उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में बीएसई सेंसेक्स बुधवार को लगातार दूसरे दिन 142 अंक टूट गया जबकि एनएसई निफ्टी में छह अंकों की मामूली गिरावट रही। पश्चिम एशिया में जारी अनिश्चितता के बीच निवेशकों के सतर्क रुख और विदेशी संस्थागत निवेशकों की ताजा पूंजी निकासी से बाजार में गिरावट रही।
बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 141.90 अंक यानी 0.19 फीसदी टूटकर 75,867.80 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ऊंचे में 76,224.68 अंक तक गया और नीचे में 75,748.21 अंक तक आया।
सेंसेक्स में शामिल 20 शेयरों में बढ़त हुई जबकि 10 में गिरावट रही। वहीं, एनएसई का 50 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक निफ्टी 6.55 अंक यानी 0.03 फीसदी की मामूली गिरावट के साथ 23,907.15 अंक पर टिका।
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, आईटीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में प्रमुख रूप से गिरावट रही। दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में पावर ग्रिड, इटर्नल, एनटीपीसी और टाटा स्टील शामिल हैं।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से निवेशक धारणा सतर्क रही। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 3.24 फीसदी टूटकर 96.35 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
व्यापक बाजार में बीएसई स्मालकैप सूचकांक 0.29 फीसदी फिसला जबकि मिडकैप सूचकांक में 0.52 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। क्षेत्रवार सूचकांकों में निजी बैंक सूचकांक में 0.83 फीसदी और वित्तीय सेवा खंड में 0.64 फीसदी की गिरावट रही। वहीं पूंजीगत उत्पाद खंड में 3.21 फीसदी और यूटिलिटी खंड में 2.39 फीसदी की तेजी रही।
ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पोनमुडी आर. ने कहा, ‘पश्चिम एशिया में व्याप्त अनिश्चितता के बीच निवेशकों के देखो और इंतजार करो की नीति अपनाने के कारण भारतीय शेयर बाजार में काफी हद तक नरमी रही।
उन्होंने कहा, ‘हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच निरंतर राजनयिक बातचीत के संकेतों ने बाजार धारणा को स्थिर करने और आक्रामक बिकवाली के दबाव को सीमित करने में मदद की। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्केई बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि चीन का शांघाई एसएसई कम्पोजिट और हॉन्गकॉन्ग का हैंग सेंग गिरावट के साथ बंद हुए। भाषा