है, वह है अनुशासित नजरिया। इसमें विविधीकरण, चरणबद्ध निवेश और अल्पकालिक लक्ष्यों के बजाय दीर्घकालिक लक्ष्यों के अनुरूप पोर्टफोलियो बनाना शामिल है। एक प्लेटफॉर्म के रूप में हमारी भूमिका सुलभता, पारदर्शिता और क्रियान्वयन में सुगमता के माध्यम से इन दृष्टिकोणों को सक्षम बनाना है।
स्मॉलकेस ने हाल में वैश्विक इक्विटी में निवेश करने का विकल्प पेश किया है। निवेशकों की प्रतिक्रिया कैसी रही है?
शुरुआती प्रतिक्रिया उत्साहजनक रही है। अनिश्चितता के दौर में अक्सर निवेशकों को विविधीकरण के महत्त्व का अहसास होता है। हमने वैश्विक निवेश में लगातार रुचि देखी है क्योंकि निवेशक घरेलू जोखिमों को अन्य बाजारों में अवसरों के साथ संतुलित करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि अल्पकालिक सावधानी बरती जा सकती है, लेकिन वैश्विक विविधीकरण का दीर्घकालिक महत्त्व निवेशकों के बीच अभी भी बना हुआ है।