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निचले स्तर के बाद भी RIL से उम्मीद, मेटा डील व एजीएम से जुड़ी उम्मीदों के चलते विश्लेषक पॉजिटिव

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बुधवार को आरआईएल ने गुजरात के जामनगर में 168 मेगावॉट क्षमता वाली डेटा सेंटर परियोजना के लिए मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक. के साथ साझेदारी की घोषणा की

Last Updated- June 10, 2026 | 11:30 PM IST
Reliance Industries (RIL AGM 2026)

बुधवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) का शेयर 0.8 प्रतिशत गिरकर 1,259.6 रुपये पर बंद हुआ, जो इसका 52 सप्ताह का निचला स्तर है। गुजरात में डेटा सेंटर प्रोजेक्ट के लिए मेटा के साथ डील की घोषणा के बाद, दिन के कारोबार में इसके शेयर में लगभग 2 प्रतिशत की बढ़त हुई थी और यह 1,300 रुपये के स्तर पर पहुंच गया था। पिछले एक महीने में इस शेयर में लगभग 9 प्रतिशत की गिरावट आई है, और यह इस साल जनवरी में बने 52 सप्ताह के ऊंचे स्तर 1,474 रुपये से 12 प्रतिशत नीचे आ गया है।

जानकारों का मानना ​​है कि हाल की कमजोरी की वजह प​श्चिम एशिया युद्ध के कारण वित्त वर्ष 2027 के लिए कंपनी के सतर्क अनुमान हैं। मगर उनका कहना है कि मध्याव​धि से दीर्घाव​धि के नजरिये से इस कमजोरी का फायदा उठाते हुए खरीदारी की जा सकती है।

इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक और शोध प्रमुख जी चोकालिंगम के अनुसार आरआईएल का शेयर दबाव में है क्योंकि निवेशक 19 जून को होने वाली एजीएम में की जाने वाली घोषणाओं की जानकारी सामने आने का इंतजार कर रहे हैं, वे खासकर प​श्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का प्रभाव और कंपनी की सहायक कंपनियों के लिए योजनाओं के बारे में स्पष्टता चाहते हैं।

आरआईएल ने अपनी सालाना रिपोर्ट में भी पश्चिम एशिया संघर्ष से पैदा होने वाली मुश्किलों के बारे में आगाह किया और कहा कि वित्त वर्ष 2027 का आउटलुक ‘भू-राजनीतिक, मैक्रो-इकोनॉमिक और पॉलिसी से जुड़े जोखिमों के प्रति बहुत ज्यादा संवेदनशील’ बना हुआ है। आरआईएल ने चेतावनी दी थी कि तेल की ऊंची कीमतों और संभावित आर्थिक सुस्ती के कारण इस वित्त वर्ष में वै​श्विक स्तर पर तेल की मांग सुस्त रहने की संभावना है।

आरआईएल-मेटा डेटा सेंटर समझौता

बुधवार को आरआईएल ने गुजरात के जामनगर में 168 मेगावॉट क्षमता वाली डेटा सेंटर परियोजना के लिए मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक. के साथ साझेदारी की घोषणा की। इस प्रोजेक्ट को दो साल के भीतर पूरा किया जाएगा और इसमें क्षमता बढ़ाने का विकल्प होगा। इस समझौते के तहत आरआईएल डेटा सेंटर के पूरे जीवनचक्र के दौरान शुरू से आखिर तक की सभी सेवाएं देगी, जिसमें डिजाइन और निर्माण से लेकर यूटिलिटीज का प्रबंधन, अक्षय ऊर्जा आपूर्ति, नेटवर्क कनेक्टिविटी और पूरी तरह से प्रबं​धित परिचालन सेवाएं शामिल हैं।

चोकालिंगम ने कहा, ‘आरआईएल धीरे धीरे तेल और गैस कारोबारों से दूरी बना रही है और उपभोक्ता-केंद्रित व्यवसायों में दांव लगा रही है। यहां तक कि डेटा सेंटर भी तेल और गैस से अलग सेक्टर हैं। ऐसे उद्यमों से आखिरकार शेयर की री-रेटिंग को बढ़ावा मिलेगा।’

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के प्रमुख (निवेश रणनीतिकार) गौरांग शाह ने कहा कि कंपनी पहले तैयार की गई योजनाओं पर आगे बढ़ रही है और यह सही दिशा में उठाया गया एक कदम है। उन्होंने खरीद के साथ 18 माह में 1540 का लक्ष्य दिया है। जेफरीज के विश्लेषकों ने हाल में एक नोट में कहा है कि डेटा सेंटर की मांग आपूर्ति से ज्यादा बनी हुई है। टेक दिग्गेजों का पूंजीगत खर्च तेजी से बढ़ रहा है और चिप वॉल्यूम के अनुमान बताते हैं कि डेटा सेंटर की डिलिवरी क्षमता से कहीं ज्यादा गीगावॉट क्षमता की जरूरत होगी।

आरआईएल की एजीएम

एजीएम के बारे में निवेशकों और विश्लेषकों का कहना है कि उन्हें रिलायंस जियो आईपीओ की संभावित योजना पर स्पष्टता की उम्मीद है। रिपोर्टों के मुताबिक इसके अलावा कंपनी अगले पांच वित्त वर्षों में डिजिटल सेवा से जुड़ी सहायक इकाइयों – जियो प्लेटफॉर्म्स और रिलायंस जियो इन्फोकॉम – से संबंधित 16.64 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के आंतरिक लेनदेन को मंजूरी के लिए शेयरधारकों की सहमति मांगेगी।

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First Published - June 10, 2026 | 11:22 PM IST

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