facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Share Market Crash: इन 4 वजहों से शेयर बाजार में आई बड़ी गिरावट, चौतरफा बिकवाली से बाजार धराशायी

Advertisement

बाजार की अस्थिरता को देखने वाला इंडिया VIX 60% तक बढ़ गया। यह 4 जून, 2024 के बाद का इसका सबसे हाई लेवल है।

Last Updated- April 07, 2025 | 10:59 AM IST
Stock Market Crash

Stock market crash today: भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सोमवार को बड़ी गिरावट में खुले। वैश्विक बाजारों में बिकवाली का असर घरेलू बाजारों पर भी पड़ा। बीएसई सेंसेक्स इंडेक्स ने शुरुआती कारोबार में 3,939 अंकों की गिरावट के साथ 71,425.01 का निचला स्तर छुआ। इसी दौरान, एनएसई निफ्टी50 ने 21,800 के स्तर से नीचे गिरकर 21,743 का निचला स्तर छुआ। इंडेक्स ने 1,160 अंकों की गिरावट दर्ज की। यह पिछले साल 4 जून के बाद बाजार की सबसे बड़ी गिरावट है।

निफ्टी मिडकैप इंडेक्स और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स क्रमशः 7.5 प्रतिशत और 9.92 प्रतिशत तक गिर गए। इस बीच, बाजार की अस्थिरता को देखने वाला इंडिया VIX 60% तक बढ़ गया। यह 4 जून, 2024 के बाद का इसका सबसे हाई लेवल है।

शेयर बाजार के 7 अप्रैल को गिरने के प्रमुख कारण;

चीन की जवाबी प्रतिक्रिया: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने चीन के निर्यात पर 54 प्रतिशत टैरिफ लगाया। इसके जवाब में बीजिंग ने सभी अमेरिकी आयातों पर 34 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया। इसके अलावा, चीन ने सात प्रकार की दुर्लभ पृथ्वी मेटल के निर्यात पर रोक लगा दी है। साथ ही अमेरिकी और भारतीय मेडिकल सीटी एक्स-रे ट्यूबों के खिलाफ एंटी-डंपिंग जांच शुरू की और 16 अमेरिकी कंपनियों पर निर्यात नियंत्रण लगा दिया है।

वैश्विक वृद्धि को लेकर चिंताएं: विश्लेषकों का मानना है कि टैरिफ नीति से अमेरिका में महंगाई में वृद्धि हो सकती है। इससे मांग कमजोर होगी और मंदी का खतरा बढ़ेगा। बर्नस्टीन ने कहा कि टैरिफ्स महत्वपूर्ण हैं और अब लगभग 60 प्रतिशत प्रभावित आयातों पर 20 प्रतिशत से अधिक ड्यूटी लग रही है। इससे औसत भारित टैरिफ 28.3 प्रतिशत हो गया है।

ALSO READ | Stock Market Crash: निवेशकों के 10 मिनट में ₹1,80,00,00,00,000 करोड़ स्वाह, संभलने का भी नहीं मिला मौका

सेकटरोल इंडेक्स में गिरावट: भारत के ऑटोमोबाइल, आईटी, मेटल, फार्मा और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में वैश्विक व्यापार तनावों की बढ़ती चिंताओं के कारण औसतन 7 प्रतिशत की गिरावट आई। निवेशक भी घबराए हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने फार्मा उत्पादों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की धमकी दी है। भारतीय तेल विपणन कंपनियां (OMCs) भी प्रभावित हुईं। ऐसा इसलिए क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट आई है और ब्रेंट क्रूड तेल 2.74 प्रतिशत गिरकर $63.78 प्रति बैरल पर आ गया है।

FII बिकवाली: वैश्विक फंड्स द्वारा भारतीय शेयरों की खरीदारी में रिवाइवल को वैश्विक ट्रेड वॉर तनावों के चरम पर पहुंचने के बाद पलट दिया गया है। विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) पिछले पांच ट्रेडिंग सेशन से नेट सेलर रहे हैं। इससे इस साल ₹1.5 ट्रिलियन का ऑउटफ्लो हो चुका है। इसी दौरान, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने ₹1.93 लाख करोड़ रुपये के शेयर खरीदें है।

निवेशक क्या अपनाएं स्ट्रेटजी?

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के टेक्निकल रिसर्च प्रमुख रचित जैन ने कहा, “ऐसी स्थिति में, वैश्विक लेवल पर घटाक्रम शॉर्ट टर्म में बाजार की दिशा तय करेंगे। ऐसे में शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ की नीति अपनानी चाहिए।”

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि किसी को भी यह अंदाजा नहीं है कि ट्रंप के टैरिफ्स से पैदा हुई यह हलचल कैसा रूप लेगी। इस उथल-पुथल के दौर में वेट एंड वॉच सबसे अच्छा रणनीति होगी।”

उन्होंने कहा कि घरेलू उपभोग से संबंधित सेक्टर्स जैसे फाइनेंशियल, एविएशन, होटल, चुनिंदा ऑटो, सीमेंट, डिफेन्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म कंपनियां इस संकट से उम्मीद से कम प्रभावित हो सकती हैं।

Advertisement
First Published - April 7, 2025 | 10:59 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement