सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने सोमवार को कहा कि भारत का वित्तीय तंत्र लगातार मजबूत होता जा रहा है। इसकी मुख्य वजह अनुशासित घरेलू निवेशक, नियामकीय सुधार और छोटे शहरों व राज्यों से बढ़ती भागीदारी है। उन्होंने बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, उभरते साइबर खतरों और सोशल मीडिया पर बिना किसी नियमन के दी जाने वाली वित्तीय सलाह को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच यह बात कही। पश्चिम एशिया में जारी संकट और भारत पर इसके संभावित असर को लेकर पांडेय ने कहा कि इस लड़ाई ने निस्संदेह तेल आपूर्ति में रुकावट और महंगाई के दबाव के जरिये वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता पैदा की है। लेकिन भारतीय बाजारों ने अब तक बाहरी झटकों को झेलने की क्षमता दिखाई है।
उन्होंने कहा, मौजूदा संकट अपने वैश्विक दायरे के लिहाज से मुश्किल है, खासकर तेल के मामले में। इसने कीमतों और आपूर्ति दोनों में झटके दिए हैं और सभी अर्थव्यवस्थाएं इसका असर महसूस कर रही हैं। महंगाई का खतरा है और आर्थिक वृद्धि पर इसके दूसरे स्तर के असर पड़ रहे हैं। लेकिन भारतीय बाजार काफी मजबूत बने हुए हैं। उतार-चढ़ाव बढ़ा है, लेकिन यह अभी भी उस दायरे में है जिसे बाजार संभाल सकते हैं।
हालांकि उन्होंने इस बात पर कोई अनुमान लगाने से परहेज किया कि क्या पश्चिम एशिया संकट बढ़ने से कोविड-19 महामारी या रूस-यूक्रेन संघर्ष से भी बड़ा व्यवधान पैदा हो सकता है। लेकिन पांडेय ने इस बात पर जोर दिया कि सितंबर 2024 से बाजार में गिरावट और विदेशी संस्थागत निवेशकों की निकासी के बावजूद घरेलू निवेशकों ने बाजार को लगातार सहारा दिया है।
आर्टिफिशल इंटेलिजेंस से उभरते जोखिमों पर बोलते हुए पांडेय ने चेतावनी दी कि अगर गलत इरादे वाले लोग एडवांस्ड एआई टूल्स का बेजा इस्तेमाल करते हैं तो वे वित्तीय बाजारों के लिए गंभीर साइबर सुरक्षा चुनौतियां खड़ी कर सकते हैं। उन्होंने कहा, एआई खासकर मिथोस एक असली खतरा है। मिथोस अभी तक रिलीज नहीं हुआ है। लेकिन इसे सिर्फ कुछ ही संस्थाओं को दिया गया है। ऐसे ही दूसरे एआई टूल्स हैं जो दावा करते हैं कि वे पारंपरिक टूल्स की तुलना में कमजोरियों को कहीं ज्यादा तेज़ी से पहचान सकते हैं। गलत इरादे वाले लोगों के हाथों में पड़ने पर वे संभावित रूप से इन कमजोरियों का कहीं ज्यादा तेजी से फायदा उठा सकते हैं।
पांडेय ने कहा कि सेबी ने पहले ही सक्रिय कदम उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि यह दुनिया के उन पहले नियामकों में से एक था, जिसने एआई से जुड़े साइबर जोखिमों पर बाजार के प्रतिभागियों के लिए औपचारिक सलाह जारी की।