Stock Market Closing Bell, Wednesday, April 1, 2026: एशियाई बाजारों से पॉजिटिव रुख के बीच भारतीय शेयर बाजार नए वित्त वर्ष 2026-27 के पहले दिन यानी बुधवार (1 अप्रैल) को बढ़त के साथ खुले। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध दो या तीन हफ्तों में समाप्त हो सकता है। इसका बाजार के सेंटीमेंट्स पर पॉजिटिव असर पड़ा। बाजार में हालिया गिरावट के बाद निचले स्तर पर खरीदारी से भी रिकवरी देखने को मिली। इंडेक्स हैवीवेट एचडीएफ़सी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एलएंडटी के शेयरों में तेजी से इंडेक्स को चढ़ने में मदद मिली। हालांकि, कारोबार के अंत में चुनिंदा शेयरों में मुनाफावसूली से बाजार की दिन की बड़ी बढ़त कम हो गई।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 73,762 अंक पर खुला। जबकि सोमवार को यह 71,947 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान यह 73,964 अंक तक चढ़ गया था। अंत में 1186.77 अंक या 1.65 प्रतिशत की बढ़त लेकर 73,134.32 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) 22,899 पर खुला। यह सोमवार को 22,331 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान यह 22,941 अंक के हाई लेवल तक गया। लेकिन अंत में 348 अंक या 1.56 फीसदी की बढ़त के साथ 22,679 पर बंद हुआ।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड में रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ”भारतीय शेयर बाजारों ने वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत मजबूत रुख के साथ की। यह तेजी अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के उन बयानों के बाद आई, जिनमें पश्चिम एशिया संघर्ष के संभावित समाधान के संकेत मिले। इससे निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता में सुधार हुआ।”
उन्होंने कहा, ”सेक्टर के स्तर पर रक्षात्मक क्षेत्रों से चक्रीय क्षेत्रों की ओर रुझान देखा गया। बैंकिंग, केमिकल, मेटल और रियल एस्टेट सेक्टर इस सत्र के प्रमुख बढ़त वाले रहे। हालांकि, ऊंची बॉन्ड यील्ड और दिन के दौरान उतार-चढ़ाव ने तेजी पर कुछ हद तक अंकुश लगाया। इससे बाजार में बढ़त संतुलित रही, बहुत तेज नहीं। सकारात्मक माहौल के बावजूद, आगे चलकर बदलते भू-राजनीतिक हालात के कारण बाजार अचानक उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील रह सकते हैं।”
सेंसेक्स की कंपनियों में ट्रेंट लिमिटेड और इंडिगो के शेयर 6 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर बंद हुए। अदाणी पोर्ट्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एसबीआई, इटरनल, एलएंडटी, एक्सिस बैंक, टाइटन, एशियन पेण्ट, महिंद्रा एन्ड महिंद्रा और बजाज फाइनेंस प्रमुख रूप से लाभ में रहे। दूसरी तरफ, एनटीपीसी, सन फार्मा, पावर ग्रिड, अल्ट्रा सीमेंट और भारती एयरटेल नुकसान में रहने वाले शेयरों में रहे।
ब्रोडर मार्केट ने प्रमुख इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स क्रमशः 2.24 प्रतिशत और 3.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। सेक्टर के हिसाब से निफ्टी पीएसयू बैंक में सबसे ज्यादा तेजी देखी गई। निफ्टी केमिकल और निफ्टी मीडिया ने भी बेहतर प्रदर्शन किया। वहीं निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी फार्मा गिरावट के साथ बंद हुए।
शेयर बाजार में बुधवार को आई जोरदार तेजी से निवेशकों की वेल्थ में अच्छा इजाफा हुआ है। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप दोपहर 12:21 बजे 4,24,34,466 करोड़ रुपये पर था। जबकि सोमवार को यह 4,11,55,003 करोड़ रुपये था। इस तरह, निवेशकों की वेल्थ में 12,79,463 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है।
एशियाई बाजारों में तेजी देखी गई। कोस्पी इंडेक्स सबसे आगे रहा और इसमें 5 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज हुई। जापान का निक्केई 225 और चीन का सीएसआई 300 क्रमशः 3.9 प्रतिशत और 1.3 प्रतिशत ऊपर कारोबार कर रहे थे।
अमेरिकी शेयर बाजारों में एसएंडपी 500 और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में क्रमशः 2.5 प्रतिशत और 2.9 प्रतिशत की तेजी आई। नैस्डैक कंपोजिट 3.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में कच्चे तेल का उत्पादन फरवरी 2025 के बाद सबसे ज्यादा घटा है।
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रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी में अमेरिकी कच्चे तेल का उत्पादन 4,10,000 बैरल प्रति दिन घटकर 1.325 करोड़ बैरल प्रति दिन रह गया। एशियाई सेशन में ब्रेंट कच्चे तेल (Brent Crude Oil) की कीमतों में भी तेजी रही। ब्रेंट क्रूड का अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट 105.46 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था, जो पिछले बंद भाव से 1.43 प्रतिशत अधिक है।