Stock Market Closing Bell, Monday, April 13, 2026: एशियाई बाजारों में गिरावट के बीच भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के पहले ट्रेडिंग सेशन यानी सोमवार (13 अप्रैल) को गिरावट में बंद हुए। हालांकि, बेंचमार्क इंडेक्स शुरुआती में बड़ी गिरावट से कुछ रिकवर करने में सफल रहे। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की ईरान को नई धमकी से बाजार में एक बार चिंता बढ़ गई। इसका बाजार की धारणा पर देखने को मिला। इंडेक्स हैवीवेट रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी और मारुति के शेयरों में बिकवाली ने बाजार को सबसे ज्यादा नीचे खींचा। इसके अलावा क्रूड ऑइल की कीमतों में तेजी से रुपये पर दबाव पड़ा है।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 75,937.16 अंक पर खुला। जबकि शुक्रवार को यह 77,550 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान यह 75,868 अंक तक गिर गया था। अंत में 702.68 अंक या 0.91 फीसदी की गिरावट लेकर 76,847.57 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट लेकर 23,589.60 पर खुला। शुक्रवार को यह 24050 पर बंद हुआ था। इंट्रा-डे ट्रेड में इसने 23,555 अंक का लो छुआ। अंत में 207.95 अंक या 0.86 फीसदी की गिरावट के साथ 23,842 . 65 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की कंपनियों में मारुति सबसे ज्यादा 4.60 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। इंडिगो, बजाज फाइनेंस, रिलायंस, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक,आईटीसी, इटरनल, एचसीएल टेक और टाइटन प्रमुख रूप से गिरावट में रहे। दूसरी तरफ, आईसीआईसीआई बैंक, एनटीपीसी और एक्सिस बैंक बढ़त में रहने वाले शेयरों में रहे। ब्रोडर मार्केट भी दिन के निचले स्तर से संभलकर बंद हुए। निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स क्रमशः 0.54 प्रतिशत और 0.38 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।
सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी ऑटो और निफ्टी ऑयल एंड गैस में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी आईटी भी कमजोर रहे। वहीं निफ्टी मेटल में साथियों के मुकाबले सबसे कम गिरावट आई। निफ्टी इंडिया डिफेंस सूचकांक ने अधिकांश थीमैटिक इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया।
लाइवलोंग वेल्थ में रिसर्च एनालिस्ट और फाउंडर हरिप्रसाद के ने कहा, ”निफ्टी ने 23,500–23,600 के सपोर्ट ज़ोन के पास शुरुआत की और सत्र के दौरान धीरे-धीरे रिकवरी दिखाई। इंडेक्स ने 23,900 के स्तर टेस्ट किया, जो पहले सपोर्ट के रूप में काम कर चुका था। लेकिन अब यह तुरंत रेजिस्टेंस बन गया है। हालांकि, शुरुआती मुनाफावसूली के कारण यह इस स्तर के ऊपर टिक नहीं पाया, जिससे ऊपरी स्तरों पर स्पष्ट आपूर्ति दबाव दिखाई देता है।”
उन्होंने कहा, ”आगे चलकर 23,900 का स्तर तुरंत रेजिस्टेंस के रूप में बना रह सकता है, जिसके बाद 24,000 का अहम मनोवैज्ञानिक स्तर है। इस स्तर पर उच्च ओपन इंटरेस्ट और पिछले स्विंग हाई का समर्थन है, जिससे यह एक मजबूत सप्लाई ज़ोन बनता है। नीचे की ओर, 23,500–23,600 का दायरा एक महत्वपूर्ण सपोर्ट बना हुआ है, जहां मजबूत खरीदारी देखी गई है। यदि यह स्तर टूटता है, तो इंडेक्स 23,300 और 23,000 तक गिर सकता है, जिन्हें ओपन इंटरेस्ट और पिछले प्राइस स्ट्रक्चर का समर्थन प्राप्त है।”
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने रविवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अमेरिकी नौसेना अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी शुरू करेगी। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब ईरान के साथ लंबी बातचीत के बावजूद युद्ध खत्म करने को लेकर कोई सहमति नहीं बन सकी है और दो हफ्ते का नाजुक संघर्षविराम भी खतरे में पड़ गया है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा कि अमेरिकी नौसेना अब उन सभी जहाजों पर कार्रवाई करेगी जो अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में ईरान को किसी तरह का शुल्क देकर गुजर रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि समुद्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगों को नष्ट करने का काम शुरू किया जाएगा, जिनके बारे में उनका दावा है कि इन्हें ईरान ने लगाया है।
एशियाई बाजार सोमवार सुबह गिरावट में रहे। इस्लामाबाद में हुई बातचीत में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने को लेकर कोई समझौता नहीं हो सका। इससे यह चिंता बढ़ गई कि यह संघर्ष उम्मीद से ज्यादा लंबा चल सकता है। जापान का निक्केई 225 और दक्षिण कोरिया का कोस्पी क्रमशः 0.71 प्रतिशत और 0.75 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहे थे। वहीं चीन का सीएसआई 300 सूचकांक 0.12 प्रतिशत गिरा।
अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स सोमवार सुबह गिरावट में रहे। अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत से मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव फिर बढ़ गया। एसएंडपी 500 और डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल फ्यूचर्स क्रमशः 0.78 प्रतिशत और 0.79 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहे थे। पिछले शुक्रवार को एसएंडपी 500 और डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज क्रमशः 0.11 प्रतिशत और 0.56 प्रतिशत गिरकर बंद हुए थे, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 0.35 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ।
ब्रेंट क्रूड की कीमत सोमवार को 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से ऊपर पहुंच गई। कारोबारियों को अमेरिका-ईरान संघर्ष के चलते होरमुज़ जलडमरूमध्य में आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रहने का डर है। ब्रेंट क्रूड का अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट 6.84 प्रतिशत बढ़कर 101.71 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।