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Stock Market: मजबूत खरीदार के तौर पर विदेशी निवेशकों की वापसी, नई ऊंचाई पर पंहुचा शेयर बाजार

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आने वाले समय में संकेतों के मामले में दरों को लेकर बैंक ऑफ इंग्लैंड का फैसला, अमेरिका के आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के बयान पर नजर रहेगी।

Last Updated- June 18, 2024 | 9:30 PM IST
Stock Market Fall

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की लगातार खरीदारी और आर्थिक वृद्धि परिदृश्य को लेकर बढ़ते आशावाद के बीच बेंचमार्क सूचकांकों ने मंगलवार को नई ऊंचाई को छू लिया।

सेंसेक्स (Sensex) 308 अंकों की बढ़त के साथ 77,301 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी-50 (Nifty-50) ने 92 अंकों की बढ़त के साथ 23,558 पर कारोबार की समाप्ति की। निफ्टी लगातार चौथे कारोबारी सत्र के दौरान नई ऊंचाई पर पहुंचा। सेंसेक्स लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में नई दहलीज पर पहुंचा।

बीएसई (BSE) में सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण भी 437.24 लाख करोड़ रुपये (5.24 लाख करोड़ डॉलर) के नए रिकॉर्ड को छू गया। एफपीआई और देसी संस्थागत निवेशक मंगलवार को शुद्ध खरीदार रहे।

एफपीआई (FPI) ने 2,569 करोड़ रुपये की शुद्ध खरी की जबकि देसी संस्थानों ने 1,556 करोड़ रुपये की। एफपीआई पिछले सात कारोबारी सत्रों से 17,354 करोड़ रुपये के शुद्ध खरीदार बने हुए हैं। मई में उन्होंने देसी शेयरों से करीब 26,000 करोड़ रुपये की निकासी की थी।

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साझेदारों का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़े होने से राजनीतिक निरंतरता सुनिश्चित हुई है और इससे निवेशकों का मनोबल मजबूत हुआ है। हाल में भारत के आर्थिक वृद्धि परिदृश्य के अपग्रेड होने से भी विदेशी निवेशकों में इकसे आकर्षण में इजाफा हुआ है।

विश्लेषकों ने नीतिगत निरंतरता सुनिश्चित करने में राजग सरकार की अहम भूमिका को रेखांकित किया है। उनका कहना है कि इसके साथ ही राजनीतिक स्थायित्व, स्थिर आर्थिक आंकड़े और आय में वृद्धि शेयरों को आगे ले जाने में अहम योगदान कर रहे हैं जिससे बाजार के भविष्य को लेकर एक तरह का दोबारा आश्वासन और सुरक्षा का अहसास हो रहा है।

फिच रेटिंग्स ने बढ़ाया भारत की वृद्धि का अनुमान

फिच रेटिंग्स ने मंगलवार को इस वित्त वर्ष के लिए भारत की वृद्धि का अनुमान मार्च के 7 फीसदी के मुकाबले बढ़ाकर 7.2 फीसदी कर दिया। कंपनी ने उपभोक्ता खर्च में सुधार और बढ़े निवेश को वृद्धि दर में इजाफे की वजह बताया।

मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज के खुदरा शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार अब तक के सर्वोच्च स्तर पर कारोबार कर रहे हैं, जिसकी अगुआई सकारात्मक आर्थिक आंकड़े कर रहे हैं और अमेरिकी बाजार नई ऊंचाई पर पहुंच रहे हैं।

अग्रिम कर संग्रह में वित्त वर्ष 25 की पहली तिमाही में 27 फीसदी की वृद्धि ने मनोबल को सहारा दिया है। हमें उम्मीद है कि सकारात्मक वैश्विक संकेतों, मजबूत देसी आर्थिक आंकड़ों और आगामी बजट में सरकार के खर्च में बढ़ोतरी के दम पर शेयर बाजारों की यह रफ्तार बरकरार रहेगी।

मंगलवार की वृद्धि व्यापक थी और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 नई ऊंचाई को छू गए। बाजार में चढ़ने व गिरने वाले शेयरों का अनुपात मजबूत रहा और 2,130 शेयर चढ़े जबकि 1,873 में गिरावट आई।

जियोजित फाइनैंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि आगामी बजट को लेकर बाजार सकारात्मक प्रतिक्रिया जता रहा है, जिसके बारे में अनुमान है कि यह वृद्धि और लोकलुभावन के बीच संतुलन बिठाएगा। इसी तरह सकारात्मक वैश्विक संकेतों के अलावा अमेरिका के नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव की ओर स्थिरता से बढ़ने से भी वह संकेत ले रहा है। बाजार में उतारचढ़ाव कम हुआ है जो अल्पावधि के रुझानों में योगदान कर रहा है।

आगे कैसी रहेगी बाजार की चाल?

आईसीआईसीआई बैंक में 1.6 फीसदी का इझाफा हुआ जबकि एचडीएफसी बैंक 0.7 फीसदी चढ़ा और इन दोनों का योगदान सेंसेक्स की बढ़त में सबसे ज्यादा रहा। आने वाले समय में संकेतों के मामले में दरों को लेकर बैंक ऑफ इंग्लैंड का फैसला, अमेरिका के आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के बयान पर नजर रहेगी।

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First Published - June 18, 2024 | 9:21 PM IST

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