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RIL की US रिफाइनरी को मिल सकती है वेनेजुएला के तेल तक पहुंच; स्टॉक पर BUY रेटिंग, ₹1,730 के टारगेट

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विश्लेषकों का मानना है कि इससे मुकेश अंबानी की कंपनी को न केवल अमेरिकी कच्चे तेल तक पहुंच मिलेगी, बल्कि समय के साथ वेनेजुएला के कच्चे तेल तक पहुंच का रास्ता भी खुल सकता है।

Last Updated- March 11, 2026 | 1:59 PM IST
Reliance
Representational Image

रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) द्वारा टेक्सास के ब्राउन्सविल में प्रस्तावित रिफाइनरी परियोजना कंपनी के लिए एक सकारात्मक कदम है। विश्लेषकों का मानना है कि इससे मुकेश अंबानी की कंपनी को न केवल अमेरिकी कच्चे तेल तक पहुंच मिलेगी, बल्कि समय के साथ वेनेजुएला के कच्चे तेल तक पहुंच का रास्ता भी खुल सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इस सौदे का पूरा लाभ कंपनी के फाइनें​शियल रिजल्ट्स में दिखने में समय लगेगा।

मार्केट विश्लेषक अंबरीश बालिगा के मुताबिक हालिया घटनाक्रमों के बीच यह कदम रिलायंस के लिए रणनीतिक रूप से फायदेमंद है। उन्होंने कहा कि यह कंपनी के लिए भारत से बाहर कारोबार का अच्छा विस्तार भी है। रिलायंस के पास भारी और जटिल कच्चे तेल को प्रोसेस करने की तकनीकी क्षमता है। इसलिए अमेरिका में रिफाइनरी होने से उसे टेक्सास और संभवतः वेनेजुएला के तेल तक भी पहुंच मिल सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इसका असर कंपनी के फाइनें​शियल रिजल्ट्स में दिखने में समय लगेगा और निवेशकों को इसे लंबे समय के नजरिये से देखना चाहिए।

वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज के इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट क्रांति बाथिनी का मानना है कि मौजूदा जियो-पॉलिटिकल परिस्थितियों में अमेरिका के साथ यह संभावित समझौता रिलायंस और भारत-अमेरिका संबंधों दोनों के लिए सकारात्मक हो सकता है। लेकिन उन्होंने कहा कि सौदे की पूरी जानकारी सामने आने का इंतजार करना जरूरी है, क्योंकि कंपनी ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

RIL: इस साल 11%तक टूटा

इस साल अब तक रिलायंस का शेयर प्रदर्शन कमजोर रहा है। कंपनी का शेयर करीब 11 प्रतिशत गिरा है, जबकि इसी अवधि में निफ्टी 50 सूचकांक लगभग 8 फीसदी नीचे आया है। बुधवार को सुबह के कारोबार में रिलायंस का शेयर लगभग 1,400 रुपये के आसपास स्थिर कारोबार कर रहा था, जबकि सेंसेक्स करीब 0.8 फीसदी गिरकर 77,611 के स्तर पर था।

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने टेक्सास के ब्राउन्सविल में नई तेल रिफाइनरी प्रोजेक्ट की घोषणा की थी, जिसे अमेरिका में पिछले लगभग 50 वर्षों में बनने वाली पहली नई रिफाइनरी बताया गया। ट्रंप ने इसे 300 अरब डॉलर के समझौते का हिस्सा बताया, हालांकि सौदे की वित्तीय संरचना के बारे में अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव

इस बीच, कच्चे तेल की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव देखा गया। ईरान से जुड़े तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तेल आपूर्ति पर असर की आशंका के बीच वैश्विक बाजार में हलचल बनी हुई है। आंकड़ों के अनुसार, ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 1.6 फीसदी गिरकर 86.4 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 1.1 फीसदी गिरकर 82.82 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।

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RIL पर BUY रेटिंग, ₹1,730 का टारगेट

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड (इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी) गौरांग शाह ने कहा कि ब्रोकरेज हाउस रिलायंस को लेकर सकारात्मक है, लेकिन टेक्सास प्रोजेक्ट पर कंपनी की ओर से अधिक स्पष्ट जानकारी आने तक इंतजार करना बेहतर होगा। उनके अनुसार रिलायंस की एडवांस तकनीक उसे हाई डेंसिटी और भारी कच्चे तेल को प्रोसेस करने में सक्षम बनाती है, जिससे वह ऐसे प्रोजेक्ट्स के लिए उपयुक्त कंपनी बनती है।

जेएम फाइनेंशियल के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों में रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयर में आई गिरावट जरूरत से ज्यादा है और फिलहाल यह बीयर-केस वैल्यूएशन यानी लगभग 1,275 रुपये प्रति शेयर के करीब कारोबार कर रहा है।

जेएम फाइनेंशियल के दयानंद मित्तल, शिवम गुप्ता और अनुपम जखोटिया ने अपनी हालिया रिपोर्ट में लिखा, “हाल की गिरावट के बाद वैल्यूएशन आकर्षक स्तर पर है, इसलिए हम शेयर पर ‘खरीद’ की सलाह दोहराते हैं और 1,730 रुपये का टारगेट प्राइस बनाए रखते हैं। मौजूदा कीमत में रिटेल कारोबार के एबिटडा ग्रोथ में निकट अवधि की कमजोरी को काफी हद तक शामिल कर लिया गया है, जो क्विक कॉमर्स कारोबार के विस्तार के कारण हो सकती है। हालांकि अगले 2–3 वर्षों में डिजिटल कारोबार में 15–16 फीसदी एबिटडा ग्रोथ की संभावना अभी पूरी तरह कीमत में शामिल नहीं हुई है, जिसे एआरपीयू में 10–11 फीसदी सालाना ग्रोथ से सपोर्ट मिल सकता है। उम्मीद है कि अगले 3–5 वर्षों में आरआईएल की प्रति शेयर आय (ईपीएस) में 14–16 फीसदी सालाना ग्रोथ हो सकती है।”

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First Published - March 11, 2026 | 1:59 PM IST

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