सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने बुधवार को बताया कि नियामक ने तकनीकी दिग्गज गूगल से अपने आर्टिफिशल इंटेलिजेंस टूल्स और एनफोर्समेंट उपायों को बढ़ाने के लिए कहा है ताकि वैसे फाइनैंशियल इन्फ्लुएंसर्स पर नजर रखी जा सके, जो नियमों का उल्लंघन करते हैं।
सेबी चेयरमैन ने बड़ी तकनीकी कंपनियों से यह भी आग्रह किया कि वे धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए आपस में और ज्यादा तालमेल बिठाएं। पांडेय ने कहा, हालांकि नियामक ने सोशल मीडिया पर भ्रामक कंटेंट वाले एक लाख से ज्यादा लिंक हटा दिए हैं और हमने गूगल से भी अनुरोध किया है कि वे अपने एआई उपायों को सक्रिय रूप से अपनाएं और हम उन्हें इसे विकसित करने में मदद करेंगे, जिससे वे उन इन्फ्लुएंसर्स को ट्रैक कर सकें, जो हमारे नियमों का उल्लंघन करते हैं।
उन्होंने कहा, हमें अपने कानूनों और नियमों के अनुसार ऐसे साधन विकसित करने होंगे, जो इस चीज को रोक सकें और ऐसे लोगों को साइबर स्पेस से बाहर निकालने में मदद करें, जिन्हें वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये बर्बाद कर रहे हैं हैं।
पांडेय गूगल के साथ साझेदारी में ‘वेरिफाइड ऐप लेबलिंग’ की शुरुआत के मौके पर बोल रहे थे। यह ऐसा कदम है, जिसका मकसद निवेशकों को वैसे नकली ऐप्स से बचाना है, जो बाज़ार के मध्यस्थों का रूप धरकर उन्हें धोखा देते हैं।
गूगल प्ले स्टोर पर सेबी पंजीकृत इंटरमीडियरीज जैसे कि स्टॉक ब्रोकर्स के ऐप्स पर एक वेरिफिकेशन टिक मार्क होगा, जिससे निवेशकों को असली ऐप्स पहचानने में मदद मिलेगी। अभी तक 600 से ज्यादा ऐप्स सत्यापित किए जा चुके हैं, और यह सुविधा जल्द ही दूसरे इंटरमीडियरीज के लिए भी शुरू की जाएगी।