जेफरीज में इक्विटी स्ट्रैटेजी के वैश्विक प्रमुख क्रिस्टोफर वुड ने निवेशकों को भेजे अपने साप्ताहिक नोट ‘ग्रीड ऐंड फियर’ में लिखा है कि स्पेसएक्स का आईपीओ एआई से जुड़े उत्साह और बाजार आशावाद का चरम हो सकता है। तीन बड़े आईपीओ-स्पेसएक्स, एंथ्रोपिक और ओपनएआई- दूसरे शेयरों से रकम खींच लेंगे, खासकर पैसिव निवेश की खुद को मजबूत करने वाली प्रक्रिया को देखते हुए यह संभव है।
तार्किक आधार पर बात करें तो सबसे ज्यादा जोखिम उन शेयरों को होना चाहिए जिनमें हाल में सबसे अधिक नया निवेश आया है, यानी वे शेयर जो एआई ‘निवेश की रणनीति’ से जुड़ा दांव रहे हैं। इसके साथ ही, अपने आकार के कारण दिग्गज टेक कंपनियों के शेयरों पर भी असर आ सकता है।
वुड ने लिखा है, ‘प्रस्तावित आईपीओ से यह सवाल उठता है कि क्या यह एआई को लेकर पैदा हुए जुनून का पीक या सबसे ऊंचा स्तर है। ऐसा हो भी सकता है। कुछ बड़े लोग जिस तरह एआई पर दांव लगाने के अपने अनुभव के बारे में बच्चों की तरह खुश होकर बातें करते हैं, उससे यह संभावना ज्यादा बढ़ जाती है और इसके साथ ही टोकन मैक्सिंग (कर्मचारियों के एआई का अधिकतम उपयोग करना) के खिलाफ प्रतिक्रिया भी शुरू हो सकती है।’
स्पेसएक्स 135 डॉलर प्रति शेयर की कीमत पर 55.56 करोड़ शेयर बेचने की योजना बना रही है। इससे 75 अरब डॉलर जुटाए जाएंगे। वुड का कहना है कि कंपनी का फ्री फ्लोट सिर्फ 4.2 प्रतिशत है, लेकिन नैस्डैक-100 इंडेक्स वेटिंग की गणना के लिए इसे 12.7 प्रतिशत फ्लोट माना जाएगा।
वुड ने कहा, स्पेसएक्स को सूचकांकों में जल्द शामिल किया जाएगा, जिसमें कंपनी की प्रस्तावित हिस्सेदारी के प्रतिशत से अधिक वेटेज मिलेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका में सूचकांकों में नई लिस्टिंग को इस तरह से कभी‘फास्ट ट्रैकिंग’ नहीं किया गया है। उन्होंने लिखा, ‘इस कदम का महत्त्व यह है कि इससे पैसिव फंडों को इंडेक्स में संबंधित वेटेज (भारांक) तक शेयर खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। लिस्टिंग नियमों में एक और अहम बदलाव यह है कि इनसाइडर्स अपने शेयर सामान्य से ज्यादा तेजी से बेच सकेंगे।’
उल्लेखनीय है कि एमएससीआई के मौजूदा तरीके में बड़े आईपीओ को तेजी से शामिल करने का नियम पहले से ही है। इसके अनुसार, बड़ी कंपनियों के शेयर 10 कारोबारी दिनों के बाद ही शामिल किए जा सकते हैं, बशर्ते कि वे आकार से जुड़ी कुछ शर्तों को पूरा करते हैं और कम ‘फ्री फ्लोट’ होने पर भी उन्हें शामिल किया जा सकता है।